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संत प्रेमानंद के शिष्य की मौत का रहस्य: आश्रम के इन शिष्यों ने साधी चुप्पी, पुलिस को मिल रहा नपा तुला जवाब
Wed, 30 Sep 2026 01:25 PM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 30 Sep 2026 01:25 PM IST
सार
संत प्रेमानंद के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारीशरण की मौत के मामले में पुलिस आश्रम में रहने वाले अन्य शिष्यों के नाम-पते का सत्यापन कर रही है। कमरे से मिले मोबाइल, डायरी, खून से सना ग्राइंडर और अन्य साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच जारी है। पुलिस जुगल शरण से पूछताछ कर रही है।
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साधक ने की खुदकुशी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
वृंदावन के संत प्रेमानंद के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारीशरण की मौत के मामले में पुलिस अब आश्रम में रहने वाले अन्य शिष्यों की कुंडली खंगाल रही है। दीपक के साथ रहने वाले शिष्यों के बारे में जानकारी कर उनके नाम-पते का सत्यापन करा जाएगा। वहीं आश्रम के जिम्मेदारों से सवाल-जवाब किए जाएंगे।
कमरे में मिले मृतक के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, डायरी, खून से सना ग्राइंडर और अन्य जगहों पर खून के निशान सहित दर्जन भर से अधिक जगहों से पुलिस ने फिंगरप्रिंट और नमूने लिए हैं। इनकी जांच फोरेंसिक टीम कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस की जांच में तेजी आएगी। फिलहाल पुलिस मृतक के साथ रहने वाले जुगल शरण से पूछताछ कर रही है। वहीं पुलिस कई बिंदुओं पर मामले की जांच कर रही है।
हालांकि वहां रहने वाले शिष्य पुलिस को बहुत ज्यादा जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। पुलिस के अनुसार शिष्य सवालों पर चुप हो जाते हैं और कह देते हैं कि हमें ज्यादा जानकारी नहीं है। सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया कि पुलिस की टीम इस प्रकरण में व्यापक जांच कर रही है। आश्रम के जिम्मेदार लोगों से भी जानकारी जुटाई जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि दीपक ने किसी जिम्मेदार पदाधिकारी को कभी अपनी कोई परेशानी बताई हो। व्यक्ति अवसाद में आकर आत्महत्या करता है लेकिन यहां मामला विपरीत है। दीपक ने पहले प्राइवेट पार्ट काटा और फिर छत से छलांग लगाई थी।
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संत प्रेमानंद के शिष्य की मौत की एसआईटी या मजिस्ट्रियल जांच की मांग
संत प्रेमानंद के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत के मामले की एसआईटी या मजिस्ट्रियल जांच की मांग उठने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रहलाद कृष्ण शुक्ला ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर एसआईटी या मजिस्ट्रियल जांच कराए जाने के मांग की है।
उन्होंने बताया कि संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारीशरण की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उनके शरीर सात स्थान पर चोटें थीं, इसके अलावा प्राइवेट पार्ट भी कटा हुआ था। अधिक रक्त बहना मौत का कारण पाया गया है। उन्होंने कहा कि संत प्रेमानंद एवं श्रीहित राधाकेलि कुंज ट्रस्ट की ओर किसी भी व्यक्ति का कोई भी वक्तव्य दीपक की मौत के मामले में नहीं आया हैं, यह काफी संदेहास्पद है। मृतक के परिजन ने इसे आत्महत्या मानने से इंकार करते हुए पुलिस को लिखित शिकायत देकर बड़ी साजिश की आशंका जताई है। उनका कहना है कि 2 वर्षों से दीपक से उनका कोई संपर्क नहीं था। आश्रम प्रबंधन उसे परिजनों से मिलने भी नहीं देता था।
पुलिस को सूचना घटना हो जाने के लगभग 2 घंटे बाद अस्पताल से मिली। आश्रम में रहने वाले साधकों ने घटना के बाद आश्रम के सामने लगी सबमर्सिबल चलाकर पानी से सड़क पर पड़े खून को साफ किया। इससे पता चलता है कि मामला काफी गंभीर हैं और इस मामले में प्राप्त सबूतों को सुरक्षित रखते हुए गहनता से इस विषय की जांच अति आवश्यक है। उन्होंने बताया कि वह शीघ्र उक्त मामले में निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करेंगे और एसआईटी और मजिस्ट्रियल जांच की मांग करेंगे।
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कमरे में मिले मृतक के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, डायरी, खून से सना ग्राइंडर और अन्य जगहों पर खून के निशान सहित दर्जन भर से अधिक जगहों से पुलिस ने फिंगरप्रिंट और नमूने लिए हैं। इनकी जांच फोरेंसिक टीम कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस की जांच में तेजी आएगी। फिलहाल पुलिस मृतक के साथ रहने वाले जुगल शरण से पूछताछ कर रही है। वहीं पुलिस कई बिंदुओं पर मामले की जांच कर रही है।
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हालांकि वहां रहने वाले शिष्य पुलिस को बहुत ज्यादा जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। पुलिस के अनुसार शिष्य सवालों पर चुप हो जाते हैं और कह देते हैं कि हमें ज्यादा जानकारी नहीं है। सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया कि पुलिस की टीम इस प्रकरण में व्यापक जांच कर रही है। आश्रम के जिम्मेदार लोगों से भी जानकारी जुटाई जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि दीपक ने किसी जिम्मेदार पदाधिकारी को कभी अपनी कोई परेशानी बताई हो। व्यक्ति अवसाद में आकर आत्महत्या करता है लेकिन यहां मामला विपरीत है। दीपक ने पहले प्राइवेट पार्ट काटा और फिर छत से छलांग लगाई थी।
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संत प्रेमानंद के शिष्य की मौत की एसआईटी या मजिस्ट्रियल जांच की मांग
संत प्रेमानंद के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत के मामले की एसआईटी या मजिस्ट्रियल जांच की मांग उठने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रहलाद कृष्ण शुक्ला ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर एसआईटी या मजिस्ट्रियल जांच कराए जाने के मांग की है।
उन्होंने बताया कि संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारीशरण की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उनके शरीर सात स्थान पर चोटें थीं, इसके अलावा प्राइवेट पार्ट भी कटा हुआ था। अधिक रक्त बहना मौत का कारण पाया गया है। उन्होंने कहा कि संत प्रेमानंद एवं श्रीहित राधाकेलि कुंज ट्रस्ट की ओर किसी भी व्यक्ति का कोई भी वक्तव्य दीपक की मौत के मामले में नहीं आया हैं, यह काफी संदेहास्पद है। मृतक के परिजन ने इसे आत्महत्या मानने से इंकार करते हुए पुलिस को लिखित शिकायत देकर बड़ी साजिश की आशंका जताई है। उनका कहना है कि 2 वर्षों से दीपक से उनका कोई संपर्क नहीं था। आश्रम प्रबंधन उसे परिजनों से मिलने भी नहीं देता था।
पुलिस को सूचना घटना हो जाने के लगभग 2 घंटे बाद अस्पताल से मिली। आश्रम में रहने वाले साधकों ने घटना के बाद आश्रम के सामने लगी सबमर्सिबल चलाकर पानी से सड़क पर पड़े खून को साफ किया। इससे पता चलता है कि मामला काफी गंभीर हैं और इस मामले में प्राप्त सबूतों को सुरक्षित रखते हुए गहनता से इस विषय की जांच अति आवश्यक है। उन्होंने बताया कि वह शीघ्र उक्त मामले में निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करेंगे और एसआईटी और मजिस्ट्रियल जांच की मांग करेंगे।