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मथुरा: ब्रज के राजा दाऊजी महाराज का जन्मोत्सव आज, तैयारियां पूर्ण
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मथुरा। दाऊजी की मनोहारी छवि।
- फोटो : MATHURA
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बलदेव (मथुरा)। ब्रज के राजा दाऊजी महाराज का जन्मोत्सव रविवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। मंदिर को आकर्षक लाइटों से सजाया गया है। जन्मोत्सव की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गईं हैं।
रिसीवर आरके पांडेय ने बताया कि दाऊजी महाराज के जन्मोत्सव को बलदेव छठ के रूप में मनाया जाता है। जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ेगा। मंदिर में सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गईं हैं। उन्होंने बताया कि गर्ग संहिता में देवकी के सातवें गर्भ से बलदेव जी का जन्म हुआ था। वसुदेव की दूसरी पत्नी रोहिणी कंस के भय से गोकुल में रहती थीं।
योग माया ने देवकी के उदर से गर्भ को खींच कर रोहिणी के गर्भ में स्थापित किया था। उनके जन्म की तिथि भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की षष्टी तिथि स्वाति नक्षत्र बुधवार थी। बलदेव जी का श्री विग्रह आठ फीट ऊंचा, साढ़े तीन फीट चौड़ा श्याम वर्ण है। पीछे शेषनाग सात फनों से युक्त मूर्ति की छाया करते हैं। विग्रह नृत्य मुद्रा में है। बलदेव जी को प्रतिदिन माखन मिश्री, खीर पूडी, भांग, दूध, पेड़ा का भोग लगता है।
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रिसीवर आरके पांडेय ने बताया कि दाऊजी महाराज के जन्मोत्सव को बलदेव छठ के रूप में मनाया जाता है। जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ेगा। मंदिर में सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गईं हैं। उन्होंने बताया कि गर्ग संहिता में देवकी के सातवें गर्भ से बलदेव जी का जन्म हुआ था। वसुदेव की दूसरी पत्नी रोहिणी कंस के भय से गोकुल में रहती थीं।
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योग माया ने देवकी के उदर से गर्भ को खींच कर रोहिणी के गर्भ में स्थापित किया था। उनके जन्म की तिथि भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की षष्टी तिथि स्वाति नक्षत्र बुधवार थी। बलदेव जी का श्री विग्रह आठ फीट ऊंचा, साढ़े तीन फीट चौड़ा श्याम वर्ण है। पीछे शेषनाग सात फनों से युक्त मूर्ति की छाया करते हैं। विग्रह नृत्य मुद्रा में है। बलदेव जी को प्रतिदिन माखन मिश्री, खीर पूडी, भांग, दूध, पेड़ा का भोग लगता है।
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