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मथुरा: वेणु मंजिरिका पुष्प बंगले में विराजेंगे ठाकुरजी
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मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण का पुनीत जन्म महोत्सव श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में शास्त्रीय मर्यादाओं एवं परंपराओं के अनुसार 30 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान वेणु मंजिरिका पुष्प बंगले में विराजेंगे।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि इस वर्ष भगवान श्रीकृष्ण के 5247वें जन्म महोत्सव के दिव्य अवसर पर जन्मस्थान की साज-सज्जा, ठाकुरजी की पोशाक, शृंगार नयनाभिराम होगा। जन्मभूमि के अंदर एवं परिसर के बाहर से श्रद्धालुगण जिस दिशा से भगवान जन्मभूमि के दर्शन करेंगे, वहीं से उनको जन्मभूमि की अद्भुत छटा की अनुभूति हो, ऐसा प्रयास चल रहा है।
30 अगस्त को प्रात: शहनाई एवं नगाड़ों के वादन के साथ भगवान की मंगला आरती के दशन होंगे। तदोपरांत भगवान का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। प्रात: 10 बजे पुष्पांजलि कार्यक्रम भागवत-भवन मंदिर में श्रीराधाकृष्ण के श्रीविग्रह के समक्ष किया जाएगा। जन्म महाभिषेक का कार्यक्रम रात्रि 11 बजे श्रीगणेश-नवग्रह आदि पूजन से शुरू होगा। रात्रि 12 बजे भगवान के प्राकट्य के साथ संपूर्ण मंदिर परिसर में ढोल-नगाड़े, झांझ-मंजीरे, मृदंग साथ ही हरिबोल के स्वर गूंजेंगे।
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भगवान के जन्म की महाआरती शुरू होगी, जो रात्रि 12:15 बजे तक चलेगी। इसके बाद केसर आदि सुगंधित द्रव्यों से लिपटे हुए भगवान श्रीकृष्ण का चल विग्रह मोर्छलासन में विराजमान कर अभिषेक स्थल पर पधारेंगे। भगवान श्रीकृष्ण रजत कमल पुष्प में विराजित श्रीचलविग्रह का अभिषेक दूध, दही, घी, बूरा, शहद, दिव्य औषधि एवं वनस्पतियों से किया जाएगा। प्रथम जन्माभिषेक स्वर्ण रजत निर्मित कामधेनु स्वरूपा गोमाता करेंगी। जन्म महाभिषेक रात्रि 12:15 से रात्रि 12:30 बजे तक चलेगा। इसके बाद 12:40 से 12:50 तक शृंगार आरती के दर्शन होंगे। जन्म के दर्शन रात्रि 1:30 बजे तक खुले रहेंगे।
गोविंद नगर गेट से होगा प्रवेश
जन्माष्टमी के दिन श्रृद्धालुओं का प्रवेश गोविंद नगर द्वार (गेट-3) से होगा एवं निकास मुख्य द्वार (गेट-1) से होगा। कपिल शर्मा ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान द्वारा रूपम सिनेमा, गोविंद नगर थाने के सामने, श्रीगर्तेश्वर मंदिर तिराहा व श्रीराधा पार्क (श्रीगर्तेष्वर मंदिर के निकट) पर जूता घर बनाए जाएंगे। जन्मस्थान के गेट 1 के समीप आयुर्वेद-भवन प्रांगण में खोया-पाया केंद्र बनाया जा रहा है।
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श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि इस वर्ष भगवान श्रीकृष्ण के 5247वें जन्म महोत्सव के दिव्य अवसर पर जन्मस्थान की साज-सज्जा, ठाकुरजी की पोशाक, शृंगार नयनाभिराम होगा। जन्मभूमि के अंदर एवं परिसर के बाहर से श्रद्धालुगण जिस दिशा से भगवान जन्मभूमि के दर्शन करेंगे, वहीं से उनको जन्मभूमि की अद्भुत छटा की अनुभूति हो, ऐसा प्रयास चल रहा है।
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30 अगस्त को प्रात: शहनाई एवं नगाड़ों के वादन के साथ भगवान की मंगला आरती के दशन होंगे। तदोपरांत भगवान का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। प्रात: 10 बजे पुष्पांजलि कार्यक्रम भागवत-भवन मंदिर में श्रीराधाकृष्ण के श्रीविग्रह के समक्ष किया जाएगा। जन्म महाभिषेक का कार्यक्रम रात्रि 11 बजे श्रीगणेश-नवग्रह आदि पूजन से शुरू होगा। रात्रि 12 बजे भगवान के प्राकट्य के साथ संपूर्ण मंदिर परिसर में ढोल-नगाड़े, झांझ-मंजीरे, मृदंग साथ ही हरिबोल के स्वर गूंजेंगे।
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भगवान के जन्म की महाआरती शुरू होगी, जो रात्रि 12:15 बजे तक चलेगी। इसके बाद केसर आदि सुगंधित द्रव्यों से लिपटे हुए भगवान श्रीकृष्ण का चल विग्रह मोर्छलासन में विराजमान कर अभिषेक स्थल पर पधारेंगे। भगवान श्रीकृष्ण रजत कमल पुष्प में विराजित श्रीचलविग्रह का अभिषेक दूध, दही, घी, बूरा, शहद, दिव्य औषधि एवं वनस्पतियों से किया जाएगा। प्रथम जन्माभिषेक स्वर्ण रजत निर्मित कामधेनु स्वरूपा गोमाता करेंगी। जन्म महाभिषेक रात्रि 12:15 से रात्रि 12:30 बजे तक चलेगा। इसके बाद 12:40 से 12:50 तक शृंगार आरती के दर्शन होंगे। जन्म के दर्शन रात्रि 1:30 बजे तक खुले रहेंगे।
गोविंद नगर गेट से होगा प्रवेश
जन्माष्टमी के दिन श्रृद्धालुओं का प्रवेश गोविंद नगर द्वार (गेट-3) से होगा एवं निकास मुख्य द्वार (गेट-1) से होगा। कपिल शर्मा ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान द्वारा रूपम सिनेमा, गोविंद नगर थाने के सामने, श्रीगर्तेश्वर मंदिर तिराहा व श्रीराधा पार्क (श्रीगर्तेष्वर मंदिर के निकट) पर जूता घर बनाए जाएंगे। जन्मस्थान के गेट 1 के समीप आयुर्वेद-भवन प्रांगण में खोया-पाया केंद्र बनाया जा रहा है।