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Mathura News: वृंदावन में यमुना पर 400 करोड़ की लागत से बनेगा सिग्नेचर ब्रिज
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वृंदावन। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने वृंदावन में यमुना पर एक भव्य सिग्नेचर ब्रिज बनाने की योजना तैयार की है जो जर्मन तकनीक पर आधारित होगी। इस परियोजना पर करीब 400 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। यह सिग्नेचर ब्रिज वृंदावन बाईपास से जुड़ा होगा और श्रद्धालुओं को श्रीबांकेबिहारी मंदिर तक सुगमता से पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
यह सिग्नेचर ब्रिज यमुना पर 1.5 किलोमीटर लंबा होगा और 21 मीटर चौड़ा होगा। इसे जर्मन तकनीक पर आधारित केबल और बॉक्सेस से बनाया जाएगा जो प्रयागराज के पैटर्न पर आधारित होगा। ब्रिज के साथ-साथ एक एलिवेटेड रोड भी होगा जो जुगलघाट तक जाएगा जिससे श्रद्धालु यमुना के घाटों का सुंदर दृश्य देख सकेंगे।
विदित हो इससे पहले, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने वृंदावन बाईपास के तहत सिक्सलेन सड़क बनाने की योजना को नेशनल हाईवे प्राधिकरण से मंजूरी दिलवाई थी। इस 1645 करोड़ रुपये की परियोजना में बेगमपुर पर पार्किंग की व्यवस्था भी होगी, जिसमें 3000 वाहनों की क्षमता होगी। यह सड़क योजना दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे को यमुना एक्सप्रेस वे से जोड़ने के लिए बनाई गई है।
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वृंदावन परिक्रमा मार्ग का भी होगा विकास
वृंदावन परिक्रमा मार्ग स्थित यमुना के घाटों को श्रद्धालुओं के लिए आकर्षक और सुलभ बनाने की योजना भी बनाई गई है। जुगल घाट और चीर घाट को प्राचीन स्वरूप में विकसित किया जाएगा ताकि श्रद्धालु इन घाटों तक आसानी से पहुंच सकें और यमुना के घाटों की प्राचीन सुंदरता का अनुभव कर सकें।
तीन साल में पूरा होगा सिक्सलेन बाईपास
सिक्सलेन वृंदावन बाईपास का निर्माण 1646 करोड़ रुपये की लागत से तीन वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है। इस सड़क में यमुना पुल और 3.3 किलोमीटर लंबी एलीवेटेड रोड भी शामिल होगी।
बेगमपुर पर पार्किंग की सुविधा
बेगमपुर में प्रस्तावित पार्किंग स्थल 25 एकड़ में होगा, जो 3000 वाहनों की पार्किंग क्षमता प्रदान करेगा। यह पार्किंग हेरिटेज सिटी की सीमा के पास बनेगी और इसे यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण द्वारा विकसित किया जाएगा।
वर्जन
वृंदावन बाईपास और सिग्नेचर ब्रिज की योजनाएं ब्रज क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इन परियोजनाओं से वृंदावन को एक आकर्षक और सुगम स्थल बनाने में मदद मिलेगी और यह क्षेत्र श्रद्धालुओं के लिए और भी आकर्षक बन जाएगा।
- श्याम बहादुर सिंह, सीईओ, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद
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यह सिग्नेचर ब्रिज यमुना पर 1.5 किलोमीटर लंबा होगा और 21 मीटर चौड़ा होगा। इसे जर्मन तकनीक पर आधारित केबल और बॉक्सेस से बनाया जाएगा जो प्रयागराज के पैटर्न पर आधारित होगा। ब्रिज के साथ-साथ एक एलिवेटेड रोड भी होगा जो जुगलघाट तक जाएगा जिससे श्रद्धालु यमुना के घाटों का सुंदर दृश्य देख सकेंगे।
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विदित हो इससे पहले, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने वृंदावन बाईपास के तहत सिक्सलेन सड़क बनाने की योजना को नेशनल हाईवे प्राधिकरण से मंजूरी दिलवाई थी। इस 1645 करोड़ रुपये की परियोजना में बेगमपुर पर पार्किंग की व्यवस्था भी होगी, जिसमें 3000 वाहनों की क्षमता होगी। यह सड़क योजना दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे को यमुना एक्सप्रेस वे से जोड़ने के लिए बनाई गई है।
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वृंदावन परिक्रमा मार्ग का भी होगा विकास
वृंदावन परिक्रमा मार्ग स्थित यमुना के घाटों को श्रद्धालुओं के लिए आकर्षक और सुलभ बनाने की योजना भी बनाई गई है। जुगल घाट और चीर घाट को प्राचीन स्वरूप में विकसित किया जाएगा ताकि श्रद्धालु इन घाटों तक आसानी से पहुंच सकें और यमुना के घाटों की प्राचीन सुंदरता का अनुभव कर सकें।
तीन साल में पूरा होगा सिक्सलेन बाईपास
सिक्सलेन वृंदावन बाईपास का निर्माण 1646 करोड़ रुपये की लागत से तीन वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है। इस सड़क में यमुना पुल और 3.3 किलोमीटर लंबी एलीवेटेड रोड भी शामिल होगी।
बेगमपुर पर पार्किंग की सुविधा
बेगमपुर में प्रस्तावित पार्किंग स्थल 25 एकड़ में होगा, जो 3000 वाहनों की पार्किंग क्षमता प्रदान करेगा। यह पार्किंग हेरिटेज सिटी की सीमा के पास बनेगी और इसे यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण द्वारा विकसित किया जाएगा।
वर्जन
वृंदावन बाईपास और सिग्नेचर ब्रिज की योजनाएं ब्रज क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इन परियोजनाओं से वृंदावन को एक आकर्षक और सुगम स्थल बनाने में मदद मिलेगी और यह क्षेत्र श्रद्धालुओं के लिए और भी आकर्षक बन जाएगा।
- श्याम बहादुर सिंह, सीईओ, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद