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Mathura News: दूसरी शादी करने पर पति को 3 तथा सास को 1 साल की जेल
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मथुरा। दहेज के लिए पहली पत्नी को मारपीट कर घर से निकालकर दूसरी शादी करने पर पति और उसकी मां को सिविल जज (जूडि), त्वरित न्यायालय (महिला विरुद्ध अपराध) ने बुधवार को सजा सुनाई। कोर्ट ने विवाहिता के पति को तीन साल की जेल व 40 हजार रुपये का अर्थदंड तथा सास को एक साल की जेल और 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
हाईवे थाना क्षेत्र के मोतीकुंज निवासी देवेंद्र सिंह ने 20 फरवरी 2016 को महिला थाने में शैलेंद्र सिंह, शशी रानी समेत 15 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। दर्ज रिपोर्ट के अनुसार देवेंद्र सिंह ने 28 फरवरी 2002 को अपनी बहन वैशाली का विवाह शैलेंद्र सिंह के साथ कराया। शादी में 16 लाख रुपये खर्च हुए, लेकिन इससे बहन के ससुरालीजन संतुष्ट नहीं हुए। चार लाख रुपये की मांग करते हुए उनकी बहन का उत्पीड़न शुरु कर दिया। 9 जून 2006 को वैशाली के गले में फंदा डालकर उसकी हत्या का प्रयास भी किया गया। इसके बाद 6 जनवरी 2013 को ससुराल वालों ने शैलेंद्र का संभल में दूसरा विवाह करा दिया।
इस मामले की सुनवाई सिविल जज (जूडि), त्वरित न्यायालय (महिला विरूद्ध अपराध) कोर्ट में हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने पति और सास को बचाने के लिए काफी दलील दीं, लेकिन सरकारी अधिवक्ता के समक्ष उनकी कोई दलील काम नहीं आई। कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट, साक्ष्य और गवाहों के आधार पर सजा सुनाई।
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हाईवे थाना क्षेत्र के मोतीकुंज निवासी देवेंद्र सिंह ने 20 फरवरी 2016 को महिला थाने में शैलेंद्र सिंह, शशी रानी समेत 15 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। दर्ज रिपोर्ट के अनुसार देवेंद्र सिंह ने 28 फरवरी 2002 को अपनी बहन वैशाली का विवाह शैलेंद्र सिंह के साथ कराया। शादी में 16 लाख रुपये खर्च हुए, लेकिन इससे बहन के ससुरालीजन संतुष्ट नहीं हुए। चार लाख रुपये की मांग करते हुए उनकी बहन का उत्पीड़न शुरु कर दिया। 9 जून 2006 को वैशाली के गले में फंदा डालकर उसकी हत्या का प्रयास भी किया गया। इसके बाद 6 जनवरी 2013 को ससुराल वालों ने शैलेंद्र का संभल में दूसरा विवाह करा दिया।
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इस मामले की सुनवाई सिविल जज (जूडि), त्वरित न्यायालय (महिला विरूद्ध अपराध) कोर्ट में हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने पति और सास को बचाने के लिए काफी दलील दीं, लेकिन सरकारी अधिवक्ता के समक्ष उनकी कोई दलील काम नहीं आई। कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट, साक्ष्य और गवाहों के आधार पर सजा सुनाई।
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