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अब दिव्यांग छात्रों की छात्रवृत्ति पर डाका
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मथुरा। छात्रों की छात्रवृत्ति हड़प करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्राइवेट शिक्षण संस्था चलाने वाले सफेदपोशों की विगत दिनों कलई खुलने के बाद छात्रवृत्ति घोटाले में लिप्त लोगों ने छात्रवृत्ति हड़पने का नया तरीका निकाला है। उनके द्वारा शिक्षण संस्थाओं की आईडी का प्रयोग कर अपने आप फर्जी छात्र तैयार कर शासन से छात्रवृत्ति निकाली जा रही है। वृंदावन की ऐसी संस्थाओं में दिव्यांग छात्र दिखाकर छात्रवृत्ति निकालने संबंधी मामला प्रकाश में आया है। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने इस कृत्य को करने वालों के खिलाफ वृंदावन कोतवाली में तहरीर दी है।
कुछ दिन पूर्व सीडीओ डॉ. नितिन गौड़ को जानकारी हुई कि जिस प्रकार से प्राइवेट शिक्षण संस्थाओं में बिना छात्र की जानकारी के ही शिक्षण संस्थाओं द्वारा फर्जी तरीके से छात्रवृत्ति निकाली जा रही है उसी प्रकार से कुछ दिव्यांग छात्रों की छात्रवृत्ति भी फर्जी छात्र दिखाकर आवेदन किया गया हैं। उनके द्वारा जिला दिव्यांगजन अधिकारी अनिल कुमार को इसकी जांच दी गई।
जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी द्वारा जब जांच की गई तो एक नए प्रकार का घोटाला प्रकाश में आया है, जिसमें वृंदावन की शिक्षण संस्थाओं की आईडी से कुछ फर्जी दिव्यांग छात्रों के नाम पर छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया गया। ऐसे करीब 300 छात्रों के आवेदन किए गए। जब इनकी जांच की तो यह सभी फर्जी पाए गए। जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि यह आवेदन इन शिक्षण संस्थाओं की आईडी के माध्यम से किए गए हैं। इन आवेदनों को शासन को सूचना देकर निरस्त करा दिया गया है। इस संबंध में वृंदावन कोतवाली को तहरीर दी गई है ताकि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। संस्थाओं के संचालकों का कहना है कि उनको इन आवेदनों की जानकारी नहीं है।
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कुछ दिन पूर्व सीडीओ डॉ. नितिन गौड़ को जानकारी हुई कि जिस प्रकार से प्राइवेट शिक्षण संस्थाओं में बिना छात्र की जानकारी के ही शिक्षण संस्थाओं द्वारा फर्जी तरीके से छात्रवृत्ति निकाली जा रही है उसी प्रकार से कुछ दिव्यांग छात्रों की छात्रवृत्ति भी फर्जी छात्र दिखाकर आवेदन किया गया हैं। उनके द्वारा जिला दिव्यांगजन अधिकारी अनिल कुमार को इसकी जांच दी गई।
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जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी द्वारा जब जांच की गई तो एक नए प्रकार का घोटाला प्रकाश में आया है, जिसमें वृंदावन की शिक्षण संस्थाओं की आईडी से कुछ फर्जी दिव्यांग छात्रों के नाम पर छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया गया। ऐसे करीब 300 छात्रों के आवेदन किए गए। जब इनकी जांच की तो यह सभी फर्जी पाए गए। जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि यह आवेदन इन शिक्षण संस्थाओं की आईडी के माध्यम से किए गए हैं। इन आवेदनों को शासन को सूचना देकर निरस्त करा दिया गया है। इस संबंध में वृंदावन कोतवाली को तहरीर दी गई है ताकि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। संस्थाओं के संचालकों का कहना है कि उनको इन आवेदनों की जानकारी नहीं है।
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