फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Irregularity in nurses recruitment

डीएम के अनुमोदन बिना ही हुई नर्सों की भर्ती

Mon, 15 Feb 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा Updated Mon, 15 Feb 2016 12:03 AM IST
विज्ञापन
Irregularity in nurses recruitment
महिला अस्पताल में बनी सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) के लिए स्टाफ नर्स की पात्रता सूची पर जिलाधिकारी का अनुमोदन ही नहीं लिया गया। विभाग के ही अधिकारी इसे बड़ी गड़बड़ी बता रहे हैं, जबकि जवाबदेह अफसर अगली जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में रखकर अनुमोदन की औपचारिकता पूरी करने की बात कह रहे हैं।
विज्ञापन


महिला अस्पताल में सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) की स्थापना की गई है। इसके लिए आठ नर्सों की भर्ती की जानी थी। बीते दिनों विभाग ने विज्ञापन प्रकाशित कर चयन प्रक्रिया शुरू कर दी। चयन समिति ने आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया।
विज्ञापन


इस समिति में मुख्य चिकित्सा अधिकारी विवेक मिश्र, प्रशासन की ओर से नामित डा. महेंद्र, एसीएमओ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डा. दिलीप कुमार, डा. ब्रजेश खन्ना और केयर यूनिट के नोडल अफसर केके माथुर शामिल रहे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय ने चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी कर नियुक्ति पत्र वितरित कर दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


 विभागीय अधिकारी इसे बड़ी गड़बड़ी बता रहे हैं। उनका कहना है कि डीएम जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष हैं। चयन बोर्ड में वह खुद शामिल नहीं थे, ऐसे में पात्रों के चयन के बाद डीएम के अनुमोदन के बाद ही सूची जारी करनी चाहिए थी।


इधर, एसीएमओ राष्ट्र्रीय स्वास्थ्य मिशन डा. दिलीप कुमार ने कहा कि ऐसा कोई जरूरी नहीं है। नियुक्ति के बाद ऐसे मामलों को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में रखकर अनुमोदन ले लिया जाता है। ये सामान्य बात है।

इन मामलों में भी उठे हैं सवाल
-दो साल पहले बलदेव में दो पदों के सापेक्ष रख लिए तीन लोग
मामला खुला तो आनन-फानन में किया बर्खास्त, चिकित्सक ों से की रिकवरी
इस मामले में मिशन निदेशक ने सीएमओ कार्यालय को माना था दोषी
-जेएसवाई में डाटा ऑपरेटर का पद समाप्त होने के बाद ली जाती रही सेवाएं
चार साल बाद डीएम ने दिए बर्खास्तगी के आदेश तब कहीं जाकर हटाया
-अंधता निवारण मामले में सामने आया था गड़बड़झाला, राज्य स्तर पर हुई जांच
जेएसवाई में चेक  के स्थान पर नगद भुगतान पर जांच तो हुई पर समुचित कार्रवाई नहीं
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed