{"_id":"57c9cb144f1c1ba4242cc34f","slug":"juna-akhara-have-got-7-36-crore-land","type":"story","status":"publish","title_hn":"जूनागढ़ अखाड़ा को दान में मिली 7.63 करोड़ की जमीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जूनागढ़ अखाड़ा को दान में मिली 7.63 करोड़ की जमीन
अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 03 Sep 2016 12:25 AM IST
विज्ञापन
गोल्डन बाबा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवभूमि हरिद्वार के प्रसिद्ध जूनागढ़ अखाड़ा की मौजूदगी अब निकट भविष्य में ब्रजभूमि में भी नजर आएगी। अखाड़े के संतों को वृंदावन में 7.63 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन दान में मिली है। गोल्डन बाबा की मौजूदगी में इस जमीन का दान पत्र पंजीकृत कराया गया है।
उत्तराखंड राज्य के हरिद्वार में स्थापित जूनागढ़ अखाड़ा निरंतर धार्मिक क्षेत्र में पांव पसार रहा है। इसी प्रक्रिया में अखाड़े की मौजूदगी अब भगवान श्रीकृष्ण की लीला स्थली वृंदावन में भी होने जा रही है। यहां 2000 वर्ग मीटर जमीन जूनागढ़ अखाडे़ के संतों को मिली है। यह जमीन संतों को वृंदावन के संत स्वामी महेशानंद ने दान में दी है।
गुरुवार को रजिस्ट्री आफिस में दिल्ली वाली बगीची पैमारवन स्थित इस जमीन का दान पत्र पंजीकृत किया गया। इस पर 53 लाख रुपये के स्टांप लगे हैं। इस मौके पर जूनागढ़ आखाड़े के 52 संत मथुरा आए। इन संतों के साथ बहुचर्चित गोल्डन बाबा भी मौजूद रहे। हालांकि उनके नाम का उल्लेख दानपत्र में नहीं है।
विज्ञापन
फिर भी रजिस्ट्री कार्यालय में गोल्डन बाबा को देख सभी चकित थे। गौरतलब रहे कि गोल्डन बाबा के शरीर पर साढे़ बारह किलो सोने केआभूषण हर वक्त विराजमान रहते हैं। इन्हीं आभूषणों के लिए गोल्डन बाबा बहुचर्चित हुए हैं।
विज्ञापन
उत्तराखंड राज्य के हरिद्वार में स्थापित जूनागढ़ अखाड़ा निरंतर धार्मिक क्षेत्र में पांव पसार रहा है। इसी प्रक्रिया में अखाड़े की मौजूदगी अब भगवान श्रीकृष्ण की लीला स्थली वृंदावन में भी होने जा रही है। यहां 2000 वर्ग मीटर जमीन जूनागढ़ अखाडे़ के संतों को मिली है। यह जमीन संतों को वृंदावन के संत स्वामी महेशानंद ने दान में दी है।
विज्ञापन
गुरुवार को रजिस्ट्री आफिस में दिल्ली वाली बगीची पैमारवन स्थित इस जमीन का दान पत्र पंजीकृत किया गया। इस पर 53 लाख रुपये के स्टांप लगे हैं। इस मौके पर जूनागढ़ आखाड़े के 52 संत मथुरा आए। इन संतों के साथ बहुचर्चित गोल्डन बाबा भी मौजूद रहे। हालांकि उनके नाम का उल्लेख दानपत्र में नहीं है।
विज्ञापन
फिर भी रजिस्ट्री कार्यालय में गोल्डन बाबा को देख सभी चकित थे। गौरतलब रहे कि गोल्डन बाबा के शरीर पर साढे़ बारह किलो सोने केआभूषण हर वक्त विराजमान रहते हैं। इन्हीं आभूषणों के लिए गोल्डन बाबा बहुचर्चित हुए हैं।