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Mathura News: बरसाती कीड़े कर रहे परेशान, त्वचा पर हो रहे पानी वाले दाने
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मथुरा। जिला अस्पताल में बरसाती कीड़ा का काटने पर डाॅक्टर को दिखाने पहुंचा बुजुर्ग
- फोटो : mathura
मथुरा। बारिश के सीजन में बरसाती कीड़ों के काटने से बच्चों से लेकर बड़ों तक को पानी वाले दाने और खुजली होने से परेशानी हो रही है। हाल यह है कि खुजलाते-खुजलाते बच्चों की त्वचा से खून तक निकल आता है। वह रात को सो नहीं पाते हैं और दर्द, जलन से परेशान रहते हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में शनिवार को बरसाती कीड़ों के काटने से 70 से 80 मरीज पहुंचे। चिकित्सक डॉ. सिद्धार्थ धनगर ने बताया कि बच्चों की त्वचा नाजुक होती है। इसलिए कीड़े काटते हैं तो लार या डंक टूटकर त्वचा पर रह जाता है। इससे शरीर पर दाने आने लगते हैं। फिर पूरे शरीर में एलर्जी हो रही है। पानी भरे हुए छोटे-छोटे दाने हो जाते हैं। बरसाती कीड़े बगीचे, पौधों के आसपास रहते हैं। ऐसे में बारिश में इनके आसपास रहने वाले लोगों पर ज्यादा कीड़ों का हमला होता है।
उन्होंने बताया कि दाने के आसपास बहुत अधिक खुजली होती है। खुजलाते-खुजलाते खून तक निकल आता है। इलाज नहीं कराने पर छोटा सा दाना आगे चलकर फोड़ा बन जाता है। नायलॉन और सिंथेटिक वाले कपड़े पहनने से ये समस्या और बढ़ जाती है। सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि वीटल नामक का कीड़ा शरीर पर रगड़ खाने के बाद केनफ्राइडिन नामक केमिकल छोड़ता है। इससे त्वचा पर लाल दाने, छाले होने लगते हैं। कइयों को दाने में तेज दर्द और जलन शुरू हो जाती है। रात में लाइट जलाकर सोने या फिर खुली खिड़की के पास बिस्तर होने पर कीड़ों के हमले की आशंका अधिक रहती है।
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ये ध्यान दें
- मच्छरदानी में सोएं, पैरों में मोजे पहने रहें, पेड़-पौधों, बगीचे के पास सफाई रखें व समस्या होने पर डॉक्टर को दिखाएं।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में शनिवार को बरसाती कीड़ों के काटने से 70 से 80 मरीज पहुंचे। चिकित्सक डॉ. सिद्धार्थ धनगर ने बताया कि बच्चों की त्वचा नाजुक होती है। इसलिए कीड़े काटते हैं तो लार या डंक टूटकर त्वचा पर रह जाता है। इससे शरीर पर दाने आने लगते हैं। फिर पूरे शरीर में एलर्जी हो रही है। पानी भरे हुए छोटे-छोटे दाने हो जाते हैं। बरसाती कीड़े बगीचे, पौधों के आसपास रहते हैं। ऐसे में बारिश में इनके आसपास रहने वाले लोगों पर ज्यादा कीड़ों का हमला होता है।
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उन्होंने बताया कि दाने के आसपास बहुत अधिक खुजली होती है। खुजलाते-खुजलाते खून तक निकल आता है। इलाज नहीं कराने पर छोटा सा दाना आगे चलकर फोड़ा बन जाता है। नायलॉन और सिंथेटिक वाले कपड़े पहनने से ये समस्या और बढ़ जाती है। सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि वीटल नामक का कीड़ा शरीर पर रगड़ खाने के बाद केनफ्राइडिन नामक केमिकल छोड़ता है। इससे त्वचा पर लाल दाने, छाले होने लगते हैं। कइयों को दाने में तेज दर्द और जलन शुरू हो जाती है। रात में लाइट जलाकर सोने या फिर खुली खिड़की के पास बिस्तर होने पर कीड़ों के हमले की आशंका अधिक रहती है।
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ये ध्यान दें
- मच्छरदानी में सोएं, पैरों में मोजे पहने रहें, पेड़-पौधों, बगीचे के पास सफाई रखें व समस्या होने पर डॉक्टर को दिखाएं।