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जोधपुर झाल : अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शुरू हुई पक्षियों की गणना
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मथुरा। जोझपुर झाल में विचरण करते प्रवासी पक्षी।
- फोटो : MATHURA
फरह (मथुरा)। रविवार को जोधपुर झाल पर वेटलैंड्स इंटरनेशनल एवं बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डवलपमेंट सोसाइटी द्वारा आईयूसीन के सदस्य ईकोलोजिस्ट टीके राव के निर्देशन एवं पक्षी विशेषज्ञ डॉ. केपी सिंह की निगरानी में प्रवासी जलीय पक्षियों की गणना की गई। जोधपुर झाल की गणना में उत्साहित करने वाले परिणाम प्राप्त हुए हैं। तीन घंटे चली गणना में 47 प्रजातियों की पहचान हुई। इनमें संकटग्रस्त सूची में शामिल 7 प्रजातियों सहित 27 प्रवासी एवं 20 आवासीय प्रजातियों को चिन्हित किया गया। कुल पक्षियों की संख्या 1179 थी।
जोधपुर झाल पर बार हेडेड गूज, ब्लैक टेल्ड गोडविट एवं नोर्दन शोवलर की संख्या सैकड़ों में है। इसके अतिरिक्त टैमिनिक स्टिंट, कॉमन टील, काम्ब डक, रेड क्रिस्टिड पोचार्ड, व्हाइट टेल्ड लेपविंग, पाइड एवोसेट, वेगटेल, कॉमन रेडशेंक, रूफ, कॉमन स्नाइप, नोर्दन पिनटेल अच्छी संख्या में मौजूद हैं। इसके अतिरिक्त गेडवाल, स्पोटिड ईगल, मार्श हैरियर, लिटिल रिंग्ड प्लोवर, कॉमन पिनटेल, कॉमन सेन्डपाइपर, ग्रीन शेन्क, रैड शेन्क, बूली नेक्ड स्टार्क, पेन्टेड स्टार्क, ब्लैक हेडेड आईबिश, ग्रे हैरोन, पर्पल हैरोन, ब्लैक बिग्ड स्टिल्ट, डार्टर, सारस क्रेन, ब्लैक नेक्ड स्टार्क आदि भी गणना में गिने गए। गणना में दो टीमों ने सात वर्ग किमी क्षेत्रफल कवर किया। दोनों टीमों में आगरा विश्वविद्यालय के शोधार्थी एवं वरिष्ठ प्रोफेसर एवं बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसाइटी के सदस्य शामिल थे।
इनमें प्रमुख रूप से डॉ. अमिता सरकार, डॉ. पुष्पेन्द्र विमल, हिमांशी सागर, शमी सैय्यद, नेहा शर्मा, नितिश परिहार, मेहरान, आकाश जैन, वीरेंद्र गुप्ता, नवीन चंद्र, शिवेंद्र, सुनीता शामिल रहे। ईकोलोजिस्ट टीके राव के अनुसार जोधपुर झाल प्रवासी पक्षियों का अद्भुत प्राकृतिक आवास है। जोधपुर झाल पर अध्ययन कर रहे बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष पक्षी विशेषज्ञ डॉ. केपी सिंह ने बताया कि जोधपुर झाल पर लगभग 150 पक्षियों की प्रजातियों को सूचीबद्ध किया जा चुका है।
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जोधपुर झाल पर बार हेडेड गूज, ब्लैक टेल्ड गोडविट एवं नोर्दन शोवलर की संख्या सैकड़ों में है। इसके अतिरिक्त टैमिनिक स्टिंट, कॉमन टील, काम्ब डक, रेड क्रिस्टिड पोचार्ड, व्हाइट टेल्ड लेपविंग, पाइड एवोसेट, वेगटेल, कॉमन रेडशेंक, रूफ, कॉमन स्नाइप, नोर्दन पिनटेल अच्छी संख्या में मौजूद हैं। इसके अतिरिक्त गेडवाल, स्पोटिड ईगल, मार्श हैरियर, लिटिल रिंग्ड प्लोवर, कॉमन पिनटेल, कॉमन सेन्डपाइपर, ग्रीन शेन्क, रैड शेन्क, बूली नेक्ड स्टार्क, पेन्टेड स्टार्क, ब्लैक हेडेड आईबिश, ग्रे हैरोन, पर्पल हैरोन, ब्लैक बिग्ड स्टिल्ट, डार्टर, सारस क्रेन, ब्लैक नेक्ड स्टार्क आदि भी गणना में गिने गए। गणना में दो टीमों ने सात वर्ग किमी क्षेत्रफल कवर किया। दोनों टीमों में आगरा विश्वविद्यालय के शोधार्थी एवं वरिष्ठ प्रोफेसर एवं बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसाइटी के सदस्य शामिल थे।
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इनमें प्रमुख रूप से डॉ. अमिता सरकार, डॉ. पुष्पेन्द्र विमल, हिमांशी सागर, शमी सैय्यद, नेहा शर्मा, नितिश परिहार, मेहरान, आकाश जैन, वीरेंद्र गुप्ता, नवीन चंद्र, शिवेंद्र, सुनीता शामिल रहे। ईकोलोजिस्ट टीके राव के अनुसार जोधपुर झाल प्रवासी पक्षियों का अद्भुत प्राकृतिक आवास है। जोधपुर झाल पर अध्ययन कर रहे बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष पक्षी विशेषज्ञ डॉ. केपी सिंह ने बताया कि जोधपुर झाल पर लगभग 150 पक्षियों की प्रजातियों को सूचीबद्ध किया जा चुका है।
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