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वृंदावन की कुंज गली में राधे-राधे होय
अमर उजाला वृंदावन
Updated Fri, 09 Sep 2016 12:16 AM IST
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बांके बिहारी
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
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देश-विदेश से वृंदावन आए श्रद्धालु वृषभानु दुलारी राधारानी के जन्मोत्सव की तैयारियों में जुटे हैं। धर्मनगरी के मंदिराें, आश्रमों और मठों में चल रहे आयोजनों से समूचा वातावारण राधामय हो गया है।
वृंदावनवासी राधारानी के जन्मोत्सव को लेकर खासे उत्साहित हैं। घर-घर महिलाएं पकवान बनाने में जुटी हैं। राधा दामोदर मंदिर में नौ सितंबर को सुबह 9:30 बजे श्रीराधारानी का महाभिषेक किया जाएगा। सेवायत कनिका प्रसाद गोस्वामी गोस्वामी बताया कि राधारानी के श्रीविग्रह को मंदिर के विशाल सिंहासन पर विराजमान कर पंचामृत से अभिषेक कराया जाएगा।
ठाकुर राधावल्लभ मंदिर में सुबह छह बजे से समाज गायन और सुबह नौ बजे जन्म के दर्शन होंगे। इसके बाद ब्रजवासियों और गोस्वामियों का दधिकांधा महोत्सव होगा। सेवाकुंज मंदिर में सुबह 6:30 बजे मंगला आरती के बाद विशेष दर्शन होंगे। इसके बाद बधाई गायन होगा।
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राधाश्याम सुंदर मंदिर में सुबह छह बजे से हरिनाम संकीर्तन और मध्याह्न 12 बजे राधारानी का अभिषेक होगा। शाम को राधारानी के जन्म की लीला और छप्पन भोग के विशेष दर्शन मंदिर में होंगे। बड़े रासमंडल पर सुबह जन्म के दर्शन और बधाई गायन का आयोजन होगा।
इस्कॉन मंदिर में सुबह 4:30 बजे मंगला आरती, 7:15 बजे शृंगार आरती, 7:30 बजे गुरु पूजा, सुबह आठ से 10 बजे तक प्राकट्य लीला के दर्शन होंगे। सुबह 10:15 से 11:15 तक राधारानी का अभिषेक, दोपहर 12 बजे राजभोग आरती, शाम को 4:30 बजे संध्या दर्शन, 7:30 बजे संध्या आरती और विशेष रात्रि दर्शन 10 से 10:15 बजे तक होंगे।
शाम को निकाली जाएगी शोभायात्रा
भाद्र शुक्ल अष्टमी के दिन ब्रज स्वामिनी राधारानी के जन्मोत्सव के साथ ही स्वामी हरिदास का भी जन्मोत्सव है। ठाकुर बांकेबिहारी के प्राकट्यकर्ता स्वामी हरिदास संप्रदाय के आचार्यों की तपोस्थली टटिया स्थान पर स्वामीजी के जन्मोत्सव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। यहां सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठान होंगे और मेला लगेगा। सूरदास आश्रम, छीपी गली स्थित प्रियावल्लभ मंदिर, गोविंद घाट स्थित बड़ा रासमंडल, सेवाकुंज मंदिर, राधिकावल्लभ मंदिर, हिताश्रम, राधारानी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में राधाष्टमी की धूम रहेगी। शाम को सूरदास आश्रम से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। वहीं ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर से भी शोभायात्रा निकलेगी।
1958 से हो रहे आयोजन
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में राधाष्टमी और स्वामी हरिदास महाराज के आर्विभाव दिवस के उपलक्ष्य में सन 1958 से भव्य चाव सवारी (शोभायात्रा) और संगीत सम्मेलन की परंपरा चली आ रही है। गोस्वामी रोहिणी चंद्र, रंगीले बल्लभ, प्रियाशरण और केवल कृष्ण की सदस्यता और तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर बाबूराम यादव की अध्यक्षता वाली मंदिर कमेटी ने कई ऐतिहासिक कार्य कराए थे।
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत प्रह्लाद वल्लभ ने बताया कि उनके द्वारा लिखित कथा हरिदास बिहारी की पुस्तक के अनुसार 1958 की विहार पंचमी के दिन निधिवनराज में हरिदास सखी की मूर्ति स्थापना के अवसर पर गोस्वामी छबीले वल्लभ और बाबा कृष्णानंद अवधूत के संयोजन में संगीत सम्मेलन आयोजित हुआ था। उसी वर्ष से राधाष्टमी की सवारी भी निकाली जाने लगी। उसके बाद गोस्वामी श्रीगोपाल, कृष्ण गोपाल और मथुरा के जैन बंधुओं ने संगीत सम्मेलनों की शृंखला बनाए रखी। आज संगीत समारोह और शोभायात्रा ने वृहद और भव्यता का रूप ले लिया है।
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वृंदावनवासी राधारानी के जन्मोत्सव को लेकर खासे उत्साहित हैं। घर-घर महिलाएं पकवान बनाने में जुटी हैं। राधा दामोदर मंदिर में नौ सितंबर को सुबह 9:30 बजे श्रीराधारानी का महाभिषेक किया जाएगा। सेवायत कनिका प्रसाद गोस्वामी गोस्वामी बताया कि राधारानी के श्रीविग्रह को मंदिर के विशाल सिंहासन पर विराजमान कर पंचामृत से अभिषेक कराया जाएगा।
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ठाकुर राधावल्लभ मंदिर में सुबह छह बजे से समाज गायन और सुबह नौ बजे जन्म के दर्शन होंगे। इसके बाद ब्रजवासियों और गोस्वामियों का दधिकांधा महोत्सव होगा। सेवाकुंज मंदिर में सुबह 6:30 बजे मंगला आरती के बाद विशेष दर्शन होंगे। इसके बाद बधाई गायन होगा।
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राधाश्याम सुंदर मंदिर में सुबह छह बजे से हरिनाम संकीर्तन और मध्याह्न 12 बजे राधारानी का अभिषेक होगा। शाम को राधारानी के जन्म की लीला और छप्पन भोग के विशेष दर्शन मंदिर में होंगे। बड़े रासमंडल पर सुबह जन्म के दर्शन और बधाई गायन का आयोजन होगा।
इस्कॉन मंदिर में सुबह 4:30 बजे मंगला आरती, 7:15 बजे शृंगार आरती, 7:30 बजे गुरु पूजा, सुबह आठ से 10 बजे तक प्राकट्य लीला के दर्शन होंगे। सुबह 10:15 से 11:15 तक राधारानी का अभिषेक, दोपहर 12 बजे राजभोग आरती, शाम को 4:30 बजे संध्या दर्शन, 7:30 बजे संध्या आरती और विशेष रात्रि दर्शन 10 से 10:15 बजे तक होंगे।
शाम को निकाली जाएगी शोभायात्रा
भाद्र शुक्ल अष्टमी के दिन ब्रज स्वामिनी राधारानी के जन्मोत्सव के साथ ही स्वामी हरिदास का भी जन्मोत्सव है। ठाकुर बांकेबिहारी के प्राकट्यकर्ता स्वामी हरिदास संप्रदाय के आचार्यों की तपोस्थली टटिया स्थान पर स्वामीजी के जन्मोत्सव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। यहां सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठान होंगे और मेला लगेगा। सूरदास आश्रम, छीपी गली स्थित प्रियावल्लभ मंदिर, गोविंद घाट स्थित बड़ा रासमंडल, सेवाकुंज मंदिर, राधिकावल्लभ मंदिर, हिताश्रम, राधारानी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में राधाष्टमी की धूम रहेगी। शाम को सूरदास आश्रम से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। वहीं ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर से भी शोभायात्रा निकलेगी।
1958 से हो रहे आयोजन
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में राधाष्टमी और स्वामी हरिदास महाराज के आर्विभाव दिवस के उपलक्ष्य में सन 1958 से भव्य चाव सवारी (शोभायात्रा) और संगीत सम्मेलन की परंपरा चली आ रही है। गोस्वामी रोहिणी चंद्र, रंगीले बल्लभ, प्रियाशरण और केवल कृष्ण की सदस्यता और तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर बाबूराम यादव की अध्यक्षता वाली मंदिर कमेटी ने कई ऐतिहासिक कार्य कराए थे।
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत प्रह्लाद वल्लभ ने बताया कि उनके द्वारा लिखित कथा हरिदास बिहारी की पुस्तक के अनुसार 1958 की विहार पंचमी के दिन निधिवनराज में हरिदास सखी की मूर्ति स्थापना के अवसर पर गोस्वामी छबीले वल्लभ और बाबा कृष्णानंद अवधूत के संयोजन में संगीत सम्मेलन आयोजित हुआ था। उसी वर्ष से राधाष्टमी की सवारी भी निकाली जाने लगी। उसके बाद गोस्वामी श्रीगोपाल, कृष्ण गोपाल और मथुरा के जैन बंधुओं ने संगीत सम्मेलनों की शृंखला बनाए रखी। आज संगीत समारोह और शोभायात्रा ने वृहद और भव्यता का रूप ले लिया है।