{"_id":"699ca49f4908b23c190b7a78","slug":"gla-universitys-research-was-featured-in-the-ieee-sensors-journal-mathura-news-c-369-1-mt11018-142978-2026-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: जीएलए विश्वविद्यालय के शोध को आईईईई सेंसर्स जर्नल में मिला स्थान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: जीएलए विश्वविद्यालय के शोध को आईईईई सेंसर्स जर्नल में मिला स्थान
विज्ञापन
डॉ विकास कुमार।
मथुरा। (वि) जीएलए विश्वविद्यालय के विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विकास कुमार का शोध प्रतिष्ठित आईईईई सेंसर्स जर्नल (क्यू1 एससीआई) में प्रकाशित हुआ है। क्लाउड-बेस्ड ऑटो-फायरिंग फायरआर्म सिक्योरिटी सिस्टम विषय पर आधारित यह शोध सीमाई सुरक्षा को तकनीकी मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रो. विकास कुमार ने बताया कि शोध में ऐसा प्रोटोटाइप विकसित किया गया है जो लक्ष्य को लॉक कर दूरस्थ रूप से संचालित किया जा सकता है। इससे जोखिम वाले क्षेत्रों में जवानों की सीधी तैनाती की आवश्यकता कम हो सकती है। सिस्टम को अत्यधिक ठंड, गर्मी और दुर्गम क्षेत्रों में भी प्रभावी ढंग से कार्य करने योग्य बनाया गया है। क्लाउड आधारित तकनीक से रियल टाइम मॉनिटरिंग इसकी प्रमुख विशेषता है। डॉ विकाश ने इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो अनूप कुमार गुप्ता, विभागाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार देवलिया और अपने मार्गदर्शकों का आभार जताया है।
वैश्विक परिवहन व्यवस्था को बदल रहे ईवी वाहन
जीएलए विश्वविद्यालय के विद्युत अभियांत्रिकी विभाग में क्सियन जिआओटोंग-लिवरपूल यूनिवर्सिटी (चीन) के प्रो.अखिल गर्ग का व्याख्यान आयोजित किया गया। उन्होंने जेनरेटिव एआई-ड्रिवन टोपोलॉजी ऑप्टिमाइजेशन फॉर सस्टेनेबल ट्रांसपोर्टेशन विषय पर विस्तृत और रोचक प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) वैश्विक परिवहन व्यवस्था को बदल रहे हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अधिक कुशल और टिकाऊ सिस्टम डिजाइन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विद्युत विभाग में स्थापित ईवीआरआईसी लैब की सराहना करते हुए इसे इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी सीखने के लिए उत्कृष्ट वातावरण बताया। इस मौके पर विनय कुमार देओलिया, संजय कुमार मौर्य, डॉ विवेक श्रीवास्तव डॉ. सचिन गोयल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रो. विकास कुमार ने बताया कि शोध में ऐसा प्रोटोटाइप विकसित किया गया है जो लक्ष्य को लॉक कर दूरस्थ रूप से संचालित किया जा सकता है। इससे जोखिम वाले क्षेत्रों में जवानों की सीधी तैनाती की आवश्यकता कम हो सकती है। सिस्टम को अत्यधिक ठंड, गर्मी और दुर्गम क्षेत्रों में भी प्रभावी ढंग से कार्य करने योग्य बनाया गया है। क्लाउड आधारित तकनीक से रियल टाइम मॉनिटरिंग इसकी प्रमुख विशेषता है। डॉ विकाश ने इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो अनूप कुमार गुप्ता, विभागाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार देवलिया और अपने मार्गदर्शकों का आभार जताया है।
विज्ञापन
वैश्विक परिवहन व्यवस्था को बदल रहे ईवी वाहन
जीएलए विश्वविद्यालय के विद्युत अभियांत्रिकी विभाग में क्सियन जिआओटोंग-लिवरपूल यूनिवर्सिटी (चीन) के प्रो.अखिल गर्ग का व्याख्यान आयोजित किया गया। उन्होंने जेनरेटिव एआई-ड्रिवन टोपोलॉजी ऑप्टिमाइजेशन फॉर सस्टेनेबल ट्रांसपोर्टेशन विषय पर विस्तृत और रोचक प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) वैश्विक परिवहन व्यवस्था को बदल रहे हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अधिक कुशल और टिकाऊ सिस्टम डिजाइन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विद्युत विभाग में स्थापित ईवीआरआईसी लैब की सराहना करते हुए इसे इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी सीखने के लिए उत्कृष्ट वातावरण बताया। इस मौके पर विनय कुमार देओलिया, संजय कुमार मौर्य, डॉ विवेक श्रीवास्तव डॉ. सचिन गोयल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन