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Mathura News: पुलिस दबिश के बाद सीमा के इस पार खामोशी, उस पार पनाह तलाशते ठग
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गोवर्धन। गांव देवसेरस सहित अन्य गांवों में हुई बड़े पैमाने पर पुलिस कार्रवाई का असर शुक्रवार को भी दिखाई दिया। साइबर ठगी में लिप्त 37 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद गांव में खामोशी छाई रही, जबकि बार्डर इलाके में हलचल तेज रही। दबिश की जानकारी लगते ही कुछ आरोपी देर रात पनाह की तलाश में इस पार से उस पार सरकते देखे गए, जिस पर पुलिस ने सीमा मार्गों पर निगरानी और कड़ी कर दी। रातभर पुलिस टीमें बरामद मोबाइल, फर्जी आधार कार्ड और डिजिटल दस्तावेजों की जांच में जुटी रहीं।
पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल वॉलेट से देश के कई शहरों में रकम भेजने के प्रमाण मिले हैं। कुछ खातों में रकम तुरंत दूसरे खातों में ट्रांसफर की गई ताकि ठगी का स्रोत छिपा रहे। जांच अधिकारियों के अनुसार कई मोबाइल नंबर और डिजिटल आईडी ऐसे मिले हैं जिनसे लगातार लेनदेन हो रहा था। पुलिस अब उन खाताधारकों की पहचान खंगाल रही है, जिनका इस नेटवर्क से सीधा या अप्रत्यक्ष संबंध सामने आ रहा है। दबिश से पहले कुछ आरोपी इसी इलाके में पनाह लेते थे और ठगी से अर्जित रकम भी इन्हीं रास्तों से आगे भेजी जाती थी।
कार्रवाई के बाद इस पार गांवों में खामोशी दिखी, जबकि उस पार कुछ लोग अचानक ओझल हो गए। देवसेरस में शुक्रवार सुबह माहौल बृहस्पतिवार की तुलना में शांत दिखा, पर दहशत पूरी तरह खत्म नहीं हुई। ग्रामीणों में चर्चा रही कि आखिर इतने बड़े नेटवर्क में शामिल लोग कौन थे और गांव सालों से इसकी मार क्यों झेल रहा था। दिन भर एक ही सवाल बना रहा कि क्या पुलिस आज फिर दबिश देगी या नहीं। फर्जी आधार कार्ड बनाने में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री गांव के भीतर मिलने से इस नेटवर्क की गहराई का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल वॉलेट से देश के कई शहरों में रकम भेजने के प्रमाण मिले हैं। कुछ खातों में रकम तुरंत दूसरे खातों में ट्रांसफर की गई ताकि ठगी का स्रोत छिपा रहे। जांच अधिकारियों के अनुसार कई मोबाइल नंबर और डिजिटल आईडी ऐसे मिले हैं जिनसे लगातार लेनदेन हो रहा था। पुलिस अब उन खाताधारकों की पहचान खंगाल रही है, जिनका इस नेटवर्क से सीधा या अप्रत्यक्ष संबंध सामने आ रहा है। दबिश से पहले कुछ आरोपी इसी इलाके में पनाह लेते थे और ठगी से अर्जित रकम भी इन्हीं रास्तों से आगे भेजी जाती थी।
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कार्रवाई के बाद इस पार गांवों में खामोशी दिखी, जबकि उस पार कुछ लोग अचानक ओझल हो गए। देवसेरस में शुक्रवार सुबह माहौल बृहस्पतिवार की तुलना में शांत दिखा, पर दहशत पूरी तरह खत्म नहीं हुई। ग्रामीणों में चर्चा रही कि आखिर इतने बड़े नेटवर्क में शामिल लोग कौन थे और गांव सालों से इसकी मार क्यों झेल रहा था। दिन भर एक ही सवाल बना रहा कि क्या पुलिस आज फिर दबिश देगी या नहीं। फर्जी आधार कार्ड बनाने में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री गांव के भीतर मिलने से इस नेटवर्क की गहराई का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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