{"_id":"587a6d174f1c1b2e53ba8074","slug":"tempreture-reached-at-0-degree-c-in-mathura","type":"story","status":"publish","title_hn":"सर्द हवाओं से कांपी सुबह, पाले से जमी रातें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सर्द हवाओं से कांपी सुबह, पाले से जमी रातें
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 14 Jan 2017 11:55 PM IST
विज्ञापन
सर्दी ने किया परेशान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कान्हा की नगरी में सर्दी का सितम और बढ़ा है। शनिवार को न्यूनतम तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सर्द हवाओं से शनिवार की सुबह कांप गई जबकि पाले से रात जम गई। शनिवार की शाम से ही हालात ठंड के ‘कर्फ्यू’ के समान रहे। शाम ढलने के साथ सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। इससे फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। आलू और सरसों सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
इस समय मथुरा में आसपास के जनपदों से भी ज्यादा ठंड है। शनिवार को न्यूनतम तापमान और गिरा। देहात क्षेत्र में ये 0.5 डिग्री सेल्सियस रहा। सर्द हवाओं ने हर किसी को घरों में कैद होने के लिए मजबूर कर दिया। मार्निंग वॉक ट्रैक पर भी लोगों की संख्या निरंतर कम हो रही है। दोपहर को बारह बजे धूप तो निकली लेकिन हवाओं के कारण धूप कुछ राहत नहीं पहुंचा सकी थी।
बाजारों पर भी मौसम का असर साफ नजर आ रहा था। जो बाजार रात को आठ बजे तक भी गुलजार रहता था वहां शाम को पांच बजे से ही सन्नाटा पसरने लगा। ग्रामीण इलाकों में तापमान और भी कम रिकार्ड किया जा रहा है। रात को तो पाला पड़ रहा है। पाला पड़ने से फसलें भी झुलसने लगी हैं। घास और फसलों पर पाले की बर्फ जैसी चादर बिछ जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस समय मथुरा में आसपास के जनपदों से भी ज्यादा ठंड है। शनिवार को न्यूनतम तापमान और गिरा। देहात क्षेत्र में ये 0.5 डिग्री सेल्सियस रहा। सर्द हवाओं ने हर किसी को घरों में कैद होने के लिए मजबूर कर दिया। मार्निंग वॉक ट्रैक पर भी लोगों की संख्या निरंतर कम हो रही है। दोपहर को बारह बजे धूप तो निकली लेकिन हवाओं के कारण धूप कुछ राहत नहीं पहुंचा सकी थी।
विज्ञापन
बाजारों पर भी मौसम का असर साफ नजर आ रहा था। जो बाजार रात को आठ बजे तक भी गुलजार रहता था वहां शाम को पांच बजे से ही सन्नाटा पसरने लगा। ग्रामीण इलाकों में तापमान और भी कम रिकार्ड किया जा रहा है। रात को तो पाला पड़ रहा है। पाला पड़ने से फसलें भी झुलसने लगी हैं। घास और फसलों पर पाले की बर्फ जैसी चादर बिछ जाती है।
विज्ञापन