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कोहरे की चादर में लिपट कर आई ठंड
अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 01 Dec 2016 01:03 AM IST
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घना कोहरा
- फोटो : अमर उजाला
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बुधवार को सुबह नौ बजे तक घना कोहरा रहा। पास का भी दिख नहीं रहा था। अगर कोई थोड़ी देर के लिए भी बाहर आ गया तो बरसने वाले कोहरे में भीगने लगता था। मौसम में भी ठंडक आ गई। अभी तक बगैर स्वेटर निकलने वाले भी जैकेट में दिखे। बच्चे तो सिर से पांव तक पैक होकर स्कूल गए। अन्य दिनों के मुकाबले बुधवार को ठंड भी अधिक थी।
अगर बुधवार की सुबह का आंखों देखा हाल जानना है तो किसी मार्निंग वॉक पर जाने वालों से मिलिए। सुबह साढ़े पांच बजे से छह बजे तक तो हर तरफ कोहरा ही कोहरा रहा। बल्ब भी टिमटिमाते नजर आ रहे थे। कोहरा ऐसे बरस रहा था कि पल भर में ही सिर के बाल गीले हो जाते। चंदनवन कालोनी से टैंक चौराहे तक सुबह सैकड़ों लोग टहलते दिख जाते हैं।
बुधवार को संख्या कम ही रही। सुबह को बच्चे भी गर्म कपड़ों में पैक होकर निकले थे। सुबह आठ बजे भी कोहरा जस का तस रहा। स्कूलों में भी बच्चों की हाजिरी अन्य दिनों के मुकाबले कम ही रही। सुबह से शाम हो गई लेकिन सूर्य देवता के दर्शन दोपहर के वक्त बस कुछ ही देर के लिए हुए।
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घंटो देरी से चलीं ट्रेन, यात्री करते रहे इंतजार
नवंबर माह के आखिरी दिन सर्दी के प्रथम कोहरे ने अप और डाउन रूट की ट्रेनों की स्पीड पर ब्रेक लगा दिए। घंटो की देरी से चल रही ट्रेनों का जंक्शन रेलवे स्टेशन पर यात्री इंतजार करते रहे। कई ने अपनी यात्रा ही रद्द कर दी। बुधवार को अप रूट की छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस पांच घंटा, पंजाब एक्सप्रेस, गोल्डन टेंपल एक्सप्रेस और ताज एक्सप्रेस ढाई घंटा देरी से चलीं। डाउन ट्रैक पर कोटा-पटना एक्सप्रेस छह घंटा, कर्नाटका एक्सप्रेस ढाई घंटा, जयपुर-इलाहाबाद एक्सप्रेस सात घंटा, श्रीधाम एक्सप्रेस दो घंटे, सचखंड एक्सप्रेस दो घंटा और मंगला एक्सप्रेस एक घंटे देरी से चली।
धर्मनगरी में सुबह से छाया कोहरा
धर्मनगरी में बुधवार को सुबह घना कोहरा छा गया। सड़कों पर वाहनों की गति थम गई और आम लोगों का भी चलना दूभर हो गया। यमुना किनारे और परिक्रमा मार्ग में श्रद्धालुओं की बहुुत कम भीड़ नजर आई। सुबह मंगला आरती, परिक्रमा और यमुना स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालु भी कोहरे से प्रभावित दिखे। हालांकि दोपहर को धूप निकलने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
हाईवे- एक्सप्रेसवे पर थमी वाहनों की रफ्तार
मंगलवार रात से छाए घने कोहरे के कारण यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार थम गई। बुुधवार दोपहर को धूप खिलने तक वाहन दिन में भी लाइट ऑन कर चलने मजबूर हुए। जगह-जगह चालकों ने सड़क किनारे वाहन रोक कर धुंध छंटने का भी इंतजार किया। एक्सप्रेसवे पर गश्त कर रहीं पुलिस ने भी कोहरे में अपनी गाड़ी साइड में लगा दी। दिल्ली-आगरा हाईवे पर भी वाहनों की रफ्तार बेहद कम रही। जिस दूरी को वाहन आधा घंटे में तय कर लेते थे उसे पूरा करने में ही डेढ़ घंटा लग गया था। सुबह के वक्त तो हाईवे के किनारे वाहनों की लंबी कतार लगी थी। भारी कोहरे को देखते हुए चालकों ने अपने वाहन सड़क किनारे खड़े कर लिए थे।
धूप खिलने पर बढ़ी चहल-पहल
ग्रामीण अंचलों में बुधवार को घने कोहरे की चादर छाई रही। सुबह 11 बजे तक कोहरा रहा। इससे लोगों को परेशानी भी हुई। स्कूली छात्र-छात्राएं और कामकाज के लिए जाने वाले लोग परेशान रहे। दोपहर में धूप खिलने के बाद सड़क पर चहल पहल बढ़ी और बाजार में भी कुछ रौनक नजर आने लगी। चिकित्सक डा. मुकुल अग्रवाल का कहना है कि कोहरे में अस्थमा के सुबह की सैर बंद कर दें।
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अगर बुधवार की सुबह का आंखों देखा हाल जानना है तो किसी मार्निंग वॉक पर जाने वालों से मिलिए। सुबह साढ़े पांच बजे से छह बजे तक तो हर तरफ कोहरा ही कोहरा रहा। बल्ब भी टिमटिमाते नजर आ रहे थे। कोहरा ऐसे बरस रहा था कि पल भर में ही सिर के बाल गीले हो जाते। चंदनवन कालोनी से टैंक चौराहे तक सुबह सैकड़ों लोग टहलते दिख जाते हैं।
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बुधवार को संख्या कम ही रही। सुबह को बच्चे भी गर्म कपड़ों में पैक होकर निकले थे। सुबह आठ बजे भी कोहरा जस का तस रहा। स्कूलों में भी बच्चों की हाजिरी अन्य दिनों के मुकाबले कम ही रही। सुबह से शाम हो गई लेकिन सूर्य देवता के दर्शन दोपहर के वक्त बस कुछ ही देर के लिए हुए।
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घंटो देरी से चलीं ट्रेन, यात्री करते रहे इंतजार
नवंबर माह के आखिरी दिन सर्दी के प्रथम कोहरे ने अप और डाउन रूट की ट्रेनों की स्पीड पर ब्रेक लगा दिए। घंटो की देरी से चल रही ट्रेनों का जंक्शन रेलवे स्टेशन पर यात्री इंतजार करते रहे। कई ने अपनी यात्रा ही रद्द कर दी। बुधवार को अप रूट की छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस पांच घंटा, पंजाब एक्सप्रेस, गोल्डन टेंपल एक्सप्रेस और ताज एक्सप्रेस ढाई घंटा देरी से चलीं। डाउन ट्रैक पर कोटा-पटना एक्सप्रेस छह घंटा, कर्नाटका एक्सप्रेस ढाई घंटा, जयपुर-इलाहाबाद एक्सप्रेस सात घंटा, श्रीधाम एक्सप्रेस दो घंटे, सचखंड एक्सप्रेस दो घंटा और मंगला एक्सप्रेस एक घंटे देरी से चली।
धर्मनगरी में सुबह से छाया कोहरा
धर्मनगरी में बुधवार को सुबह घना कोहरा छा गया। सड़कों पर वाहनों की गति थम गई और आम लोगों का भी चलना दूभर हो गया। यमुना किनारे और परिक्रमा मार्ग में श्रद्धालुओं की बहुुत कम भीड़ नजर आई। सुबह मंगला आरती, परिक्रमा और यमुना स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालु भी कोहरे से प्रभावित दिखे। हालांकि दोपहर को धूप निकलने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
हाईवे- एक्सप्रेसवे पर थमी वाहनों की रफ्तार
मंगलवार रात से छाए घने कोहरे के कारण यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार थम गई। बुुधवार दोपहर को धूप खिलने तक वाहन दिन में भी लाइट ऑन कर चलने मजबूर हुए। जगह-जगह चालकों ने सड़क किनारे वाहन रोक कर धुंध छंटने का भी इंतजार किया। एक्सप्रेसवे पर गश्त कर रहीं पुलिस ने भी कोहरे में अपनी गाड़ी साइड में लगा दी। दिल्ली-आगरा हाईवे पर भी वाहनों की रफ्तार बेहद कम रही। जिस दूरी को वाहन आधा घंटे में तय कर लेते थे उसे पूरा करने में ही डेढ़ घंटा लग गया था। सुबह के वक्त तो हाईवे के किनारे वाहनों की लंबी कतार लगी थी। भारी कोहरे को देखते हुए चालकों ने अपने वाहन सड़क किनारे खड़े कर लिए थे।
धूप खिलने पर बढ़ी चहल-पहल
ग्रामीण अंचलों में बुधवार को घने कोहरे की चादर छाई रही। सुबह 11 बजे तक कोहरा रहा। इससे लोगों को परेशानी भी हुई। स्कूली छात्र-छात्राएं और कामकाज के लिए जाने वाले लोग परेशान रहे। दोपहर में धूप खिलने के बाद सड़क पर चहल पहल बढ़ी और बाजार में भी कुछ रौनक नजर आने लगी। चिकित्सक डा. मुकुल अग्रवाल का कहना है कि कोहरे में अस्थमा के सुबह की सैर बंद कर दें।