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‘प्राचीन परंपरा और कोर्ट के आदेश का हो पालन’
अमर उजाला वृंदावन
Updated Sat, 07 May 2016 12:02 AM IST
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बांकेबिहारी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
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ठाकुर बांकेबिहारी की कच्ची रसोई के मामले में शयनभोग सेवाधिकारियों को दिए गए नोटिस पर शयनभोग के सेवाधिकारियों ने आपत्ति दर्ज कराई है। मामले में कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए शयनभोग सेवाधिकारियों ने कहा है कि नियमानुसार वे ठाकुरजी की सेवा की पूरी जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं, अन्यथा की स्थिति में उनसे सवाल जवाब नहीं होना चाहिए।
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर प्रबंधन कमेटी के सदस्य और शयनभोग सेवाधिकारी गौरव गोस्वामी ने कहा है कि राजभोग सेवा के दौरान ठाकुरजी को निवेदित की जाने वाली कच्ची रसोई में अनियमितताओं पर समस्त गोस्वामी समाज से प्रार्थना और इच्छा पत्र की मांग न्याय संगत नहीं है।
इस पर उन्होेंने पत्र लिखकर मंदिर प्रबंध समिति के सामने आपत्ति दर्ज कराई। प्रबंधन की ओर से पत्र न लेने पर इसेडाक से अध्यक्ष के नाम प्रेषित किया गया है। पत्र में सेवायत ने कहा है कि राजभोग सेवा से संबंधित सभी सेवाओं के निर्वहन का दायित्व राजभोग सेवाधिकारियों का है। इसमें दोपहर के समय राजभोग सेवा में कच्ची रसोई भी शामिल है।
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शयनभोग सेवाधिकारियों का राजभोग सेवा में हस्तक्षेप मंदिर की प्राचीन परंपरा का उल्लंघन है और न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में भी आता है। इसके लिए उन्होंने न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन मथुरा द्वारा प्रकीर्ण वाद संख्या 27/2007 देवेंद्रनाथ गोस्वामी बनाम मंदिर प्रबंधक में 24 मई 2007 में पारित आदेश का हवाला दिया। इस आदेश में बताया गया है कि कोई भी शयनभोग सेवाधिकारी राजभोग की किसी भी सेवा में हस्तक्षेप या व्यवधान नहीं करेगा।
गौरव गोस्वामी का कहना है कि ऐसे में राजभोग सेवाधिकारियों को ही इस सेवा के लिए जिम्मेदार मानना चाहिए। कच्ची रसोई के निर्माण के लिए समस्त गोस्वामी समाज से प्रार्थना या इच्छा पत्र की मांग न्याय संगत नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि राजभोग सेवाधिकारी स्वेच्छा और बिना किसी दबाव के यदि अपने राजभोग सेवा के कर्तव्यों के अनुपालन मेें असमर्थता व्यक्त करें और उन्हें या शयनभोग सेवाधिकारियों को अपने अधिकार हस्तांतरित करें तो वे इस सेवा के निर्वहन के लिए पूर्ण प्रतिबद्ध हैं।
सेवायत ने लगाया कच्चा प्रसाद
ठाकुर बांकेबिहारी महाराज को शुक्रवार को सेवायत और उनके परिवार ने कच्चा प्रसाद निवेदित किया। मंदिर के सेवायत रजत गोस्वामी ने बताया कि शुक्रवार को सुबह उनके परिवार की ओर से ठाकुरजी की चंदन की कोठरी में कच्चा प्रसाद तैयार किया गया। कच्चे प्रसाद को ठाकुरजी को निवेदित किया। रजत के अनुसार उनकी सेवा शुक्रवार को पूरी हो रही है। शनिवार से कमल किशोर गोस्वामी की सेवा प्रारंभ होगी।
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ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर प्रबंधन कमेटी के सदस्य और शयनभोग सेवाधिकारी गौरव गोस्वामी ने कहा है कि राजभोग सेवा के दौरान ठाकुरजी को निवेदित की जाने वाली कच्ची रसोई में अनियमितताओं पर समस्त गोस्वामी समाज से प्रार्थना और इच्छा पत्र की मांग न्याय संगत नहीं है।
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इस पर उन्होेंने पत्र लिखकर मंदिर प्रबंध समिति के सामने आपत्ति दर्ज कराई। प्रबंधन की ओर से पत्र न लेने पर इसेडाक से अध्यक्ष के नाम प्रेषित किया गया है। पत्र में सेवायत ने कहा है कि राजभोग सेवा से संबंधित सभी सेवाओं के निर्वहन का दायित्व राजभोग सेवाधिकारियों का है। इसमें दोपहर के समय राजभोग सेवा में कच्ची रसोई भी शामिल है।
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शयनभोग सेवाधिकारियों का राजभोग सेवा में हस्तक्षेप मंदिर की प्राचीन परंपरा का उल्लंघन है और न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में भी आता है। इसके लिए उन्होंने न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन मथुरा द्वारा प्रकीर्ण वाद संख्या 27/2007 देवेंद्रनाथ गोस्वामी बनाम मंदिर प्रबंधक में 24 मई 2007 में पारित आदेश का हवाला दिया। इस आदेश में बताया गया है कि कोई भी शयनभोग सेवाधिकारी राजभोग की किसी भी सेवा में हस्तक्षेप या व्यवधान नहीं करेगा।
गौरव गोस्वामी का कहना है कि ऐसे में राजभोग सेवाधिकारियों को ही इस सेवा के लिए जिम्मेदार मानना चाहिए। कच्ची रसोई के निर्माण के लिए समस्त गोस्वामी समाज से प्रार्थना या इच्छा पत्र की मांग न्याय संगत नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि राजभोग सेवाधिकारी स्वेच्छा और बिना किसी दबाव के यदि अपने राजभोग सेवा के कर्तव्यों के अनुपालन मेें असमर्थता व्यक्त करें और उन्हें या शयनभोग सेवाधिकारियों को अपने अधिकार हस्तांतरित करें तो वे इस सेवा के निर्वहन के लिए पूर्ण प्रतिबद्ध हैं।
सेवायत ने लगाया कच्चा प्रसाद
ठाकुर बांकेबिहारी महाराज को शुक्रवार को सेवायत और उनके परिवार ने कच्चा प्रसाद निवेदित किया। मंदिर के सेवायत रजत गोस्वामी ने बताया कि शुक्रवार को सुबह उनके परिवार की ओर से ठाकुरजी की चंदन की कोठरी में कच्चा प्रसाद तैयार किया गया। कच्चे प्रसाद को ठाकुरजी को निवेदित किया। रजत के अनुसार उनकी सेवा शुक्रवार को पूरी हो रही है। शनिवार से कमल किशोर गोस्वामी की सेवा प्रारंभ होगी।