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भगवान रंगनाथ के साथ माता गोदांबा का विवाह
अमर उजाला वृंदावन
Updated Sat, 14 Jan 2017 12:28 AM IST
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भगवान रंगनाथ
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
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धर्मनगरी के प्रसिद्ध दक्षिण शैली के रंगनाथ मंदिर में शुक्रवार को धार्मिक अनुष्ठानों के मध्य विवाह महोत्सव का आयोजन हुआ।
रघुनाथ स्वामी के अनुसार मान्यता है कि धनुर्मास में लक्ष्मीस्वरूपा माता गोदांबा भगवान रंगनाथ को पति रूप में प्राप्त करने के लिए व्रतशील रहती हैं। मास के अंत में भगवान रंगनाथ का विवाह माता गोदांबा के साथ होता है।
शुक्रवार को दक्षिण भारत से आए संपत कुमार स्वामी और जगन्नाथ स्वामी के आचार्यत्व और महंत रंगाचार्य स्वामी के सानिध्य में रंगजी मंदिर में ये विवाह महोत्सव आयोजित किया गया। सर्वप्रथम विष्वकसेनजी की पूजा हुई। इसके बाद रंगनाथ भगवान को यज्ञोपवीत धारण कराया गया।
माता गोदांबा को दुल्हन रूप में विवाह मंडप में प्रवेश कराया गया और महासंकल्प के साथ कन्यादान कराकर मंगलसूत्र धारण कराया। कन्यादान की परंपरा विग्रह रूप में विराजित माता गोदांबा के पिता भट्नाथ स्वामी ने किया। देर शाम रंगनाथ मंदिर में भगवान गोदारंगमन्नार की शोभायात्रा निकाली गई। वर-वधु वैकुंठ द्वार से होते हुए भक्तों के दर्शनाथ मंदिर में विराजित हुए।
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रघुनाथ स्वामी के अनुसार मान्यता है कि धनुर्मास में लक्ष्मीस्वरूपा माता गोदांबा भगवान रंगनाथ को पति रूप में प्राप्त करने के लिए व्रतशील रहती हैं। मास के अंत में भगवान रंगनाथ का विवाह माता गोदांबा के साथ होता है।
शुक्रवार को दक्षिण भारत से आए संपत कुमार स्वामी और जगन्नाथ स्वामी के आचार्यत्व और महंत रंगाचार्य स्वामी के सानिध्य में रंगजी मंदिर में ये विवाह महोत्सव आयोजित किया गया। सर्वप्रथम विष्वकसेनजी की पूजा हुई। इसके बाद रंगनाथ भगवान को यज्ञोपवीत धारण कराया गया।
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माता गोदांबा को दुल्हन रूप में विवाह मंडप में प्रवेश कराया गया और महासंकल्प के साथ कन्यादान कराकर मंगलसूत्र धारण कराया। कन्यादान की परंपरा विग्रह रूप में विराजित माता गोदांबा के पिता भट्नाथ स्वामी ने किया। देर शाम रंगनाथ मंदिर में भगवान गोदारंगमन्नार की शोभायात्रा निकाली गई। वर-वधु वैकुंठ द्वार से होते हुए भक्तों के दर्शनाथ मंदिर में विराजित हुए।
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