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Mathura News: तीन माह से चल रहा था टीला काटकर दीवार बनाने का कार्य
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मथुरा। हादसे के बाद पड़ा मलबा।
- फोटो : mathura
मथुरा। टीले के निचले हिस्से में खाली प्लॉट में करीब तीन माह से टीला की नींव काटकर दीवार बनाने का कार्य चल रहा था। जेसीबी से टीले के निचले हिस्से से मिट्टी हटाई जा रही थी। इस दौरान रविवार सुबह 11:55 बजे मिट्टी एक बड़ा हिस्सा हटने से टीला भरभराकर ढह गया। काम कर रहे करीब छह मजदूर, एक ट्रैक्टर मलबे में दब गया। जेसीबी चालक और ठेकेदार मौका पाकर वहां से भाग निकले।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है यह प्लॉट व्यापारी सुनील चैन का है। प्लॉट के एक हिस्से में पार्किंग बनी हुई है। चौकीदार पवन ने बताया है कि वह इस प्लॉट की 15 साल से देखरेख कर रहे हैं। रविवार सुबह करीब आठ बजे जेसीबी और करीब छह मजदूरों से मिट्टी हटाने का कार्य शुरू हुआ था। सुबह 11:55 बजे वह नहाने गए थे, लौटकर आए तो देखा कि टीला ढहने से आसमान में धूल के गुबार उठ रहे हैं।
हादसे के बाद वहीं मौजूद ठेकेदार और जेसीबी चालक मौका पाकर भाग निकले। लगभग 70 फुट ऊंचे माया टीले पर करीब सात से आठ दर्जन मकान बने हैं। इनमें से छह मकान ढह गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अवैध तरीके से तीन माह से टीला काटकर जमीन प्लॉट में मिलाने का कार्य चल रहा था। फिलहाल जिला प्रशासन मामले की जांच में जुटा हैं। अभी कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश
जिलाधिकारी ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए एडीएम एफआर डॉ. पंकज वर्मा को नामित किया है। जिलाधिकारी सीपी सिंह का कहना है कि यह प्रकरण बहुत ही गंभीर है। जनहानि पर मुख्यमंत्री ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इसमें जो भी व्यक्ति दोषी होंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।
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प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है यह प्लॉट व्यापारी सुनील चैन का है। प्लॉट के एक हिस्से में पार्किंग बनी हुई है। चौकीदार पवन ने बताया है कि वह इस प्लॉट की 15 साल से देखरेख कर रहे हैं। रविवार सुबह करीब आठ बजे जेसीबी और करीब छह मजदूरों से मिट्टी हटाने का कार्य शुरू हुआ था। सुबह 11:55 बजे वह नहाने गए थे, लौटकर आए तो देखा कि टीला ढहने से आसमान में धूल के गुबार उठ रहे हैं।
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हादसे के बाद वहीं मौजूद ठेकेदार और जेसीबी चालक मौका पाकर भाग निकले। लगभग 70 फुट ऊंचे माया टीले पर करीब सात से आठ दर्जन मकान बने हैं। इनमें से छह मकान ढह गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अवैध तरीके से तीन माह से टीला काटकर जमीन प्लॉट में मिलाने का कार्य चल रहा था। फिलहाल जिला प्रशासन मामले की जांच में जुटा हैं। अभी कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश
जिलाधिकारी ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए एडीएम एफआर डॉ. पंकज वर्मा को नामित किया है। जिलाधिकारी सीपी सिंह का कहना है कि यह प्रकरण बहुत ही गंभीर है। जनहानि पर मुख्यमंत्री ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इसमें जो भी व्यक्ति दोषी होंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।