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कलेजे के टुकड़े को मंदिर के पास छोड़ा
अमर उजाला वृंदावन
Updated Fri, 28 Oct 2016 11:41 PM IST
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नवजात
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
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परिक्रमा मार्ग स्थित चामुंडा मंदिर के समीप शुक्रवार को सुबह एक नवजात बच्चा मिला। बताया गया है कि कोई महिला इस बच्चे को छोड़ गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने इसे वात्सल्य ग्राम पहुंचाया। बाद जिला बाल कल्याण समिति की आपत्ति पर इसे बाल शिशु गृह पहुंचा दिया गया है।
सुबह सात बजे कैला देवी मंदिर के समीप रहने वाले भोला की पत्नी को सफाई के दौरान बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। पेड़ के नीचे तौलिया में लिपटा बच्चा रो रहा था। महिला बच्चे को लेकर कैला देवी मंदिर पहुंची और उसे ऊनी कपड़े पहनाए। कुछ ही देर में वहां गांव राजपुर के भी लोग भी पहुंच गए। गांव राजपुर निवासी ठाकुर योगेश सिंह ने पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस बच्चे को कब्जे में लेकर वात्सल्य ग्राम पहुंच गई। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने बच्चे को वात्सल्य ग्राम के व्यवस्थापकों को सौंप दिया। दोपहर को इसकी जानकारी पर जिला बाल कल्याण समिति की सदस्य प्रतिभा शर्मा एडवोकेट कोतवाली पहुंचीं और बिना समिति की अनुमति के बच्चे को वात्सल्य ग्राम पहुंचाने पर नाराजगी जताई। प्रतिभा शर्मा की पुलिस से कहासुनी भी हो गई।
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इसके बाद पुलिस वात्सल्य ग्राम पहुंची और बच्चे को मथुरा बाल शिशु गृह पहुंचाया। शाम तक हुई कानूनी प्रक्रिया के बाद बच्चे को शिशु गृह ने अपनी सुपुर्दगी में ले लिया है। इधर स्थानीय लोग उस मां कोस रहे थे जिसे ना जाने किन परिस्थितियों में नवजात को मंदिर में छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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सुबह सात बजे कैला देवी मंदिर के समीप रहने वाले भोला की पत्नी को सफाई के दौरान बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। पेड़ के नीचे तौलिया में लिपटा बच्चा रो रहा था। महिला बच्चे को लेकर कैला देवी मंदिर पहुंची और उसे ऊनी कपड़े पहनाए। कुछ ही देर में वहां गांव राजपुर के भी लोग भी पहुंच गए। गांव राजपुर निवासी ठाकुर योगेश सिंह ने पुलिस को सूचना दी।
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मौके पर पहुंची पुलिस बच्चे को कब्जे में लेकर वात्सल्य ग्राम पहुंच गई। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने बच्चे को वात्सल्य ग्राम के व्यवस्थापकों को सौंप दिया। दोपहर को इसकी जानकारी पर जिला बाल कल्याण समिति की सदस्य प्रतिभा शर्मा एडवोकेट कोतवाली पहुंचीं और बिना समिति की अनुमति के बच्चे को वात्सल्य ग्राम पहुंचाने पर नाराजगी जताई। प्रतिभा शर्मा की पुलिस से कहासुनी भी हो गई।
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इसके बाद पुलिस वात्सल्य ग्राम पहुंची और बच्चे को मथुरा बाल शिशु गृह पहुंचाया। शाम तक हुई कानूनी प्रक्रिया के बाद बच्चे को शिशु गृह ने अपनी सुपुर्दगी में ले लिया है। इधर स्थानीय लोग उस मां कोस रहे थे जिसे ना जाने किन परिस्थितियों में नवजात को मंदिर में छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।