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नाग पंचमी : महिलाओं ने नाग की पूजा कर पिलाया दूध
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नाग पंचमी पर नाक टीला स्थित नाग देवता की पूजा करती महिलाएं।
- फोटो : MATHURA
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मथुरा। शनिवार को नाग पंचमी के दिन लोगों ने नागों का पूजन किया। महिलाओं ने उन्हें दूध भी पिलाया।
शहर के नाग टीले पर पूजन को महिलाओं की भीड़ उमड़ी। यहां मंदिर के पुजारियों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए महिलाओं को मंदिर में प्रवेश दिया और पूजन कराया। इधर, घरों के मुख्य द्वारों पर भी महिलाओं ने नाग बनाकर उनका पूजन किया। भक्तों ने शिव मंदिरों में भी भोले बाबा का रुद्राभिषेक किया। चामुंडा मंदिर स्थित शिव मंदिर में महंत विष्णु चतुर्वेदी के आचार्यत्व में भक्तों ने रुद्राभिषेक किया।
गताश्रम टीला स्थित श्रीजी दरबार श्री विद्यापीठ में नागपंचमी पर कार्लसर्प योग शांति महायज्ञ नागेश साधना का आयोजन हुआ। भोला बाबा महाराज के आर्चात्व में हुए महायज्ञ में आए लोगों ने आहुतियां दीं।
नाग टीले पर पूजन से सर्प दोष से मिलती है मुक्ति
बंगाली घाट के समीप नाग टीला है। यहां पर पूजन करने से सर्प दोष से मुक्ति मिलती है। धर्मग्रंथों में उल्लेख है कि राजा जनमेजय के पिता राजा परीक्षित को तक्षक नामक सर्प ने डस लिया था। इससे क्रोधित होकर कुरुक्षेत्र में जनमेजय ने यज्ञ किया। जब तक्षक नहीं मिला तो मंत्रों से सर्पों को भस्म करना शुरू कर दिया। तक्षक जान बचाने को भगवान इंद्र के सिंहासन से लिपट गए।
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मंत्रों के प्रभाव के कारण इंद्र का सिंहासन भी हिलने लगा। इस पर सभी देवता एकत्रित हुए। ब्रह्माजी ने जनमेजय से कहा कि यह क्या कर रहे हो। तुम्हारे पिता को श्राप था। जब राजा जनमेजय को अपनी गलती का एहसास हुआ तो उन्होंने मथुरा के नाग टीला पर सर्प दोष निवारण यज्ञ कराया। इस टीले पर नाग बिहारी का मंदिर है। बाल कृष्ण चतुर्वेदी बताते हैं कि इस टीले पर पूजन करने से सर्प दोष से मुक्ति मिलती है। नाग पंचमी को यहां पूजन करने का विशेष महत्व है।
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शहर के नाग टीले पर पूजन को महिलाओं की भीड़ उमड़ी। यहां मंदिर के पुजारियों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए महिलाओं को मंदिर में प्रवेश दिया और पूजन कराया। इधर, घरों के मुख्य द्वारों पर भी महिलाओं ने नाग बनाकर उनका पूजन किया। भक्तों ने शिव मंदिरों में भी भोले बाबा का रुद्राभिषेक किया। चामुंडा मंदिर स्थित शिव मंदिर में महंत विष्णु चतुर्वेदी के आचार्यत्व में भक्तों ने रुद्राभिषेक किया।
गताश्रम टीला स्थित श्रीजी दरबार श्री विद्यापीठ में नागपंचमी पर कार्लसर्प योग शांति महायज्ञ नागेश साधना का आयोजन हुआ। भोला बाबा महाराज के आर्चात्व में हुए महायज्ञ में आए लोगों ने आहुतियां दीं।
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नाग टीले पर पूजन से सर्प दोष से मिलती है मुक्ति
बंगाली घाट के समीप नाग टीला है। यहां पर पूजन करने से सर्प दोष से मुक्ति मिलती है। धर्मग्रंथों में उल्लेख है कि राजा जनमेजय के पिता राजा परीक्षित को तक्षक नामक सर्प ने डस लिया था। इससे क्रोधित होकर कुरुक्षेत्र में जनमेजय ने यज्ञ किया। जब तक्षक नहीं मिला तो मंत्रों से सर्पों को भस्म करना शुरू कर दिया। तक्षक जान बचाने को भगवान इंद्र के सिंहासन से लिपट गए।
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मंत्रों के प्रभाव के कारण इंद्र का सिंहासन भी हिलने लगा। इस पर सभी देवता एकत्रित हुए। ब्रह्माजी ने जनमेजय से कहा कि यह क्या कर रहे हो। तुम्हारे पिता को श्राप था। जब राजा जनमेजय को अपनी गलती का एहसास हुआ तो उन्होंने मथुरा के नाग टीला पर सर्प दोष निवारण यज्ञ कराया। इस टीले पर नाग बिहारी का मंदिर है। बाल कृष्ण चतुर्वेदी बताते हैं कि इस टीले पर पूजन करने से सर्प दोष से मुक्ति मिलती है। नाग पंचमी को यहां पूजन करने का विशेष महत्व है।