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Mathura News: गर्मी में झुलस रही त्वचा, बढ़ रही मरीजों की संख्या
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मथुरा। लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। तेज धूप, गर्म हवाओं और उमस भरे मौसम के चलते त्वचा संबंधी बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों बड़ी संख्या में लोग खुजली, एलर्जी, घमौरियां, फंगल इंफेक्शन, सनबर्न और त्वचा पर जलन जैसी समस्याओं को लेकर पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवानी शर्मा ने बताया कि तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी और दोपहर के समय चल रही तेज लू लोगों की त्वचा को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है। खासकर वे लोग जो लंबे समय तक धूप में काम करते हैं, उनमें त्वचा संक्रमण और एलर्जी की समस्या अधिक देखने को मिल रही है। मजदूर, रिक्शा चालक, ठेला संचालक, यातायात कर्मी और छोटे बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। अत्यधिक पसीना आने और शरीर में पानी की कमी होने से त्वचा पर बैक्टीरियल और फंगल संक्रमण तेजी से फैलता है। कई मरीजों में चेहरे और हाथों पर लाल चकत्ते, जलन और सनबर्न की शिकायत भी सामने आ रही है। वहीं बच्चों में घमौरियां और खुजली की समस्या आम हो गई है।
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गर्मी में त्वचा की देखभाल को लेकर लोग लापरवाही बरतते हैं, जिसका सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ता है। तेज धूप में बिना सिर ढके निकलना, पर्याप्त पानी न पीना और घंटों तक पसीने वाले कपड़ों में रहना संक्रमण को बढ़ावा देता है। लोगों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक धूप में निकलने से बचने, अधिक से अधिक पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और शरीर को साफ व सूखा रखने की सलाह दी है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि मौसम में लगातार बढ़ रही गर्मी को देखते हुए ओपीडी में अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जा रही हैं। लोगों से अपील की है कि त्वचा पर जलन, खुजली या लाल चकत्ते दिखाई देने पर घरेलू उपचार के बजाय तुरंत चिकित्सीय सलाह लें, ताकि संक्रमण गंभीर रूप न ले सके।
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जिला अस्पताल की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवानी शर्मा ने बताया कि तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी और दोपहर के समय चल रही तेज लू लोगों की त्वचा को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है। खासकर वे लोग जो लंबे समय तक धूप में काम करते हैं, उनमें त्वचा संक्रमण और एलर्जी की समस्या अधिक देखने को मिल रही है। मजदूर, रिक्शा चालक, ठेला संचालक, यातायात कर्मी और छोटे बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
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जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। अत्यधिक पसीना आने और शरीर में पानी की कमी होने से त्वचा पर बैक्टीरियल और फंगल संक्रमण तेजी से फैलता है। कई मरीजों में चेहरे और हाथों पर लाल चकत्ते, जलन और सनबर्न की शिकायत भी सामने आ रही है। वहीं बच्चों में घमौरियां और खुजली की समस्या आम हो गई है।
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गर्मी में त्वचा की देखभाल को लेकर लोग लापरवाही बरतते हैं, जिसका सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ता है। तेज धूप में बिना सिर ढके निकलना, पर्याप्त पानी न पीना और घंटों तक पसीने वाले कपड़ों में रहना संक्रमण को बढ़ावा देता है। लोगों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक धूप में निकलने से बचने, अधिक से अधिक पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और शरीर को साफ व सूखा रखने की सलाह दी है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि मौसम में लगातार बढ़ रही गर्मी को देखते हुए ओपीडी में अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जा रही हैं। लोगों से अपील की है कि त्वचा पर जलन, खुजली या लाल चकत्ते दिखाई देने पर घरेलू उपचार के बजाय तुरंत चिकित्सीय सलाह लें, ताकि संक्रमण गंभीर रूप न ले सके।