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एफसीआई दफ्तर में हाईवोल्टेज ड्रामा
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 27 Jul 2016 12:03 AM IST
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एफसीआई कार्यालय पर मंगलवार को काफी हंगामा हुआ। अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए एक मजदूर ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। पुलिसकर्मियों ने जबरन दरवाजा खोलने का प्रयास किया तो उसने जहरीला पदार्थ पीकर खुदकुशी करने की चेतावनी दे डाली। शाम तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। एफसीआई आरएम के उसकी सभी मांगें मान लेने के आश्वासन पर शाम को वह बाहर निकला।
हाईवे पर स्थित एफसीआई (फूड कार्पोरेशन आफ इंडिया) गोदाम पर 2007 में नियुक्त किए गए राजकुमार यादव का जून में बाराबंकी ट्रांसफर कर दिया गया था। राजकुमार मंगलवार को सुबह 10 बजे एफसीआई दफ्तर पहुंचा और मुख्य गेट पर अपने साथ लाया ताला लगा दिया।
इसके बाद उसने खुद को गेट के समीप बने कमरे में बंद कर लिया। यहां उसने एक गिलास में पानी लेकर उसमें कुछ गोलियां डालकर रख ली थीं। वह इन गोलियों को जहर बता रहा था। सहकर्मियों ने उसे टोका और बाहर आने के लिए कहा लेकिन वह इनकार करता रहा। दो घंटे से अधिक समय तक जब राजकुमार कमरे से नहीं निकला तो पुलिस को सूचना दी गई।
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इंस्पेक्टर नरेन्द्र कुमार यादव फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और राजकुमार को मनाने की कोशिश की। गोदाम प्रभारी राजपाल ने भी समझाया। पुलिसकर्मियों ने जब दरवाजा जबरन खोलने की कोशिश की तो राजकुमार अपने पास रखे गिलास में जहरीला पदार्थ होने की बात कहता हुआ खुदकुशी की धमकी देने लगा।
राजकुमार यादव का आरोप था कि अधिकारी उसका उत्पीड़न कर रहे हैं। उसका स्थानांतरण कर दिया गया लेकिन उसे बाराबंकी में ज्वायनिंग नहीं दी गई। करीब 15 दिनों तक परेशान होकर वह कोसी लौट आया। उसे दो महीने से वेतन भी नहीं मिला है। उसके टीए बिल का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है।
शाम को पांच बजे के करीब एसडीएम राजेश कुमार, सीओ पीयूष कुमार मौके पर पहुंचे और उसकी वार्ता एफसीआई आरएम अलीगढ़ से कराई। आरएम के स्थानांतरण रद्द करने और टीए बिलों का भुगतान जल्द कराने का आश्वासन देने पर वह मान गया और कमरे से बाहर निकल आया।
शाम तक नहीं ली आरएम ने सुध
एफसीआई दफ्तर में मजदूर के खुद को बंद कर लेने की सूचना के बाद भी एफसीआई आरएम अलीगढ़ ने काफी समय तक कोई सुध नहीं ली। पुलिस अधिकारी ने उनको फोन कर जब इस संबंध में पूछा तो उन्होंने बल प्रयोग करके मजदूर को बाहर करने को कहा। पुलिस अधिकारी के मना करने पर आरएम बोले कि वो कोसी पहुंचकर मामले को शांत करते हैं लेकिन वो कोसी नहीं पहुंचे।
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हाईवे पर स्थित एफसीआई (फूड कार्पोरेशन आफ इंडिया) गोदाम पर 2007 में नियुक्त किए गए राजकुमार यादव का जून में बाराबंकी ट्रांसफर कर दिया गया था। राजकुमार मंगलवार को सुबह 10 बजे एफसीआई दफ्तर पहुंचा और मुख्य गेट पर अपने साथ लाया ताला लगा दिया।
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इसके बाद उसने खुद को गेट के समीप बने कमरे में बंद कर लिया। यहां उसने एक गिलास में पानी लेकर उसमें कुछ गोलियां डालकर रख ली थीं। वह इन गोलियों को जहर बता रहा था। सहकर्मियों ने उसे टोका और बाहर आने के लिए कहा लेकिन वह इनकार करता रहा। दो घंटे से अधिक समय तक जब राजकुमार कमरे से नहीं निकला तो पुलिस को सूचना दी गई।
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इंस्पेक्टर नरेन्द्र कुमार यादव फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और राजकुमार को मनाने की कोशिश की। गोदाम प्रभारी राजपाल ने भी समझाया। पुलिसकर्मियों ने जब दरवाजा जबरन खोलने की कोशिश की तो राजकुमार अपने पास रखे गिलास में जहरीला पदार्थ होने की बात कहता हुआ खुदकुशी की धमकी देने लगा।
राजकुमार यादव का आरोप था कि अधिकारी उसका उत्पीड़न कर रहे हैं। उसका स्थानांतरण कर दिया गया लेकिन उसे बाराबंकी में ज्वायनिंग नहीं दी गई। करीब 15 दिनों तक परेशान होकर वह कोसी लौट आया। उसे दो महीने से वेतन भी नहीं मिला है। उसके टीए बिल का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है।
शाम को पांच बजे के करीब एसडीएम राजेश कुमार, सीओ पीयूष कुमार मौके पर पहुंचे और उसकी वार्ता एफसीआई आरएम अलीगढ़ से कराई। आरएम के स्थानांतरण रद्द करने और टीए बिलों का भुगतान जल्द कराने का आश्वासन देने पर वह मान गया और कमरे से बाहर निकल आया।
शाम तक नहीं ली आरएम ने सुध
एफसीआई दफ्तर में मजदूर के खुद को बंद कर लेने की सूचना के बाद भी एफसीआई आरएम अलीगढ़ ने काफी समय तक कोई सुध नहीं ली। पुलिस अधिकारी ने उनको फोन कर जब इस संबंध में पूछा तो उन्होंने बल प्रयोग करके मजदूर को बाहर करने को कहा। पुलिस अधिकारी के मना करने पर आरएम बोले कि वो कोसी पहुंचकर मामले को शांत करते हैं लेकिन वो कोसी नहीं पहुंचे।