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गोवंश का आहार बनाया जाएगा चढ़ावे का दूध

Thu, 17 Mar 2016 12:35 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा Updated Thu, 17 Mar 2016 12:35 AM IST
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ndri scientists discus about milk recycle
दूध
गोवर्धन में दानघाटी, मानसी गंगा और जतीपुरा मुखारबिंद पर गिरिराज शिला पर चढ़ाए जाने वाला दूध गोवंश का आहार बनाया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल के वैज्ञानिक, मंदिर प्रबंधन और प्रशासनिक अफसरों के बीच सहमति बनी है।
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खाद्य विभाग की पहल पर राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) करनाल के वैज्ञानिकों की टीम बुधवार को एक बार फिर गोवर्धन के इन स्थलों पर गई। एनडीआरआई के प्रधान वैज्ञानिक डा. चंद्र दत्त, मॉडल डेयरी प्लांट के जीएम ज्ञान मुटरेजा के साथ पहुंचे मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीके राठी ने कई बिंदुओं पर विचार विमर्श किया।
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इस मंथन के निष्कर्ष के अनुसार अब इन तीनों मंदिरों में स्टेनलेस टैंक बनाए जाएंगे। गिरिराज शिला पर चढ़ने वाले दूध को इन टैंकों में इकट्ठा किया जाएगा। इसके बाद इस दूध की जांच कराई जाएगी, ताकि हानिकारक अवयव को अलग करने की प्रक्रिया को पूरा किया जा सके। इसके बाद इस दूध को कैटिल फीड में बदलकर आसपास की गोशालाओं में दिया जाएगा। खाद्य विभाग इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा।
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धार्मिक भावनाएं नहीं होंगी आहत
मथुरा। अब तक जो दूध गिरिराज शिलाओं पर चढ़ाया जाता है वह नालियों में प्रवाहित होता है। कुछ दिन बाद ये दूध सड़ने लगता था। इसके चलते दानघाटी के आसपास, बड़ी परिक्रमा मार्ग, जतीपुरा मुखारबिंद के निकट तेज सड़ांध आती है। कई बार परिक्रमार्थियों को नाक और मुंह पर कपड़ा रखकर गुजरना पड़ता है।

इधर, मानसी गंगा मुखारबिंद पर चढ़ने वाला दूध सीधा मानसी गंगा में प्रवाहित होता है, जो मानसीगंगा में प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह है। इसके चलते कई बार लाखों मछलियां मरकर सीढ़ियों पर आ जाती हैं। नई व्यवस्था में एक तरफ परिक्रमार्थियों को सड़ांध, मछलियों को असमय मौत से मुक्ति मिलेगी वहीं दूध का प्रयोग गोवंश के आहार में होने से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं भी आहत नहीं होंगी।


हमारा प्रयास करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को बनाए रखते हुए गिरिराज शिला पर चढ़े दूध का सदुपयोग करने का है, ताकि भक्ति का भाव भी बना रहे और चढ़ाए गए दूध से गोवंश की तृप्ति हो सके। मंदिर प्रबंधन का सकारात्मक रुख भी उत्साह बढ़ा रहा है।
- वीके राठी, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी, मथुरा
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