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श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण: कोर्ट में दोनों पक्षों ने रखे अपने-अपने तर्क, अब 18 अगस्त को होगी वार्ता
Fri, 07 Aug 2026 10:06 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Arun Parashar
Updated Fri, 07 Aug 2026 10:06 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट ने लोक अदालत में दोनों पक्षों के बीच समझौता वार्ता का आदेश दिया था। पहली वार्ता चार जुलाई को हुई थी। इसमें दोनों पक्षों को बुलाया गया था और हिंदू पक्षकारों ने कहा था कि ईदगाह मस्जिद हटा ली जाए और अन्य स्थान पर मस्जिद के लिए भूमि उपलब्ध कराएंगे, लेकिन शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ था।
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श्रीकृष्ण जन्मभूमि।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही मस्जिद ईदगाह के मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लोक अदालत में दोनों पक्षों के बीच फिर वार्ता हुई। दोनों पक्षों ने अपने-अपने पक्ष रखे। हिंदू पक्ष की ओर से कहा है कि ईदगाह मस्जिद हटा ली जाए और अन्य स्थान पर मस्जिद के लिए भूमि उपलब्ध करा दी जाएगी। इस पर ईदगाह कमेटी पक्ष ने कहा कि कमेटी 1968 में जो समझौता हुआ था उसी पर कायम रहेंगे। हालांकि अब 18 अगस्त को फिर दोनों पक्षों के बीच वार्ता होगी।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही मस्जिद ईदगाह प्रकरण इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। कुछ लोगों ने जून में सुप्रीम कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर मांग की कि दोनों पक्षों के बीच विवाद को समझौता वार्ता प्रयास किया जाए। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने लोक अदालत में दोनों पक्षों के बीच समझौता वार्ता का आदेश दिया था। पहली वार्ता चार जुलाई को हुई थी। इसमें दोनों पक्षों को बुलाया गया था और हिंदू पक्षकारों ने कहा था कि ईदगाह मस्जिद हटा ली जाए और अन्य स्थान पर मस्जिद के लिए भूमि उपलब्ध कराएंगे, लेकिन शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ था। उन्होंने कहा था कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। समझौता वार्ता की जरूरत नहीं है।
हालांकि शुक्रवार को दूसरी बार अपर जिला जज चतुर्थ अरविंद कुमार की ओर से विशेष लोक अदालत में समझौता वार्ता का प्रयास किया। वार्ता में हिंदू पक्ष की ओर से अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह, मुकेश खंडेलवाल, अजय प्रताप सिंह, विजय बहादुर सिंह, दिनेश फलाहारी आदि मौजूद रहे। वहीं ईदगाह कमेटी से तनवीर अहमद मौजूद रहे। ईदगाह कमेटी के सचिव तनवीर अहमद ने बताया कि कमेटी और श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ के बीच वर्ष 1968 में ही समझौता हो गया था। इसकी कोर्ट से डिक्री भी हो गई। अब तो समझौते का कोई मतलब ही नहीं है। अब एक बार फिर 18 अगस्त को समझौता वार्ता होगी।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही मस्जिद ईदगाह प्रकरण इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। कुछ लोगों ने जून में सुप्रीम कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर मांग की कि दोनों पक्षों के बीच विवाद को समझौता वार्ता प्रयास किया जाए। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने लोक अदालत में दोनों पक्षों के बीच समझौता वार्ता का आदेश दिया था। पहली वार्ता चार जुलाई को हुई थी। इसमें दोनों पक्षों को बुलाया गया था और हिंदू पक्षकारों ने कहा था कि ईदगाह मस्जिद हटा ली जाए और अन्य स्थान पर मस्जिद के लिए भूमि उपलब्ध कराएंगे, लेकिन शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ था। उन्होंने कहा था कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। समझौता वार्ता की जरूरत नहीं है।
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हालांकि शुक्रवार को दूसरी बार अपर जिला जज चतुर्थ अरविंद कुमार की ओर से विशेष लोक अदालत में समझौता वार्ता का प्रयास किया। वार्ता में हिंदू पक्ष की ओर से अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह, मुकेश खंडेलवाल, अजय प्रताप सिंह, विजय बहादुर सिंह, दिनेश फलाहारी आदि मौजूद रहे। वहीं ईदगाह कमेटी से तनवीर अहमद मौजूद रहे। ईदगाह कमेटी के सचिव तनवीर अहमद ने बताया कि कमेटी और श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ के बीच वर्ष 1968 में ही समझौता हो गया था। इसकी कोर्ट से डिक्री भी हो गई। अब तो समझौते का कोई मतलब ही नहीं है। अब एक बार फिर 18 अगस्त को समझौता वार्ता होगी।
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