{"_id":"586aa3184f1c1ba709158c61","slug":"polution-board-takes-samples-from-stp-in-mathura","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को बंद मिला एसटीपी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को बंद मिला एसटीपी
ब्यूरो अमर उजाला
Updated Tue, 03 Jan 2017 12:29 AM IST
विज्ञापन
एसटीपी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश पर सोमवार को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से पानी के नमूने लिए। लक्ष्मीनगर ट्रांस यमुना में एसटीपी बंद मिला।
सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी की याचिका पर एनजीटी ने पिछले दिनों केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों को मथुरा के एसटीपी से नमूने लेने के आदेश दिए थे। सोमवार को क्षेत्रीय अधिकारी वीके अस्थाना ने नमूने लिए।
इस दौरान लक्ष्मीनगर ट्रांस यमुना में एसटीपी बंद मिला। इसके संचालन की जिम्मेदारी जल निगम की है। जेई दीपेंद्र शर्मा ने बताया कि 3 दिन से बिजली नहीं है। यहां एंट्री और निकासी प्वाइंट से नमूने लिए गए। यहीं पालिका की ओर से संचालित एसटीपी द्वितीय से भी नमूने लिए गए। इसके निकासी प्वाइंट पर पानी नहीं मिला। अहिल्यागंज स्थित मसानी एसटीपी का भी यही हाल था।
विज्ञापन
टीम ने औद्योगिक क्षेत्र के एसटीपी से नमूने लेने से इंकार कर दिया। क्षेत्रीय अधिकारी वीके अस्थाना ने बताया कि एनजीटी के आदेश पर एकत्रित किए गए नमूने लखनऊ भेजे जाएंगे। इस मामले में अब अगली सुनवाई 20 जनवरी को होनी है।
इस दौरान सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष उमेश भारद्वाज, सचिव राजीव सिंह और संयोजक हेमंत अग्रवाल व सुदामा खत्री और जल निगम, पालिका के अधिकारी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी की याचिका पर एनजीटी ने पिछले दिनों केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों को मथुरा के एसटीपी से नमूने लेने के आदेश दिए थे। सोमवार को क्षेत्रीय अधिकारी वीके अस्थाना ने नमूने लिए।
विज्ञापन
इस दौरान लक्ष्मीनगर ट्रांस यमुना में एसटीपी बंद मिला। इसके संचालन की जिम्मेदारी जल निगम की है। जेई दीपेंद्र शर्मा ने बताया कि 3 दिन से बिजली नहीं है। यहां एंट्री और निकासी प्वाइंट से नमूने लिए गए। यहीं पालिका की ओर से संचालित एसटीपी द्वितीय से भी नमूने लिए गए। इसके निकासी प्वाइंट पर पानी नहीं मिला। अहिल्यागंज स्थित मसानी एसटीपी का भी यही हाल था।
विज्ञापन
टीम ने औद्योगिक क्षेत्र के एसटीपी से नमूने लेने से इंकार कर दिया। क्षेत्रीय अधिकारी वीके अस्थाना ने बताया कि एनजीटी के आदेश पर एकत्रित किए गए नमूने लखनऊ भेजे जाएंगे। इस मामले में अब अगली सुनवाई 20 जनवरी को होनी है।
इस दौरान सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष उमेश भारद्वाज, सचिव राजीव सिंह और संयोजक हेमंत अग्रवाल व सुदामा खत्री और जल निगम, पालिका के अधिकारी भी मौजूद रहे।