{"_id":"6547eaf485f362e2960273b4","slug":"no-a-negative-blood-in-the-blood-bank-of-the-district-hospital-mathura-news-c-369-1-mt11006-3196-2023-11-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में ए नेगेटिव रक्त नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में ए नेगेटिव रक्त नहीं
विज्ञापन
मथुरा। किसी मरीज को ए नेगेटिव रक्त की जरूरत पड़ जाए तो जिला अस्पताल जाने से कोई फायदा नहीं होगा। अस्पताल के ब्लड बैंक में ए नेगेटिव रक्त का स्टॉक खत्म हो चुका है। बी नेगेटिव ग्रुप का भी केवल एक यूनिट रक्त बचा है। अन्य ग्रुप के रक्त का स्टॉक भी दिन बीतने के साथ कम हो रहा है। ऐसे में ब्लड बैंक प्रबंधन को रक्तदाताओं का इंतजार है।
ब्लड बैंक में सितंबर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया था। तब करीब 400 यूनिट ब्लड का स्टॉक किया गया। तब से मरीजों को जरूरत के अनुसार रक्त दिया जा रहा था। अब हालात बदल रहे हैं। सभी ग्रुप के रक्त का स्टॉक कम हो रहा है। ब्लड बैंक प्रबंधन रक्तदाताओं से संपर्क कर उन्हें रक्तदान के लिए प्रेरित कर रहा है।
ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. रितु रंजन ने बताया कि रोजाना करीब 10 यूनिट रक्त जरूरतमंद मरीजों को दिया जाता है। सरकारी अस्पताल के मरीजों को निशुल्क रक्त देते हैं, जबकि निजी अस्पताल से आने वाले मरीजों से 1050 रुपये प्रति यूनिट शुल्क लिया जाता है। तीमारदार रक्त लेने के बदले इच्छानुसार रक्तदान भी कर सकता है। स्टॉक में रखा ब्लड 35 से 40 दिन में बेकार हो जाता है।
विज्ञापन
रक्तदान से नहीं कोई नुकसान
चिकित्सकों के मुताबिक रक्तदान से कोई नुकसान नहीं है। लोगों को जीवन बचाने के लिए इस कार्य में पीछे नहीं रहना चाहिए। रक्तदान से व्यक्ति स्वस्थ रहता है। हर स्वस्थ व्यक्ति तीन महीने में एक यूनिट रक्तदान कर सकता है। रक्तदान करने पर जिला अस्पताल से डोनर को प्रमाण पत्र दिया जाता है, जिसकी मदद से वह कभी भी खुद या औरों के लिए एक यूनिट रक्त सरकारी ब्लड बैंक से ले सकता है।
ये है मौजूदा स्टॉक की स्थिति
ए पॉजिटिव-26 यूनिट ए नेगेटिव-0 यूनिट
बी पॉजिटिव- 57 यूनिट बी नेगेटिव-1 यूनिट
एबी पॉजिटिव- 14 यूनिट एबी नेगेटिव-1 यूनिट
ओ पॉजिटिव- 40 यूनिट ओ नेगेटिव- 3 यूनिट
ए नेगेटिव ब्लड का स्टॉक खत्म हो चुका है। बी नेगेटिव ग्रुप का एक यूनिट रक्त बचा है। रक्तदाताओं से अपील है कि वो जिला अस्पताल आकर रक्तदान करें। ताकि जरूरत पड़ने पर मरीज को दिया जा सके। -डॉ. रितु रंजन, ब्लड बैंक प्रभारी, जिला अस्पताल
विज्ञापन
ब्लड बैंक में सितंबर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया था। तब करीब 400 यूनिट ब्लड का स्टॉक किया गया। तब से मरीजों को जरूरत के अनुसार रक्त दिया जा रहा था। अब हालात बदल रहे हैं। सभी ग्रुप के रक्त का स्टॉक कम हो रहा है। ब्लड बैंक प्रबंधन रक्तदाताओं से संपर्क कर उन्हें रक्तदान के लिए प्रेरित कर रहा है।
विज्ञापन
ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. रितु रंजन ने बताया कि रोजाना करीब 10 यूनिट रक्त जरूरतमंद मरीजों को दिया जाता है। सरकारी अस्पताल के मरीजों को निशुल्क रक्त देते हैं, जबकि निजी अस्पताल से आने वाले मरीजों से 1050 रुपये प्रति यूनिट शुल्क लिया जाता है। तीमारदार रक्त लेने के बदले इच्छानुसार रक्तदान भी कर सकता है। स्टॉक में रखा ब्लड 35 से 40 दिन में बेकार हो जाता है।
विज्ञापन
रक्तदान से नहीं कोई नुकसान
चिकित्सकों के मुताबिक रक्तदान से कोई नुकसान नहीं है। लोगों को जीवन बचाने के लिए इस कार्य में पीछे नहीं रहना चाहिए। रक्तदान से व्यक्ति स्वस्थ रहता है। हर स्वस्थ व्यक्ति तीन महीने में एक यूनिट रक्तदान कर सकता है। रक्तदान करने पर जिला अस्पताल से डोनर को प्रमाण पत्र दिया जाता है, जिसकी मदद से वह कभी भी खुद या औरों के लिए एक यूनिट रक्त सरकारी ब्लड बैंक से ले सकता है।
ये है मौजूदा स्टॉक की स्थिति
ए पॉजिटिव-26 यूनिट ए नेगेटिव-0 यूनिट
बी पॉजिटिव- 57 यूनिट बी नेगेटिव-1 यूनिट
एबी पॉजिटिव- 14 यूनिट एबी नेगेटिव-1 यूनिट
ओ पॉजिटिव- 40 यूनिट ओ नेगेटिव- 3 यूनिट
ए नेगेटिव ब्लड का स्टॉक खत्म हो चुका है। बी नेगेटिव ग्रुप का एक यूनिट रक्त बचा है। रक्तदाताओं से अपील है कि वो जिला अस्पताल आकर रक्तदान करें। ताकि जरूरत पड़ने पर मरीज को दिया जा सके। -डॉ. रितु रंजन, ब्लड बैंक प्रभारी, जिला अस्पताल