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मथुरा में गाजे बाजे और संतों की टोलियों के साथ कुंभ पहुंचे जगद्गुरू निम्बार्काचार्य श्यामाशरण देवाचार्य
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कुंभ मेले में बाबा साधना करता हुआ
- फोटो : VRINDAVAN
वृंदावन (मथुरा)। जगद्गुरु निम्बार्काचार्य श्यामाशरण देवाचार्य महाराज का बृहस्पतिवार को भव्य और विशाल शोभायात्रा के साथ कुंभ पूर्व वैष्णव बैठक में आगमन हो गया। नगर भ्रमण करते हुए कुंभ स्थल पहुंची शोभायात्रा का नगरवासियों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। शोभायात्रा का आकर्षण देखते ही बन रहा था।
जगद्गुरु निम्बार्काचार्य के साथ नरोत्तम नगर के प्रमुख यज्ञाचार्य पंडित विष्णुकांत शास्त्री ने भव्य शोभायात्रा के साथ नगर भ्रमण कर कुंभ क्षेत्र में प्रवेश किया। अनाजमंडी से आरंभ हुई शोभायात्रा में गाजे-बाजे व ढोल मृदंग की धुन पर झूमते श्रद्धालुओं के टोल पूरी मस्ती में सराबोर होकर थिरक नजर आए। खाटूश्याम, सालासर जी और कैलादेवी की प्रतिमा के साथ कैलादेवी की ज्योति आकर्षण बनीं। पटेबाजी का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए साधुओं के जत्थे लोगों के आकर्षण का केंद्र बने। सबसे आगे निशान लेकर साधु-संत चल रहे थे तो उनके पीछे शस्त्रों के साथ संत अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे थे।
आकर्षक पुष्पों से सजाए गए श्री सर्वेश्वर प्रभु के डोले के साथ भक्त परिकर मंगल ध्वनि संकीर्तन करते हुए आम लोगों को आनंदित कर रही थी। जगह-जगह महाराज का शॉल पटुका पुष्पमाला से नगरवासियों ने स्वागत कर आशीर्वाद लिया। बटुक गण मंगल ध्वज पताका लेकर चल रहे थे। कुंभ मेला श्री निंबार्क नगर में ध्वज पूजन हुआ। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला हमारी वैदिक सनातन संस्कृति का परिचायक है। यह हमारी कला संस्कृति को जीवंतता प्रदान कर नई पीढ़ी को वैदिक सनातन संस्कृति का बोध कराता है।
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महंत प्रेम किशोर शरण पुष्कर, मोहिनी शरण भीलवाड़ा, श्रीराधा मोहन दास बीना एवं श्यामसुंदर शरण अजमेर और पुरोहित गिरधर गौड़, गोवर्धन शरण, माधव बाबा, ओम प्रकाश शर्मा, पुजारी मदन मोहन शरण, ब्रज किशोर त्रिपाठी, अमृत किशोर शरण, दामोदर शरण, भगवत शरण तिवारी आदि उपस्थित रहे।
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जगद्गुरु निम्बार्काचार्य के साथ नरोत्तम नगर के प्रमुख यज्ञाचार्य पंडित विष्णुकांत शास्त्री ने भव्य शोभायात्रा के साथ नगर भ्रमण कर कुंभ क्षेत्र में प्रवेश किया। अनाजमंडी से आरंभ हुई शोभायात्रा में गाजे-बाजे व ढोल मृदंग की धुन पर झूमते श्रद्धालुओं के टोल पूरी मस्ती में सराबोर होकर थिरक नजर आए। खाटूश्याम, सालासर जी और कैलादेवी की प्रतिमा के साथ कैलादेवी की ज्योति आकर्षण बनीं। पटेबाजी का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए साधुओं के जत्थे लोगों के आकर्षण का केंद्र बने। सबसे आगे निशान लेकर साधु-संत चल रहे थे तो उनके पीछे शस्त्रों के साथ संत अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे थे।
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आकर्षक पुष्पों से सजाए गए श्री सर्वेश्वर प्रभु के डोले के साथ भक्त परिकर मंगल ध्वनि संकीर्तन करते हुए आम लोगों को आनंदित कर रही थी। जगह-जगह महाराज का शॉल पटुका पुष्पमाला से नगरवासियों ने स्वागत कर आशीर्वाद लिया। बटुक गण मंगल ध्वज पताका लेकर चल रहे थे। कुंभ मेला श्री निंबार्क नगर में ध्वज पूजन हुआ। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला हमारी वैदिक सनातन संस्कृति का परिचायक है। यह हमारी कला संस्कृति को जीवंतता प्रदान कर नई पीढ़ी को वैदिक सनातन संस्कृति का बोध कराता है।
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महंत प्रेम किशोर शरण पुष्कर, मोहिनी शरण भीलवाड़ा, श्रीराधा मोहन दास बीना एवं श्यामसुंदर शरण अजमेर और पुरोहित गिरधर गौड़, गोवर्धन शरण, माधव बाबा, ओम प्रकाश शर्मा, पुजारी मदन मोहन शरण, ब्रज किशोर त्रिपाठी, अमृत किशोर शरण, दामोदर शरण, भगवत शरण तिवारी आदि उपस्थित रहे।