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मथुरा: नौहझील व बलदेव क्षेत्र में डेंगू व बुखार की चपेट में आए लोग
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नौहझील/बलदेव (मथुरा)। कस्बा सुरीर के थोक कलां में डेंगू से पीड़ित एक किशोर की मौत हो गई। वह पिछले कई दिन से बुखार में तप रहा था। वहीं, तमाम लोग बुखार से पीड़ित हैं।
कस्बा सुरीर के थोक कलां में साहूकार का बेटा राहुल (14) को आठ दिन से बुखार आ रहा था। कस्बे में ही प्राइवेट डॉक्टरों से दवा ले रहा था। तबियत में सुधार न होने पर परिवार के लोगों ने उसे चार दिन पहले मथुरा में महोली रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उपचार के दौरान राहुल की मंगलवार को मौत हो गई।
मृतक के पिता ने बताया कि अस्पताल में जांच के दौरान उनके बेटे को डेंगू बताया था। उधर, कस्बा सुरीर में तमाम लोग बुखार से पीड़ित हैं। जिनमें दर्जनों मरीजों में डेंगू के लक्षण हैं। गांव-गांव लोग बीमार हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग बेखबर है। सीएचसी नौहझील के प्रभारी डॉ. शशिरंजन ने बताया कि गांव में किशोर की मौत की पूरी जानकारी के लिए स्वास्थ्य टीम को भेजा गया है।
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वहीं, गांव फरीदमपुर में डेंगू बुखार ने तेजी से पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। पीड़ित लेखराज ने बताया कि उनकी पुत्रवधू रश्मि को बुखार पिछले तीन दिन से आ रहा है। जिसका इलाज सीएचसी नौहझील पर चल रहा है। इनके घर में पिछले 20 दिनों के भीतर डेंगू के 3 मरीज पहले भी मिल चुके हैं।
बलदेव में विगत एक माह से सर्दी, जुकाम, डेंगू और बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की शिथिलता प्रशासन की लापरवाही के चलते बलदेव में घर-घर मरीज पड़े हैं। स्थानीय ज्ञानेंद्र पांडेय, नरेंद्र बाबू, उमेश पांडे, सुनील बाबू, रजनी बाबू, विजय अग्रवाल, राजू वर्मा, पवन गोयल आदि ने दवा छिड़कने व कैंप लगाकर मरीजों का इलाज कराने की मांग जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग से की है।
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कस्बा सुरीर के थोक कलां में साहूकार का बेटा राहुल (14) को आठ दिन से बुखार आ रहा था। कस्बे में ही प्राइवेट डॉक्टरों से दवा ले रहा था। तबियत में सुधार न होने पर परिवार के लोगों ने उसे चार दिन पहले मथुरा में महोली रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उपचार के दौरान राहुल की मंगलवार को मौत हो गई।
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मृतक के पिता ने बताया कि अस्पताल में जांच के दौरान उनके बेटे को डेंगू बताया था। उधर, कस्बा सुरीर में तमाम लोग बुखार से पीड़ित हैं। जिनमें दर्जनों मरीजों में डेंगू के लक्षण हैं। गांव-गांव लोग बीमार हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग बेखबर है। सीएचसी नौहझील के प्रभारी डॉ. शशिरंजन ने बताया कि गांव में किशोर की मौत की पूरी जानकारी के लिए स्वास्थ्य टीम को भेजा गया है।
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वहीं, गांव फरीदमपुर में डेंगू बुखार ने तेजी से पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। पीड़ित लेखराज ने बताया कि उनकी पुत्रवधू रश्मि को बुखार पिछले तीन दिन से आ रहा है। जिसका इलाज सीएचसी नौहझील पर चल रहा है। इनके घर में पिछले 20 दिनों के भीतर डेंगू के 3 मरीज पहले भी मिल चुके हैं।
बलदेव में विगत एक माह से सर्दी, जुकाम, डेंगू और बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की शिथिलता प्रशासन की लापरवाही के चलते बलदेव में घर-घर मरीज पड़े हैं। स्थानीय ज्ञानेंद्र पांडेय, नरेंद्र बाबू, उमेश पांडे, सुनील बाबू, रजनी बाबू, विजय अग्रवाल, राजू वर्मा, पवन गोयल आदि ने दवा छिड़कने व कैंप लगाकर मरीजों का इलाज कराने की मांग जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग से की है।