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छाता शुगर मिल आंदोलन: एडीएम, सीओ संग वार्ता विफल
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छाता। क्षेत्र की लंबे समय से बंद पड़ी छाता शुगर मिल को पुनः चालू कराने की मांग को लेकर भूतपूर्व सैनिक परिषद के बैनर तले मिल के मुख्य गेट पर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन लगातार जारी है। शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई वार्ता बेनतीजा रही। विभिन्न राजनीतिक दलों और किसान संगठनों के समर्थन में उतरने से आंदोलन में हलचल तेज हो गई है।
धरना स्थल की संवेदनशीलता को देखते हुए एडीएम अखिलेश कुमार और सीओ भूषण वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ललित कुमार सूबेदार और प्रदर्शनकारियों से काफी देर तक वार्ता कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन वार्ता विफल रही। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक शासन लखनऊ स्तर से कोई जिम्मेदार अधिकारी आकर मिल शुरू करने का आधिकारिक और लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक धरना जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने अपना ज्ञापन भी केवल शासन स्तरीय अधिकारियों को ही सौंपने का ऐलान किया। आंदोलन स्थल पर नेताओं का जमावड़ा लगा रहा। समाजवादी पार्टी के नेता लोकमणिकांत जादौन तथा राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के नेता जगदीश सुपानिया धरना स्थल पहुंचे और सरकार से मिल को तुरंत चालू करने की मांग की।
इसके बाद वरिष्ठ नेता कुंवर नरेंद्र सिंह और किसान नेता उमेश पंडित भी समर्थन देने पहुंचे। धरना स्थल पर व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों को लेकर कुंवर नरेंद्र सिंह की वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ तीखी झड़प हुई। इससे पूर्व श्री राजपूत करणी सेना के मण्डल अध्यक्ष सीताराम भी अपने समर्थकों साथ पहुंचे।
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अखिल भारतीय काग्रेस कमेटी के सदस्य उमेश पंडित ने कहा कि वह आंदोलन के लिए अब तक 50 लाख रुपये से अधिक खर्च कर चुके हैं और किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेंगे। धरना स्थल पर लगातार बढ़ रही भीड़ और किसान संगठनों के जुड़ाव को देखते हुए आंदोलन बड़ा रूप लेता नजर आ रहा है।
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प्रदर्शनकारियों ने कोई ज्ञापन नही दिया है केवल मौखिक रूप से बताया है उसी आधार पर आगे सूचना भेज दी जायेगी। इनका कहना है कि जब तक शुगर मिल चालू नही होगी तब तक धारना चलेगा। - अखिलेश कुमार, उपजिलाधिकारी छाता
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धरना स्थल की संवेदनशीलता को देखते हुए एडीएम अखिलेश कुमार और सीओ भूषण वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ललित कुमार सूबेदार और प्रदर्शनकारियों से काफी देर तक वार्ता कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन वार्ता विफल रही। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक शासन लखनऊ स्तर से कोई जिम्मेदार अधिकारी आकर मिल शुरू करने का आधिकारिक और लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक धरना जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने अपना ज्ञापन भी केवल शासन स्तरीय अधिकारियों को ही सौंपने का ऐलान किया। आंदोलन स्थल पर नेताओं का जमावड़ा लगा रहा। समाजवादी पार्टी के नेता लोकमणिकांत जादौन तथा राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के नेता जगदीश सुपानिया धरना स्थल पहुंचे और सरकार से मिल को तुरंत चालू करने की मांग की।
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इसके बाद वरिष्ठ नेता कुंवर नरेंद्र सिंह और किसान नेता उमेश पंडित भी समर्थन देने पहुंचे। धरना स्थल पर व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों को लेकर कुंवर नरेंद्र सिंह की वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ तीखी झड़प हुई। इससे पूर्व श्री राजपूत करणी सेना के मण्डल अध्यक्ष सीताराम भी अपने समर्थकों साथ पहुंचे।
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अखिल भारतीय काग्रेस कमेटी के सदस्य उमेश पंडित ने कहा कि वह आंदोलन के लिए अब तक 50 लाख रुपये से अधिक खर्च कर चुके हैं और किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेंगे। धरना स्थल पर लगातार बढ़ रही भीड़ और किसान संगठनों के जुड़ाव को देखते हुए आंदोलन बड़ा रूप लेता नजर आ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने कोई ज्ञापन नही दिया है केवल मौखिक रूप से बताया है उसी आधार पर आगे सूचना भेज दी जायेगी। इनका कहना है कि जब तक शुगर मिल चालू नही होगी तब तक धारना चलेगा। - अखिलेश कुमार, उपजिलाधिकारी छाता