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हड़ताल से अटका एक हजार करोड़
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 28 Feb 2017 11:34 PM IST
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बैंक कर्मियों की हड़ताल
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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले मंगलवार को बैंक कर्मी हड़ताल पर रहे। इसके चलते जिले की करीब 250 बैंक शाखाओं पर ताले लटके रहे। क्लीयरिंग हाउस में करोड़ाें के चेक और भुगतान अटक गए। बैंककर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन भी किया।
बैंक कर्मचारियों ने बैंक में जमा ब्याज दरों के लगातार कम होने, बैंक ऋण न चुकाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने सहित कुल 11 मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। संगठन के केंद्रीय समिति सदस्य केएच पांडेय ने कहा कि देशभर की बैंकों में अफसर, कर्मचारियों की कमी है। सरकार पढ़े-लिखे लोगों को रोजगार न देकर आउट सोर्सिंग कर रही है।
स्टेट बैंक स्टॉफ एसोसिएशन के विश्वनाथ गुप्ता ने कहा कि बैंक से ऋण लेने वालों से वसूली भी कड़ाई के साथ की जानी चाहिए। वामन जी चतुर्वेदी, गजेंद्र सिंह, नरेश शर्मा, गुलशन चावला, नागेंद्र चतुर्वेदी, सुंदर किशनानी, बीएस अग्रवाल, घनश्याम सिंह लोधी, अनिल जैन, नरेश चतुर्वेदी, देवकुमार, पंकज शर्मा, वीरेंद्र, मशीन वर्मा, नितिन गर्ग, आलोक, मुरारी लाल शर्मा, अशोक कुमार, शिशिर भार्गव आदि उपस्थित रहे।
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दो दिन का भुगतान अटका
शुक्रवार से लेकर रविवार तक तीन दिन बैंक बंद रहीं। सोमवार को क्लीयरिंग लगी। इस क्लीयरिंग का मंगलवार को भुगतान होना था। मंगलवार को हड़ताल के चलते लगभग 500 करोड़ का भुगतान रुक गया। इधर हड़ताल के चलते सोमवार को क्लीयरिंग हाउस पहुंचे लगभग पांच सौ करोड़ के चेक और ड्रॉफ्ट भी फंस गए।
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बैंक कर्मचारियों ने बैंक में जमा ब्याज दरों के लगातार कम होने, बैंक ऋण न चुकाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने सहित कुल 11 मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। संगठन के केंद्रीय समिति सदस्य केएच पांडेय ने कहा कि देशभर की बैंकों में अफसर, कर्मचारियों की कमी है। सरकार पढ़े-लिखे लोगों को रोजगार न देकर आउट सोर्सिंग कर रही है।
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स्टेट बैंक स्टॉफ एसोसिएशन के विश्वनाथ गुप्ता ने कहा कि बैंक से ऋण लेने वालों से वसूली भी कड़ाई के साथ की जानी चाहिए। वामन जी चतुर्वेदी, गजेंद्र सिंह, नरेश शर्मा, गुलशन चावला, नागेंद्र चतुर्वेदी, सुंदर किशनानी, बीएस अग्रवाल, घनश्याम सिंह लोधी, अनिल जैन, नरेश चतुर्वेदी, देवकुमार, पंकज शर्मा, वीरेंद्र, मशीन वर्मा, नितिन गर्ग, आलोक, मुरारी लाल शर्मा, अशोक कुमार, शिशिर भार्गव आदि उपस्थित रहे।
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दो दिन का भुगतान अटका
शुक्रवार से लेकर रविवार तक तीन दिन बैंक बंद रहीं। सोमवार को क्लीयरिंग लगी। इस क्लीयरिंग का मंगलवार को भुगतान होना था। मंगलवार को हड़ताल के चलते लगभग 500 करोड़ का भुगतान रुक गया। इधर हड़ताल के चलते सोमवार को क्लीयरिंग हाउस पहुंचे लगभग पांच सौ करोड़ के चेक और ड्रॉफ्ट भी फंस गए।