{"_id":"1577683456ff6e341bc28cf07ffee981","slug":"gokul-bairaj-prakaran-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिर किसानों के आंदोलन की सुगबुगाहट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिर किसानों के आंदोलन की सुगबुगाहट
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 15 Jul 2015 11:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
16 साल से इंतजार कर रहे गोकुल बैराज डूब क्षेत्र के किसानों को मुआवजा दिलाने में जिला प्रशासन अब तक नाकाम साबित हुआ है। इससे किसानों का धैर्य फिर जवाब देने लगा है। ऐसे में मुआवजे के लिए एक फिर किसान आंदोलन की राह पर चलते दिखाई दे रहे हैं।
किसानों के मुआवजे की लड़ाई का नेतृत्व कर रहे भाजयुमो प्रदेश महामंत्री कुंवर सिंह निषाद ने अब किसानों के साथ भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का समर्थन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पिछले सप्ताह राष्ट्रीय महासचिव डा. अनिल जैन से मुलाकात कर इस समस्या से अवगत कराया था।
अब उन्होंने भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय पाल तोमर से भेंट की। उन्हें बताया कि 16 साल पहले 11 गांवों की जमीन गोकुल बैराज के डूब क्षेत्र में प्रभावित हुई, लेकिन जिला प्रशासन की लापरवाही के कारण किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया। पिछले साल नवंबर में किसानों ने आंदोलन किया तो उन पर लाठियां बरसाई गईं, जेल में डाल दिया गया।
विज्ञापन
इसके आठ माह बाद भी किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया है। किसान दो वक्त की रोटी जुटाने के लिए दरदर मजदूरी कर रहे हैं। इस पर उन्होंने कुंवर सिंह निषाद सहित मिलने गए लोगों को भरोसा दिलाया कि औरंगाबाद से संसद तक मुआवजे की लड़ाई लड़ी जाएगी। इस दौरान हरेंद्र चौधरी, प्रवीन, दीपराज, दिनेश गुप्ता, भेरनकांत, मानवेंद्र, दिगंबर, विपिन आदि शामिल थे।
विज्ञापन
किसानों के मुआवजे की लड़ाई का नेतृत्व कर रहे भाजयुमो प्रदेश महामंत्री कुंवर सिंह निषाद ने अब किसानों के साथ भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का समर्थन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पिछले सप्ताह राष्ट्रीय महासचिव डा. अनिल जैन से मुलाकात कर इस समस्या से अवगत कराया था।
विज्ञापन
अब उन्होंने भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय पाल तोमर से भेंट की। उन्हें बताया कि 16 साल पहले 11 गांवों की जमीन गोकुल बैराज के डूब क्षेत्र में प्रभावित हुई, लेकिन जिला प्रशासन की लापरवाही के कारण किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया। पिछले साल नवंबर में किसानों ने आंदोलन किया तो उन पर लाठियां बरसाई गईं, जेल में डाल दिया गया।
विज्ञापन
इसके आठ माह बाद भी किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया है। किसान दो वक्त की रोटी जुटाने के लिए दरदर मजदूरी कर रहे हैं। इस पर उन्होंने कुंवर सिंह निषाद सहित मिलने गए लोगों को भरोसा दिलाया कि औरंगाबाद से संसद तक मुआवजे की लड़ाई लड़ी जाएगी। इस दौरान हरेंद्र चौधरी, प्रवीन, दीपराज, दिनेश गुप्ता, भेरनकांत, मानवेंद्र, दिगंबर, विपिन आदि शामिल थे।