मथुरा में दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर रजबहा में गिरी, तीन युवकों की मौत
कार में सवार तीन युवक कोसी से कामर गांव की तरफ जा रहे थे कि तभी इनकी तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर हुलवाना गांव के पास स्थित रजबहा में गिरकर पलट गई। जिससे कार में पानी भर गया और तीनों युवकों की पानी में दम घुटने से मौत हो गई।
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मथुरा जिले के कोसीकलां क्षेत्र में सोमवार रात को तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर रजबहा में पलट गई। इससे उसमें सवार तीन युवकों की मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला गया।
सोमवार रात करीब 11:45 बजे एक कार में सवार तीन युवक कोसी से कामर गांव की तरफ जा रहे थे। हुलवाना गांव के पास स्थिति नंदगांव रजबहा के पास कार अनियंत्रित हो गई और रजबहा में गिर गई। इससे कार का लॉक नहीं खुला और उसमें पानी भर गया।तीनों युवकों की पानी में दम घुटने से मौत हो गई।
जानकारी पर प्रभारी निरीक्षक प्रमोद पवार, बठैनगेट चौकी प्रभारी देवपाल फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने राहगीरों की मदद से कार के शीशे तोड़कर युवकों को निकाला। तीनों को अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इसकी जानकारी मृतकों के परिजनों को दी। युवकों की मौत की खबर सुनकर परिजनों में कोहराम मच गया।
एसपी ग्रामीण श्रीशचंद ने बताया कि कार में सवार मृतकों की शिनाख्त वीरपाल 35 वर्ष निवासी गांव धामाका, पलवल, राकेश 28 वर्ष और ब्रजेश 35 वर्ष पुत्र सोहनलाल निवासी गांव महेशपुर, थाना सदर पलवल, हरियाणा के रुप में हुई। वीरपाल गांव कादौना से अपनी रिश्तेदारी से लौट रहा था, तभी यह हादसा हुआ।
छह माह पहले भी हुआ था हादसा
छह माह पहले नंदगांव रजबहा की टूटी पुलिया में कार गिरने के बाद भी अफसर नहीं चेते। तब कार सवार युवक-युवती की मौत हुई थी। सोमवार को एक कार फिर रजबहा में गिर गई। इससे तीन युवकों की मौत हो गई। यदि पुलिया की दीवार सही होती तो शायद सोमवार रात को कार रजबहा में डूबने से तीन युवकों की मौत नहीं होती।
कोसी- कामर मार्ग पर गांव हुलवाना के पास नंदगांव रजबहा पर पुलिया की दीवार कई वर्षो से टूटी पड़ी है, इसे सही कराने के लिए ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन से गुहार लगाई। लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहे। पुलिया के दोनों ओर सुरक्षा दीवार नही हैं। नियम है कि पुलिया के दोनों ओर रेडियम की पट्टियों से संकेतक बनवाने के साथ खतरे का निशान बना होना चाहिए। लेकिन, यहां ऐसा कुछ भी नहीं है।
इस मार्ग से गुजरने वाले तेज रफ्तार वाहन अक्सर अनियंत्रित होकर रजबहा में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। अगर पुलिया पर संकेतक होता तो शायद तीन युवकों को अपनी जान न गंवानी पड़ती। तीनों युवकों के छोटे-छोटे बच्चे, पत्नी एवं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।