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शरद पूर्णिमा पर मंदिरों में उत्सव
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मथुरा। शरद महोत्सव बुधवार को सभी मंदिरों में धूमधाम के साथ मनाया गया। श्रीकृष्ण जन्मस्थान, मंदिर केशवदेव और द्वारिकाधीश सहित विभिन्न मंदिरों में धार्मिक आयोजन किए गए। प्रसाद के रूप में खीर का वितरण हुआ। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर महारास को देख भक्त भावविभोर हो गए।
शरद महोत्सव पर सभी मंदिरों में फूलों की सजावट ने भक्तों का मन मोह लिया। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर मंदिर केशवदेव की भव्यता देखते ही बन रही थी। ठाकुरजी का विशेष शृंगार देख भक्त मोहित हो गए। यहां केशवदेव का अभिषेक किया गया। हवन पूजन के साथ श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर दिन भर धार्मिक आयोजन का दौर चलता रहा। देर रात तक श्रीकृष्ण जन्मस्थान में केशव चबूतरा पर महारास की अद्भुत प्रस्तुति हुई। इसे देखने के लिए भक्त मध्य रात तक जमे रहे। तदोपरांत महाआरती के बाद खीर का प्रसाद वितरित किया गया।
मंदिर ठाकुर द्वारकाधीश में शरद महोत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया। भक्तों ने ठाकुरजी के अद्भुत दर्शन किए।मंदिर के गोस्वामी काकरोली युवराज डॉ. वागीश कुमार महाराज के निर्देशन में धार्मिक आयोजन किए गए। शरद पूर्णिमा के साथ ही ठाकुरजी की पूजा सेवा के नियम भी बदलते हैं। प्राचीन मंदिर ठाकुर श्री केशव देव में प्रात: 101 किलो दूध से पंचामृत अभिषेक सेवायत श्यामाचरण गोस्वामी, गौरव गोस्वामी, मुन्नी लाल गोस्वामी ने किया।
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भगवान को श्वेत वस्त्र सहित वंशी भी धारण कराई गई। रजत सिंहासन पर विदेशी फूलों के बीच ठाकुरजी को विराजमान किया गया। नाथद्वारा शैली में 56 भोग अर्पित किए गए। श्रीकृष्ण सामूहिक संकीर्तन मंडल के सदस्यों ने भजन गायन किया। श्री दसभुजी गणेश मंदिर चौबियापाङा पर शरद महोत्सव में अभिषेक एवं हवन पूजन किया गया। भव्य फूल बंगला सजाकर श्री दसभुजी गणेश महाराज का शृंगार किया।
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शरद महोत्सव पर सभी मंदिरों में फूलों की सजावट ने भक्तों का मन मोह लिया। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर मंदिर केशवदेव की भव्यता देखते ही बन रही थी। ठाकुरजी का विशेष शृंगार देख भक्त मोहित हो गए। यहां केशवदेव का अभिषेक किया गया। हवन पूजन के साथ श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर दिन भर धार्मिक आयोजन का दौर चलता रहा। देर रात तक श्रीकृष्ण जन्मस्थान में केशव चबूतरा पर महारास की अद्भुत प्रस्तुति हुई। इसे देखने के लिए भक्त मध्य रात तक जमे रहे। तदोपरांत महाआरती के बाद खीर का प्रसाद वितरित किया गया।
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मंदिर ठाकुर द्वारकाधीश में शरद महोत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया। भक्तों ने ठाकुरजी के अद्भुत दर्शन किए।मंदिर के गोस्वामी काकरोली युवराज डॉ. वागीश कुमार महाराज के निर्देशन में धार्मिक आयोजन किए गए। शरद पूर्णिमा के साथ ही ठाकुरजी की पूजा सेवा के नियम भी बदलते हैं। प्राचीन मंदिर ठाकुर श्री केशव देव में प्रात: 101 किलो दूध से पंचामृत अभिषेक सेवायत श्यामाचरण गोस्वामी, गौरव गोस्वामी, मुन्नी लाल गोस्वामी ने किया।
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भगवान को श्वेत वस्त्र सहित वंशी भी धारण कराई गई। रजत सिंहासन पर विदेशी फूलों के बीच ठाकुरजी को विराजमान किया गया। नाथद्वारा शैली में 56 भोग अर्पित किए गए। श्रीकृष्ण सामूहिक संकीर्तन मंडल के सदस्यों ने भजन गायन किया। श्री दसभुजी गणेश मंदिर चौबियापाङा पर शरद महोत्सव में अभिषेक एवं हवन पूजन किया गया। भव्य फूल बंगला सजाकर श्री दसभुजी गणेश महाराज का शृंगार किया।