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दस दिवसीय शतचण्डी महामहोत्सव का पूर्णाहुति के बाद विश्राम
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वृंदावन। गोपीनाथ बाजार स्थित श्रीकृष्णकाली पीठ में शारदीय नवरात्रि के उपलक्ष्य में चल रहे 10 दिवसीय शतचंडी महोत्सव का शुक्रवार को विश्राम हो गया। यज्ञ में कृष्ण काली पीठाधीश्वर डॉ. केशवाचार्य महाराज के आचार्यत्व में संतों, विप्रों-प्रतिष्ठित जनों और भक्त श्रद्धालुओं ने पूर्णाहुति दी। मुख्य अतिथि गोवर्धन क्षेत्र के विधायक ठाकुर कारिंदा सिंह ने कहा कि मैं श्रीकृष्ण कालीपीठ के दर्शन कर अभिभूत हो गया। साथ ही मुझे यहां दिव्य परमाणुओं की अनुभूति हुई। ऐसे धर्मस्थलों से ही पृथ्वी पर धर्म व अध्यात्म का अस्तित्व है।
श्रीकृष्ण काली पीठाधीश्वर डॉ. केशवाचार्य महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण काली पीठ में प्रतिवर्ष दोनों नवरात्रि में विश्वशांति एवं विश्वकल्याणार्थ शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया जाता है। यह महोत्सव पिछले लगभग 40 वर्षों से आयोजित हो रहा है। यहां जो जिस कामना से आता है, उसकी वह कामना काली मैया निश्चित ही पूरा करती हैं। ब्रज सेवा संस्थान के अध्यक्ष डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि सर्वशक्ति स्वरूपा मां दुर्गा जन-जन की आराध्य हैं।
इसीलिए दोनों नवरात्रि में इनकी पूजा-अर्चना न केवल अपने देश के प्रत्येक कोने में अपितु समूचे विश्व में होती है। रालोद के राष्ट्रीय प्रवक्ता पंडित योगेश द्विवेदी व पूर्व प्राचार्य डॉ. विनोद बनर्जी ने कहा कि श्रीकृष्ण काली पीठ श्रीधाम वृंदावन का प्राचीन एवं सिद्ध स्थल है। महोत्सव में पार्षद राजेश पंडित, हेमंत भारती, महेश चंद्र शर्मा, चन्द्र प्रताप सिंह सिकरवार, आदित्य आचार्य, युवा साहित्यकार राधाकांत शर्मा, अभिलाष आचार्य, विष्णु शर्मा, दयाल कृष्ण गोस्वामी, पवन शास्त्री, यमुना द्विवेदी,वसुधा गोपाल, कल्पना आचार्य थे।
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श्रीकृष्ण काली पीठाधीश्वर डॉ. केशवाचार्य महाराज ने कहा कि श्रीकृष्ण काली पीठ में प्रतिवर्ष दोनों नवरात्रि में विश्वशांति एवं विश्वकल्याणार्थ शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया जाता है। यह महोत्सव पिछले लगभग 40 वर्षों से आयोजित हो रहा है। यहां जो जिस कामना से आता है, उसकी वह कामना काली मैया निश्चित ही पूरा करती हैं। ब्रज सेवा संस्थान के अध्यक्ष डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि सर्वशक्ति स्वरूपा मां दुर्गा जन-जन की आराध्य हैं।
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इसीलिए दोनों नवरात्रि में इनकी पूजा-अर्चना न केवल अपने देश के प्रत्येक कोने में अपितु समूचे विश्व में होती है। रालोद के राष्ट्रीय प्रवक्ता पंडित योगेश द्विवेदी व पूर्व प्राचार्य डॉ. विनोद बनर्जी ने कहा कि श्रीकृष्ण काली पीठ श्रीधाम वृंदावन का प्राचीन एवं सिद्ध स्थल है। महोत्सव में पार्षद राजेश पंडित, हेमंत भारती, महेश चंद्र शर्मा, चन्द्र प्रताप सिंह सिकरवार, आदित्य आचार्य, युवा साहित्यकार राधाकांत शर्मा, अभिलाष आचार्य, विष्णु शर्मा, दयाल कृष्ण गोस्वामी, पवन शास्त्री, यमुना द्विवेदी,वसुधा गोपाल, कल्पना आचार्य थे।
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