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Lunar Eclipse: चंद्रग्रहण पर बांकेबिहारी मंदिर के दर्शन समय में बदलाव, नोट कीजिए पट खुलने की टाइमिंग
Wed, 03 Sep 2025 12:58 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 03 Sep 2025 12:58 PM IST
सार
वर्ष 2025 के आखिरी चंद्र ग्रहण पर वृंदावन के ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के समय में परिवर्तन किया गया है। सात नवंबर को पड़ने वाले चंद्रग्रहण के सूतककाल से कारण सुबह 5.30 बजे ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन खुलेंगे और 8.15 बजे पट बंद हो जाएंगे।
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चंद्र ग्रहण के कारण वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर के दर्शन समय में परिवर्तन
- फोटो : संवाद
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विस्तार
वृंदावन में भाद्रपद पूर्णिमा पर 7 सितंबर को वर्ष का दूसरा चंद्रग्रहण लगेगा। यह चंद्रग्रहण रात 9:58 बजे से लेकर रात 1:26 बजे तक रहेगा। ग्रहण से 9 घंटे पूर्व दोपहर 12:57 बजे से सूतक काल आरंभ हो जाएगा। इसके चलते ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के दर्शन और आरती समय में परिवर्तन किया गया है।
मंदिर प्रबंधक मुनीश शर्मा ने बताया कि चंद्रग्रहण वाले दिन 7 सितंबर को मंदिर के पट सुबह 5:30 बजे खोले जाएंगे और दर्शन दोपहर 12:30 बजे तक ही होंगे। सुबह 5:30 बजे पट खुलेंगे और दर्शन प्रारंभ होंगे, 5:40 बजे पर शृंगार आरती होगी और 8:10 बजे राजभोग आरती होगी और 8:15 बजे पर राजभोग सेवा के दर्शन समाप्त होंगे।
10:00 बजे से 12:25 बजे तक शयनभोग सेवा के दर्शन होंगे। 12:30 बजे मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे। चूंकि सूतक काल दोपहर 12:57 बजे से शुरू हो जाएगा, इसलिए संध्या समय के दर्शन और आरती नहीं होंगे। मंदिर दिनभर बंद रहेगा और रात्रि में ग्रहण के समय भी मंदिर में कोई सेवा या दर्शन नहीं होंगे।
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मंदिर प्रबंधक मुनीश शर्मा ने बताया कि चंद्रग्रहण वाले दिन 7 सितंबर को मंदिर के पट सुबह 5:30 बजे खोले जाएंगे और दर्शन दोपहर 12:30 बजे तक ही होंगे। सुबह 5:30 बजे पट खुलेंगे और दर्शन प्रारंभ होंगे, 5:40 बजे पर शृंगार आरती होगी और 8:10 बजे राजभोग आरती होगी और 8:15 बजे पर राजभोग सेवा के दर्शन समाप्त होंगे।
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10:00 बजे से 12:25 बजे तक शयनभोग सेवा के दर्शन होंगे। 12:30 बजे मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे। चूंकि सूतक काल दोपहर 12:57 बजे से शुरू हो जाएगा, इसलिए संध्या समय के दर्शन और आरती नहीं होंगे। मंदिर दिनभर बंद रहेगा और रात्रि में ग्रहण के समय भी मंदिर में कोई सेवा या दर्शन नहीं होंगे।
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