{"_id":"67c5eb6450897c11bb0e0adb","slug":"rajkumari-is-busy-in-making-other-women-self-reliant-mathura-news-c-369-1-mt11008-126058-2025-03-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: दूसरी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में जुटीं राजकुमारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: दूसरी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में जुटीं राजकुमारी
विज्ञापन
राजकुमारी।
- फोटो : mathura
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। गांव-गांव महिलाओं के समूह को जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर के संकल्प के साथ राजकुमारी अब उन महिलाओं के लिए रोजगार दीदी बन गई हैं। अब समूह की महिलाएं उन्हें इसी नाम से पहचानती हैं। 5 साल से वह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगारपरक प्रशिक्षण दे रही हैं। अब तक वह 600 से अधिक महिलाओं को रोजगार से जोड़ चुकी हैं।
छाता ब्लॉक सांखी गांव की रहने वाली राजकुमारी ने आधी गांव की बेरोजगार महिलाओं को उनके पैरों पर खड़ा कर दिया। वह प्रणामी समूह में महिलाओं को जोड़कर उन्हें कई काम को सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर बना रही हैं। राजकुमारी ने बताया कि उन्होंने 2020 से महिलाओं को जोड़ना शुरू किया था, जिन्हें गुलाल, माला, आर्ट, मोती के साथ अन्य काम को शुरू करने के लिए महिलाओं को जोड़कर उन्हें निशुल्क प्रशिक्षण दे रही हैं।
समूह में प्रशिक्षण लेने के बाद महिलाएं अपने काम को सीखकर अपने स्वयं का कार्य करती हैं। प्रत्येक महिला प्रतिमाह 20 हजार रुपये कमा रही हैं। इससे वह अपना परिवार चला रही हैं। प्रशिक्षण में उन्हें महिलाएं रोजगार दीदी के नाम से पुकारती हैं।
विज्ञापन
उपलब्धियां
- गुलाल, माला के कारोबार का प्रशिक्षण दे रही हैं।
- स्वयं को आत्मनिर्भर बनाकर अब दूसरी महिलाओं को कर रहीं तैयार।
- 600 से अधिक महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर।
- बैंक सखी में, सीएलएफ में, ब्लॉक स्तर आदि सम्मान मिले।
विज्ञापन
छाता ब्लॉक सांखी गांव की रहने वाली राजकुमारी ने आधी गांव की बेरोजगार महिलाओं को उनके पैरों पर खड़ा कर दिया। वह प्रणामी समूह में महिलाओं को जोड़कर उन्हें कई काम को सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर बना रही हैं। राजकुमारी ने बताया कि उन्होंने 2020 से महिलाओं को जोड़ना शुरू किया था, जिन्हें गुलाल, माला, आर्ट, मोती के साथ अन्य काम को शुरू करने के लिए महिलाओं को जोड़कर उन्हें निशुल्क प्रशिक्षण दे रही हैं।
विज्ञापन
समूह में प्रशिक्षण लेने के बाद महिलाएं अपने काम को सीखकर अपने स्वयं का कार्य करती हैं। प्रत्येक महिला प्रतिमाह 20 हजार रुपये कमा रही हैं। इससे वह अपना परिवार चला रही हैं। प्रशिक्षण में उन्हें महिलाएं रोजगार दीदी के नाम से पुकारती हैं।
विज्ञापन
उपलब्धियां
- गुलाल, माला के कारोबार का प्रशिक्षण दे रही हैं।
- स्वयं को आत्मनिर्भर बनाकर अब दूसरी महिलाओं को कर रहीं तैयार।
- 600 से अधिक महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर।
- बैंक सखी में, सीएलएफ में, ब्लॉक स्तर आदि सम्मान मिले।