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सांस्कृतिक कार्यक्रम में मालिनी अवस्थी में बांधा समां
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 11 Feb 2016 12:17 AM IST
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भागवत प्रवक्ता देवकीनन्दन ठाकुर महाराज ने श्री प्रियाकांत जू दिव्य दर्शन महोत्सव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिन भक्तों को भक्त और भगवान के संबंध के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि जब भगवान के प्रति भक्त का प्रेम अनंत हो जाता है तो साधारण मानव का रोम-रोम भी संत हो जाता है। भागवत को समझने के लिये भक्ति भावना बहुत आवश्यक है। समाज में आधुनिकता के नाम पर चरित्र को बिगाड़ने वाले साधन अपना प्रभाव डाल रहे हैं।
हमारे ऋषि मुनि जीवन को अमूल्य बनाने की शिक्षा देने वाले ग्रंथ लिखकर गए लेकिन आधुनिकता के मोहपाश में फंसा युवा चरित्र का नाश करने वाले साहित्य और सिनेमा में अपना जीवन बर्बाद कर रहा है ।
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कथा के बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शृृंखला में प्रसिद्ध लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने गीतों की प्रस्तुति से समां बांध दिया। इस अवसर पर महाभारत धारावाहिक में द्रोणाचार्य बने सुरेंद्र सिंह, गोपाल कुमार स्नेही, लता स्नेही, अमित कुमार, एमएल सोनी उपस्थित थे ।
धर्मनगरी में मिला सुकून
वृंदावन। फिल्म अभिनेता किरण कुमार ने कहा कि मायानगरी से दूर भक्ति भाव और आध्यात्मिक शक्ति से परिपूर्ण कन्हैया की नगरी में आकर मन को शांति मिली। जीवन में दूसरों के लिए कुछ करने की प्रेरणा भी प्राप्त हुई।
धर्म से जुड़ने का अनुभव सुखद
वृंदावन। अभिनेता गजेंद्र चौहान ने कहा कि महाभारत में युधिष्ठर का अभिनय करने के दौरान ही आध्यात्म, धर्म और भक्ति से जुड़ने का जो मौका मिला था वह जीवन का सुखद अनुभव रहा। वृंदावन जैसी पवित्र भूमि में आकर श्री प्रियाकांत जू महाराज के दिव्य दर्शन प्रभु कृपा से ही संभव हो सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि जब भगवान के प्रति भक्त का प्रेम अनंत हो जाता है तो साधारण मानव का रोम-रोम भी संत हो जाता है। भागवत को समझने के लिये भक्ति भावना बहुत आवश्यक है। समाज में आधुनिकता के नाम पर चरित्र को बिगाड़ने वाले साधन अपना प्रभाव डाल रहे हैं।
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हमारे ऋषि मुनि जीवन को अमूल्य बनाने की शिक्षा देने वाले ग्रंथ लिखकर गए लेकिन आधुनिकता के मोहपाश में फंसा युवा चरित्र का नाश करने वाले साहित्य और सिनेमा में अपना जीवन बर्बाद कर रहा है ।
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कथा के बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शृृंखला में प्रसिद्ध लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने गीतों की प्रस्तुति से समां बांध दिया। इस अवसर पर महाभारत धारावाहिक में द्रोणाचार्य बने सुरेंद्र सिंह, गोपाल कुमार स्नेही, लता स्नेही, अमित कुमार, एमएल सोनी उपस्थित थे ।
धर्मनगरी में मिला सुकून
वृंदावन। फिल्म अभिनेता किरण कुमार ने कहा कि मायानगरी से दूर भक्ति भाव और आध्यात्मिक शक्ति से परिपूर्ण कन्हैया की नगरी में आकर मन को शांति मिली। जीवन में दूसरों के लिए कुछ करने की प्रेरणा भी प्राप्त हुई।
धर्म से जुड़ने का अनुभव सुखद
वृंदावन। अभिनेता गजेंद्र चौहान ने कहा कि महाभारत में युधिष्ठर का अभिनय करने के दौरान ही आध्यात्म, धर्म और भक्ति से जुड़ने का जो मौका मिला था वह जीवन का सुखद अनुभव रहा। वृंदावन जैसी पवित्र भूमि में आकर श्री प्रियाकांत जू महाराज के दिव्य दर्शन प्रभु कृपा से ही संभव हो सकते हैं।