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एकादशी पर बांकेबिहारी मंदिर में होगी सोहनी सेवा
अमर उजाला वृंदावन
Updated Mon, 10 Oct 2016 11:45 PM IST
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बांकेबिहारी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
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ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में 15 अक्तूबर को आयोजित होने वाले शरद पूर्णिमा महोत्सव से पूर्व एकादशी (12 अक्तूबर) को मंदिर के गर्भ गृह में सोहनी सेवा की जाएगी। वर्ष में सिर्फ दो बार होने वाली सोहनी सेवा का श्रद्धालुओं को बेसब्री से इंतजार रहता है।
मंदिर के सेवायत प्रह्लाद बल्लभ गोस्वामी ने बताया कि वर्ष में दो बार होली से पूर्व एकादशी और शरद पूर्णिमा से पहले की एकादशी को आम भक्तों को मंदिर गर्भ गृह में जाकर सोहनी सेवा करने का स्वर्णिम अवसर प्राप्त होता है।
इन दोनों दिनों में शयन भोग आरती के बाद ठाकुरजी को गर्भ गृह के बगल वाले स्थान (चंदन महल) में शयन कराया जाता है और गर्भ गृह को सोहनी सेवा के लिए खुला रखा जाता है। ये परंपरा मंदिर स्थापना के समय से ही चली आ रही है। इस बार 12 अक्तूबर को एकादशी वाले दिन सोहनी सेवा की जाएगी।
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मंदिर सेवायत ब्रजकिशोर गोस्वामी ने बताया कि निर्धारित भक्त ही मंदिर के निज महल में प्रविष्ट होकर उसकी सोहनी सेवा के साथ अंदर की पूरी सफाई में भाग लेते हैं। पिछवाई बदली जाती है और दीपावली के लिए अभी से हठरी लगाई जाती है। मंदिर को गुलाब जल और सुगंधित द्रव्यों से सुगंधित किया जाता है।
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मंदिर के सेवायत प्रह्लाद बल्लभ गोस्वामी ने बताया कि वर्ष में दो बार होली से पूर्व एकादशी और शरद पूर्णिमा से पहले की एकादशी को आम भक्तों को मंदिर गर्भ गृह में जाकर सोहनी सेवा करने का स्वर्णिम अवसर प्राप्त होता है।
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इन दोनों दिनों में शयन भोग आरती के बाद ठाकुरजी को गर्भ गृह के बगल वाले स्थान (चंदन महल) में शयन कराया जाता है और गर्भ गृह को सोहनी सेवा के लिए खुला रखा जाता है। ये परंपरा मंदिर स्थापना के समय से ही चली आ रही है। इस बार 12 अक्तूबर को एकादशी वाले दिन सोहनी सेवा की जाएगी।
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मंदिर सेवायत ब्रजकिशोर गोस्वामी ने बताया कि निर्धारित भक्त ही मंदिर के निज महल में प्रविष्ट होकर उसकी सोहनी सेवा के साथ अंदर की पूरी सफाई में भाग लेते हैं। पिछवाई बदली जाती है और दीपावली के लिए अभी से हठरी लगाई जाती है। मंदिर को गुलाब जल और सुगंधित द्रव्यों से सुगंधित किया जाता है।