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अब वृंदावन नगरपालिका में करोड़ों का घपला
अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 06 Oct 2016 12:26 AM IST
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Fraud
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जिले एक बड़ी नगर पंचायत और नगर पालिका की कमान संभालने वाले अधिशासी अधिकारी टीएन चौबे का एक और बड़ा कारनामा सामने आया है। वृंदावन नगर पालिका में बगैर टेंडर के ही सड़कों का निर्माण करा दिया गया है। होर्डिंग्स और यूनिपोल का जो किराया आया उसे भी पालिका के खाते में जमा नहीं किया गया है। मामले में पालिका चेयरमैन की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
वृंदावन नगरपालिका में हुए गोलमाल की शिकायतें शासन से लेकर प्रशासन तक गूंज रही हैं। सपा नेताओं ने इस मुद्दे को शिद्दत के साथ उठाया। जब मामला जिलाधिकारी नितिन बंसल तक पहुंचा तो जांच एडीएम कानून व्यवस्था (एलओ) रमेश चंद्र को सौंपी गई है। एडीएम एलओ सितंबर में वृंदावन नगरपालिका पहुंचे और वहां सभी रिकार्ड बारीकी के साथ चेक किए। कुछ फाइलों को अपने साथ ले भी आए थे।
करीब पंद्रह दिन तक चली जांच के बाद एडीएम रमेश चंद्र ने पाया कि पालिका प्रशासन द्वारा कई योजनाओं में बड़ा हेरफेर किया गया है। एडीएम ने बताया कि सबसे बड़ा घपला होर्डिंग्स में मिला है। एजेंसियों के होर्डिग्स तो लगवा दिए गए मगर उनसे मिले पैसे को पालिका के खाते में जमा नहीं किया। न ही रिकार्ड में कोई रसीद है।
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90 सफाईकर्मियों की ठेके पर रखने की बात की जा रही है जबकि मौके पर एक ही महिला सफाईकर्मी मिली। वहीं वृंदावन में सड़क, खड़ंजा, नाली और नाले बनवाए गए हैं, उनका टेंडर न निकालकर कुटेशन का इस्तेमाल हो रहा है।
घपलों के लिए चर्चित ईओ
वृंदावन नगर पालिका में अधिशासी अधिकारी टीएन चौबे घपलों के लिए चर्चित हैं। बांदा जिले की नगर पंचायतों में इसी पद पर रहते उन पर करीब 80 लाख से ज्यादा की अनियमितताओं के आरोप हैं। इसके लिए उन्हें शासन ने आरोप पत्र भी थमा दिए हैं।
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वृंदावन नगरपालिका में हुए गोलमाल की शिकायतें शासन से लेकर प्रशासन तक गूंज रही हैं। सपा नेताओं ने इस मुद्दे को शिद्दत के साथ उठाया। जब मामला जिलाधिकारी नितिन बंसल तक पहुंचा तो जांच एडीएम कानून व्यवस्था (एलओ) रमेश चंद्र को सौंपी गई है। एडीएम एलओ सितंबर में वृंदावन नगरपालिका पहुंचे और वहां सभी रिकार्ड बारीकी के साथ चेक किए। कुछ फाइलों को अपने साथ ले भी आए थे।
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करीब पंद्रह दिन तक चली जांच के बाद एडीएम रमेश चंद्र ने पाया कि पालिका प्रशासन द्वारा कई योजनाओं में बड़ा हेरफेर किया गया है। एडीएम ने बताया कि सबसे बड़ा घपला होर्डिंग्स में मिला है। एजेंसियों के होर्डिग्स तो लगवा दिए गए मगर उनसे मिले पैसे को पालिका के खाते में जमा नहीं किया। न ही रिकार्ड में कोई रसीद है।
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90 सफाईकर्मियों की ठेके पर रखने की बात की जा रही है जबकि मौके पर एक ही महिला सफाईकर्मी मिली। वहीं वृंदावन में सड़क, खड़ंजा, नाली और नाले बनवाए गए हैं, उनका टेंडर न निकालकर कुटेशन का इस्तेमाल हो रहा है।
घपलों के लिए चर्चित ईओ
वृंदावन नगर पालिका में अधिशासी अधिकारी टीएन चौबे घपलों के लिए चर्चित हैं। बांदा जिले की नगर पंचायतों में इसी पद पर रहते उन पर करीब 80 लाख से ज्यादा की अनियमितताओं के आरोप हैं। इसके लिए उन्हें शासन ने आरोप पत्र भी थमा दिए हैं।