फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   special belief on Bhai Dooj gives salvation from untimely death devotees camped

Bhai Dooj 2024: भाई दूज पर ये विशेष मान्यता, अकाल मृत्यु से मिलती है मुक्ति...श्रद्धालुओं ने डाला डेरा

Sun, 03 Nov 2024 12:14 AM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sun, 03 Nov 2024 12:14 AM IST
सार

 भाई दूज पर लाखों श्रद्धालु यमुना में आस्था की डुबकी लगाएंगे। यमुना महारानी और धर्मराज का पूजन होगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर निगम ने घाटों पर विशेष इंतजाम किए हैं। 
 

विज्ञापन
special belief on Bhai Dooj gives salvation from untimely death devotees camped
ऐतिहासिक विश्राम घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मथुरा में यम द्वितीया पर्व रविवार को मनाया जाएगा। देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालु यमुना में आस्था की डुबकी लगाएंगे और यमुना महारानी और धर्मराज का पूजन करेंगे। यम की फांस से मुक्ति पाने की अभिलाषा लिए गुजरात, महाराष्ट्र एवं बिहार सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने शनिवार को मथुरा में डेरा डाल दिया है। श्रद्धालु रविवार भोर में ये यमुना में डुबकी लगाएंगे। इसके लिए नगर निगम एवं पुलिस प्रशासन ने पर्याप्त इंतजाम कर लिए हैं।
विज्ञापन



 

शहर के विश्राम घाट सहित उसके आसपास के सभी घाटों पर नगर निगम ने श्रद्धालुओं के सुरक्षित और सुगम यमुना स्नान के लिए बल्लियों से बैरीकेडिंग की है। यमुना में 10 से 15 फीट तक श्रद्धालुओं के स्नान के लिए बल्लियां लगाई गई हैं। इसके बाद यमुना के गहरे पानी की जानकारी श्रद्धालुओं के देने के लिए जगह-जगह सचेतक बोर्ड लगाए गए हैं। इसके अलावा घाटों पर महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मी और 20 गोताखोर लगाए हैं।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

महिलाओं को कपड़े बदलने के लिए यमुना के दोनों ओर 10 अस्थायी चेंजिंग रूम भी बनाए हैं। विश्राम घाट और उससे सटे राजा घाट पर खोया-पाया केंद्र एक दिन पहले ही सक्रिय हो गया है। नगर निगम ने इसके लिए एक कंट्रोल रूम विश्राम घाट तैयार किया गया है। अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार ने बताया कि यम द्वितीया को लेकर सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं। नगर निगमकर्मियों की शनिवार रात से ही ड्यूटी शुरू हो गई। घाटों पर सफाई, विद्युत प्रकाश के लिए एलईडी लाइट लगाई गई है। नगर आयुक्त शशांक चौधरी ने बताया कि यम द्वितीया स्नान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सफाई के लिए देर शाम से भी टीमों ने काम करना शुरू कर दिया है। निगरानी के लिए यमुना के घाटों पर कर्मचारी तैनात किए गए हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वह निर्धारित स्थान पर ही स्नान करें।
 
 
विज्ञापन

भाई-बहन हाथ पकड़कर लगाते हैं यमुना में डुबकी
भाई-बहन के अटूट प्रेम का त्योहार भैयादूज रविवार को देश भर में मनाया जा रहा है लेकिन मथुरा में इसकी अलग ही मान्यता है। यहां इस दिन यम की फांस से मुक्ति की कामना लेकर भाई-बहन यमुना में डुबकी लगाते हैं। इसके बाद यमुना पूजन कर भाई-बहन विश्रामघाट पर धर्मराज और उनकी बहन यमुना का पूजन करते हैं।

 

मथुरा में है भाई धर्मराज के साथ बहन यमुनाजी का मंदिर
 यमुना तट पुण्य विश्राम घाट पर भगवान श्रीकृष्ण की पटरानी यमुना महारानी एवं उनके भाई धर्मराज का प्राचीन मंदिर है। मंदिर के सेवायत रामकुमार चतुर्वेदी के अनुसार यह विश्व का एकमात्र मंदिर है, जहां यमराज (धर्मराज) और उनकी बहन यमुनाजी एकसाथ विराजमान हैं। उन्होंने बताया कि यमुना महारानी का यह प्रथम घर है। यमुनाजी के घर जब उनके भाई यमराज आए तो उनका बहन ने सत्कार किया। जब यमराज जाने लगे तो बहन यमुनाजी ने उनका टीका किया। यमराज ने प्रसन्न होकर बहन से वरदान मांगने को कहा। इस पर यमुनाजी ने भाई से भक्तों के कल्याण के लिए वरदान मांगा कि भाईदूज के दिन मथुरा के विश्राम घाट पर यमुना में स्नान कर पूजन करेगा और उनके मंदिर में आकर पूजन कर आशीर्वाद लेकर वह यमलोक न जाकर बैकुंठ लोक जाए। इस पर यमराज ने बहन को यह वरदान दिया। तभी से बहन यमुना के यहां आए यमराज को धर्मराज कहा जाता है। मंदिर के सेवायत रामकुमार ने बताया कि मंदिर में यमुना महारानी के चार भुजा हैं। इनमें एक हस्त में कमल, दूसरे भाई के लिए टीका, तीसरे हाथ में भोजन की थाली और चौथे हाथ में वह संकल्प ले रही हैं। यमुना के बराबर में विराजित धर्मराज के एक हाथ में दंड और दूसरे हाथ में यमुना महारानी को संकल्प दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि यमुना स्नान के बाद भाई बहन इनका दर्शन करते हैं। यमुना जी को वस्त्र, शृंगार सामग्री और धर्मराज को काला वस्त्र अर्पित करते हैं। 
 

श्रद्धालुओं के लिए यमुना में छोड़ा गया गंगाजल
यमुना प्रदूषण को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिकाकर्ता गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि वर्तमान में ओखला से 4600 क्यूसेक, हरनौल एस्केप से 210 क्यूसेक पानी मथुरा में यमुना में चल रहा है। यम द्वितीया पर श्रद्धालुओं को यमुना में शुद्ध जल से स्नान मिले इसके लिए हिंडन कट से 2950 क्यूसेक गंगाजल मथुरा की ओर शुक्रवार को छोड़ा गया है। जोकि रविवार सुबह तक मथुरा में आने की संभावना है। इसके अलावा शहर के नालों और सीवर का पानी ओवर फ्लो न हो इसके लिए नगर निगम द्वारा सभी सीवेज पंपिंग स्टेशनों पर डीजल की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। 
 

महापौर ने यम द्वितीया की तैयारियों का लिया जायजा
 महापौर विनोद अग्रवाल ने नगर निगम के अधिकारियों के साथ यमुना के घाटों पर यम द्वितीया की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने बंगाली घाट, विश्राम घाट एवं स्वामी घाट का भी निरीक्षण किया। इस दौरान घाटों पर दिनरात सफाई एवं प्रकाश व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, पार्षद धनंजय सिंह, ब्रजेश अहेरिया, हनुमान गुर्जर, अंकुर गुर्जर, रामकृष्ण पाठक, अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार महाप्रबंधक जलकल मोहम्मद अनवर ख्वाजा, राजकुमार लवानियां आदि मौजूद रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed