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Mathura News: पाइप लाइन लीकेज से दर्जनों मकानों में आईं दरारें
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मथुरा। नगर निगम की पाइप लाइन में लीकेज होने से तुलसी चबूतरा क्षेत्र के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पाइप से लगातार रिस रहा पानी जमीन के भीतर मकानों की नींव तक पहुंचता रहा। इससे वार्ड 61 की हनुमान गली में दो दर्जन से अधिक मकानों की दीवारों में दरारें आ गई हैं। मकानों में दरारें आने से स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई है।
हनुमान गली के स्थानीय निवासियों की धड़कनें बढ़ गई हैं। मकानों की दीवारों पर उभरती दरारों ने उन्हें भविष्य को लेकर चिंतित कर दिया है। लोगों को डर है कि यदि पानी का रिसाव पूरी तरह नहीं रुका तो नींव और कमजोर हो सकती है। अब उन्हें अपने आशियाने के दरकने की चिंता सताने लगी है। स्थानीय निवासी महेश चतुर्वेदी ने बताया कि काफी समय से पाइप लाइन से पानी रिस रहा था। धीरे-धीरे आसपास के मकानों की दीवारों में दरारें दिखाई देने लगीं। सीए अनिल बी. चतुर्वेदी ने कहा कि शुरुआत में दरारें छोटी थीं, लेकिन समय के साथ उनका आकार बढ़ता गया। इससे लोगों को मकानों की सुरक्षा को लेकर चिंता है।
सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने बताया कि लीकेज की शिकायत नगर निगम में की गई थी। इसके बाद कर्मचारी मौके पर पहुंचे और पाइप लाइन की जांच की। सुभाष यादव ने बताया कि पाइप लाइन ठीक किए जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन मकानों को हुए नुकसान की भी जांच जरूरी है। इनके साथ गजानंद चतुर्वेदी, दिनेश चतुर्वेदी, बसंत लाल चतुर्वेदी, महेश चतुर्वेदी और राजकुमारी नागर आदि के मकानों में भी दरारें आईं हैं। गजानंद चतुर्वेदी समेत अन्य स्थानीय लोगों ने नगर निगम से प्रभावित मकानों का निरीक्षण कराकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते लीकेज की समस्या दूर नहीं की जाती तो नुकसान और बढ़ सकता था। नगर निगम कर्मचारियों ने शिकायत के बाद लीकेज कर रहे पाइप को ठीक कर दिया है।
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हनुमान गली के स्थानीय निवासियों की धड़कनें बढ़ गई हैं। मकानों की दीवारों पर उभरती दरारों ने उन्हें भविष्य को लेकर चिंतित कर दिया है। लोगों को डर है कि यदि पानी का रिसाव पूरी तरह नहीं रुका तो नींव और कमजोर हो सकती है। अब उन्हें अपने आशियाने के दरकने की चिंता सताने लगी है। स्थानीय निवासी महेश चतुर्वेदी ने बताया कि काफी समय से पाइप लाइन से पानी रिस रहा था। धीरे-धीरे आसपास के मकानों की दीवारों में दरारें दिखाई देने लगीं। सीए अनिल बी. चतुर्वेदी ने कहा कि शुरुआत में दरारें छोटी थीं, लेकिन समय के साथ उनका आकार बढ़ता गया। इससे लोगों को मकानों की सुरक्षा को लेकर चिंता है।
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सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने बताया कि लीकेज की शिकायत नगर निगम में की गई थी। इसके बाद कर्मचारी मौके पर पहुंचे और पाइप लाइन की जांच की। सुभाष यादव ने बताया कि पाइप लाइन ठीक किए जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन मकानों को हुए नुकसान की भी जांच जरूरी है। इनके साथ गजानंद चतुर्वेदी, दिनेश चतुर्वेदी, बसंत लाल चतुर्वेदी, महेश चतुर्वेदी और राजकुमारी नागर आदि के मकानों में भी दरारें आईं हैं। गजानंद चतुर्वेदी समेत अन्य स्थानीय लोगों ने नगर निगम से प्रभावित मकानों का निरीक्षण कराकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते लीकेज की समस्या दूर नहीं की जाती तो नुकसान और बढ़ सकता था। नगर निगम कर्मचारियों ने शिकायत के बाद लीकेज कर रहे पाइप को ठीक कर दिया है।
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