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Mathura News: धूमधाम से मनाया भगवान श्रीराम का भव्य जन्मोत्सव
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रंगजी मंदिर में भगवान श्री राम का मंदिर
- फोटो : kathua
वृंदावन। श्रीराम जन्मोत्सव के अवसर पर वृंदावन स्थित प्रसिद्ध दक्षिण भारतीय शैली के श्री रंगनाथ मंदिर में मंगलवार को भव्य धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी का पंचामृत अभिषेक किया गया।
मंगलवार को आयोजित मुख्य अनुष्ठान में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और जानकी का अभिषेक पांच पवित्र नदियों के जल और औषधीय गुणों से युक्त जड़ी-बूटियों के मिश्रण से किया गया। इसके पश्चात भगवान का अभिषेक पारंपरिक पंचामृत दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से संपन्न हुआ। मंदिर परिसर दिव्य गंध और मंत्रोच्चार से गूंज उठा।
पूरे समारोह में दक्षिण भारतीय ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हुए विशेष पूजा-अर्चना की गई। भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी के मूल एवं उत्सव विग्रह का विधिपूर्वक अभिषेक कर आरती की गई।
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विशेष श्रृंगार के बाद किए गए दर्शन
अभिषेक के उपरांत कुछ समय के लिए भगवान के दर्शन बंद कर दिए गए ताकि उन्हें विश्राम देकर विशेष श्रृंगार कराया जा सके। बाद में जब भगवान श्रीराम सजीव सौंदर्य में भक्तों के समक्ष आए तो उन्हें रत्नजड़ित मुकुट, हार, कुंडल और नवीन दिव्य वस्त्र पहनाए गए थे। श्रृंगार के पश्चात कुंभ आरती कर भगवान की नजर उतारी गई।
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जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर, वितरित हुआ प्रसाद
जैसे ही भगवान के दर्शन खुले, मंदिर जय श्रीराम के नारों से गुंजायमान हो उठा। दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु प्रभु के अलौकिक स्वरूप को देख भावविभोर हो गए। आयोजन के दौरान सभी भक्तों को महाप्रसाद वितरित किया गया।
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मंगलवार को आयोजित मुख्य अनुष्ठान में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और जानकी का अभिषेक पांच पवित्र नदियों के जल और औषधीय गुणों से युक्त जड़ी-बूटियों के मिश्रण से किया गया। इसके पश्चात भगवान का अभिषेक पारंपरिक पंचामृत दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से संपन्न हुआ। मंदिर परिसर दिव्य गंध और मंत्रोच्चार से गूंज उठा।
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पूरे समारोह में दक्षिण भारतीय ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हुए विशेष पूजा-अर्चना की गई। भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी के मूल एवं उत्सव विग्रह का विधिपूर्वक अभिषेक कर आरती की गई।
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विशेष श्रृंगार के बाद किए गए दर्शन
अभिषेक के उपरांत कुछ समय के लिए भगवान के दर्शन बंद कर दिए गए ताकि उन्हें विश्राम देकर विशेष श्रृंगार कराया जा सके। बाद में जब भगवान श्रीराम सजीव सौंदर्य में भक्तों के समक्ष आए तो उन्हें रत्नजड़ित मुकुट, हार, कुंडल और नवीन दिव्य वस्त्र पहनाए गए थे। श्रृंगार के पश्चात कुंभ आरती कर भगवान की नजर उतारी गई।
जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर, वितरित हुआ प्रसाद
जैसे ही भगवान के दर्शन खुले, मंदिर जय श्रीराम के नारों से गुंजायमान हो उठा। दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु प्रभु के अलौकिक स्वरूप को देख भावविभोर हो गए। आयोजन के दौरान सभी भक्तों को महाप्रसाद वितरित किया गया।