{"_id":"58fcf1b04f1c1be7648b478a","slug":"in-the-city-for-electricity-and-water","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली-पानी के लिए शहर में हाहाकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली-पानी के लिए शहर में हाहाकार
अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 23 Apr 2017 11:56 PM IST
विज्ञापन
water crisis
- फोटो : water crisis
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा।
भीषण गर्मी में पहले बिजली गुल, ऊपर से पीने के पानी आपूर्ति धड़ाम। रात करवटें बदलते गुजरी तो दिनभर पानी के लिए भटकना पड़ा। पिछले 24 घंटे में दस घंटे से अधिक की कटौती की गई।
बिजली कटौती और इससे बढ़े जल संकट से जिले में हाहाकार है। लोगों का साप्ताहिक छुट्टी का दिन रविवार भी इन संकटों से जूझते ही गुजरा। तकनीकी खराबी के चलते बिजली गुल होने के चलते लोग रात भर करवटें बदलते रहे। बिजली आपूर्ति ठप रहने से पालिका के नलकूपों से सप्लाई भी बंद रही तो सुबह पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया। लोग खाली बर्तनों को लेकर इधर से उधर भटकते रहे। पेयजल सेवा में लगे लाला नवल नलकूप पर सुबह से ही पानी भरने वालों की कतार लग गई। यहां बिजली के अभाव में जेनरेटर से नलकूप चलाया गया।
खटीक मोहल्ला, रोटी गोदाम, डांडरा मोहल्ला, दरेसी, कठौती कुआं, गोपालपुरा, अंतापाड़ा, बंगालीघाट, कम्पूघाट जाटव बस्ती, बहादुरपुरा आदि क्षेत्रों में पानी की अधिक परेशानी रही।
विज्ञापन
गोकुल बिजली घर में आई खराबी
मथुरा(ब्यूरो)। शनिवार रात 11 बजे गोकुल स्थित 220 केवी बिजलीघर की 33 केवीए लाइन में खराबी आ गई। रात 11 बजे से कैंट, बंगालीघाट, राधापुरम, जयगुरुदेव, सिविल लाइन, कृष्णानगर, मसानी और वृंदावन के बिजलीघर बंद हो गए। बिजली कर्मचारी रात भर पेट्रोलिंग करते रहे। इस दौरान दूसरे सब स्टेशन से थोड़ी-थोड़ी देर के लिए बिजली आपूर्ति की गई। किसी फीडर को आधे घंटे चलाया तो दो घंटे को काट दिया। तड़के पांच बजे गोकुल की 33 केवी लाइन का फाल्ट सही हो सका। सुबह दो से तीन घंटे बिजली मिली। इसके बाद से औरंगाबाद स्थित 132 केवी बिजलीघर पर 40 की जगह 63 एमवीए के बदले जा रहे ट्रांसफार्मर के चलते रोस्टिंग शुरू हो गई। इसमें कैंट, औरंगाबाद, कृष्णानगर, जयगुरुदेव, बंगालीघाट, सिविल लाइन, राधापुरम बिजलीघर से जुड़े फीडर बंद रहे।
--
दोहरी परेशानी से लोगों में रोष
मथुरा। 24 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश लेकिन मिल रही है 15 घंटे से भी कम। विद्युत अव्यवस्था को लेकर लोगों में रोष है। बिजली आपूर्ति नहीं मिल पाने से पेयजल की आपूर्ति पर भी बुरा असर पड़ रहा है। जो परेशानी को और बढ़ा रहा है।
विज्ञापन
भीषण गर्मी में पहले बिजली गुल, ऊपर से पीने के पानी आपूर्ति धड़ाम। रात करवटें बदलते गुजरी तो दिनभर पानी के लिए भटकना पड़ा। पिछले 24 घंटे में दस घंटे से अधिक की कटौती की गई।
बिजली कटौती और इससे बढ़े जल संकट से जिले में हाहाकार है। लोगों का साप्ताहिक छुट्टी का दिन रविवार भी इन संकटों से जूझते ही गुजरा। तकनीकी खराबी के चलते बिजली गुल होने के चलते लोग रात भर करवटें बदलते रहे। बिजली आपूर्ति ठप रहने से पालिका के नलकूपों से सप्लाई भी बंद रही तो सुबह पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया। लोग खाली बर्तनों को लेकर इधर से उधर भटकते रहे। पेयजल सेवा में लगे लाला नवल नलकूप पर सुबह से ही पानी भरने वालों की कतार लग गई। यहां बिजली के अभाव में जेनरेटर से नलकूप चलाया गया।
विज्ञापन
खटीक मोहल्ला, रोटी गोदाम, डांडरा मोहल्ला, दरेसी, कठौती कुआं, गोपालपुरा, अंतापाड़ा, बंगालीघाट, कम्पूघाट जाटव बस्ती, बहादुरपुरा आदि क्षेत्रों में पानी की अधिक परेशानी रही।
विज्ञापन
गोकुल बिजली घर में आई खराबी
मथुरा(ब्यूरो)। शनिवार रात 11 बजे गोकुल स्थित 220 केवी बिजलीघर की 33 केवीए लाइन में खराबी आ गई। रात 11 बजे से कैंट, बंगालीघाट, राधापुरम, जयगुरुदेव, सिविल लाइन, कृष्णानगर, मसानी और वृंदावन के बिजलीघर बंद हो गए। बिजली कर्मचारी रात भर पेट्रोलिंग करते रहे। इस दौरान दूसरे सब स्टेशन से थोड़ी-थोड़ी देर के लिए बिजली आपूर्ति की गई। किसी फीडर को आधे घंटे चलाया तो दो घंटे को काट दिया। तड़के पांच बजे गोकुल की 33 केवी लाइन का फाल्ट सही हो सका। सुबह दो से तीन घंटे बिजली मिली। इसके बाद से औरंगाबाद स्थित 132 केवी बिजलीघर पर 40 की जगह 63 एमवीए के बदले जा रहे ट्रांसफार्मर के चलते रोस्टिंग शुरू हो गई। इसमें कैंट, औरंगाबाद, कृष्णानगर, जयगुरुदेव, बंगालीघाट, सिविल लाइन, राधापुरम बिजलीघर से जुड़े फीडर बंद रहे।
--
दोहरी परेशानी से लोगों में रोष
मथुरा। 24 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश लेकिन मिल रही है 15 घंटे से भी कम। विद्युत अव्यवस्था को लेकर लोगों में रोष है। बिजली आपूर्ति नहीं मिल पाने से पेयजल की आपूर्ति पर भी बुरा असर पड़ रहा है। जो परेशानी को और बढ़ा रहा है।