{"_id":"586e8d7c4f1c1ba37815af29","slug":"tight-security-in-jail-till-election","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूबे की 30 जेलों में पोलिंग तक रहेगा खास पहरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूबे की 30 जेलों में पोलिंग तक रहेगा खास पहरा
पुनीत शर्मा
Updated Thu, 05 Jan 2017 11:46 PM IST
विज्ञापन
jail break
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव का शंखनाद होने के साथ ही संवेदनशील जेलों में चौकसी बढ़ा दी गई है। कई कारागार ऐसे हैं जिनमें सियासी धुरंधर और राजनीतिक ताल्लुकात रखने वाले माफिया बंद हैं। इन जेलों में चुनाव आयोग के निर्देश पर पहरेदारी सख्त कर दी गई है। मुलाकातियों का पूरा ब्यौरा तैयार किया जाएगा। आकस्मिक छापामारी के लिए भी दस्ते बनाए गए हैं।
प्रदेश में 69 कारागार हैं। पचास हजार से भी ज्यादा बंदी इन कारागार में निरुद्ध हैं। एक बड़ी संख्या ऐसे बंदियों की भी है जो सियासी ताल्लुकात रखते हैं। कोई किसी पार्टी से जुड़ा है तो कोई किसी पार्टी का नेता है। ये लोग भले ही जेल में हैं लेकिन इनके कहने से एक बड़ा तबका किसी के पक्ष या विरोध में पोलिंग कर सकता है। पिछले दिनों चुनाव आयोग के अफसरों ने जेल अफसरों के साथ मीटिंग करके ऐसे बंदियों के बारे में पूरा डिटेल जानी थी।
एडीजी जेल गोपाल लाल मीना ने बताया कि चुनाव को लेकर वैसे तो सभी जेलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है लेकिन 30 कारागार विशेष पहरे में रहेंगे। अगर जेल प्रशासन को लगता है कि कोई बंदी शांति के लिए खतरा बन रहा है तो उसके बारे में मुख्यालय को रिपोर्ट भेज सकते हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर उसे दूसरी जेल में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि मथुरा, लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, आमजगढ़, कानपुर, झांसी, सुल्तानपुर, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, आगरा, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, नोएडा और मेरठ के जेल में जैमर लगाए जा रहे हैं। कुछ जेलों में जैमर लगाने का काम पूरा हो गया है जबकि कुछ जगह हफ्ते भर में हो जाएगा। हमारा टारगेट चुनाव से पहले सभी जेलों में जैमर लगाने का है। चुनाव आयोग ने भी इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।
विज्ञापन
प्रदेश में 69 कारागार हैं। पचास हजार से भी ज्यादा बंदी इन कारागार में निरुद्ध हैं। एक बड़ी संख्या ऐसे बंदियों की भी है जो सियासी ताल्लुकात रखते हैं। कोई किसी पार्टी से जुड़ा है तो कोई किसी पार्टी का नेता है। ये लोग भले ही जेल में हैं लेकिन इनके कहने से एक बड़ा तबका किसी के पक्ष या विरोध में पोलिंग कर सकता है। पिछले दिनों चुनाव आयोग के अफसरों ने जेल अफसरों के साथ मीटिंग करके ऐसे बंदियों के बारे में पूरा डिटेल जानी थी।
विज्ञापन
एडीजी जेल गोपाल लाल मीना ने बताया कि चुनाव को लेकर वैसे तो सभी जेलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है लेकिन 30 कारागार विशेष पहरे में रहेंगे। अगर जेल प्रशासन को लगता है कि कोई बंदी शांति के लिए खतरा बन रहा है तो उसके बारे में मुख्यालय को रिपोर्ट भेज सकते हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर उसे दूसरी जेल में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि मथुरा, लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, आमजगढ़, कानपुर, झांसी, सुल्तानपुर, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, आगरा, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, नोएडा और मेरठ के जेल में जैमर लगाए जा रहे हैं। कुछ जेलों में जैमर लगाने का काम पूरा हो गया है जबकि कुछ जगह हफ्ते भर में हो जाएगा। हमारा टारगेट चुनाव से पहले सभी जेलों में जैमर लगाने का है। चुनाव आयोग ने भी इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।