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गोविंददेव मंदिर में दरार की सूचना पर दौड़े अधिकारी
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 27 Apr 2015 11:31 PM IST
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ऐतिहासिक महत्व के मंदिरों में से एक प्राचीन गोविंददेव मंदिर के भवन पर हाल ही में आए भूकंप का असर दिख रहा है। मंदिर के गर्भगृह में दरार आने की सूचना पर सोमवार को एएसआई के अधिकारियों ने मंदिर का निरीक्षण किया। अधिकारी भूकंप के प्रभाव और किसी प्रकार की दरार आने से की बात से इनकार कर रहे हैं।
धर्मनगरी का गोविंददेव मंदिर अनूठी स्थापत्य कला और सौंदर्य का साक्षी है। लाल पत्थर से निर्मित इसके प्राचीन भवन के संरक्षण की जिम्मेदारी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई)की है। मंदिर के सेवायत संजय गोस्वामी ने बताया कि शनिवार को आए भूकंप के बाद उन्होंने मंदिर को नुकसान की आशंका से सोमवार की सुबह सेवा के दौरान पड़ताल शुरू की।
इस दौरान उन्होंने पाया कि मंदिर के गर्भगृह में एक दरार पड़ गई। इसे उन्होंने अपनी 35 वर्ष की सेवा के दौरान कभी नहीं देखा। उन्होंने इस पूरे मामले की जानकारी एएसआई के अधिकारियों को दी। इस पर एएसआई के उपाधीक्षक एमसी शर्मा, संरक्षण सहायक एसके कुलश्रेष्ठ ने मंदिर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने कई फोटो और वीडियो भी बनाई। इसके बाद अधिकारियों ने मंदिर को नुकसान की बात से इनकार कर दिया।
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अन्य मंदिरों का किया निरीक्षण
वृंदावन। एएसआई की टीम ने सोमवार की सुबह प्र्राचीन गोविंददेव मंदिर के साथ ही जुगल किशोर मंदिर, मदन मोहन मंदिर और राधावल्लभ मंदिर का बारीकी से निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की है। अधिकारियाें ने इन मंदिरों को कोई नुकसान न होने की बात कही है।
गोविंददेव मंदिर के गर्भगृह से लेकर बाहर तक बारीकी से निरीक्षण किया गया है। कहीं कोई दरार नहीं है। गर्भगृह की जांच में पाया कि वहां पत्थरों के ज्वाइंट में से प्लास्टर झड़कर गिर गया है।
-एमसी शर्मा, उपाधीक्षक, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण
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धर्मनगरी का गोविंददेव मंदिर अनूठी स्थापत्य कला और सौंदर्य का साक्षी है। लाल पत्थर से निर्मित इसके प्राचीन भवन के संरक्षण की जिम्मेदारी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई)की है। मंदिर के सेवायत संजय गोस्वामी ने बताया कि शनिवार को आए भूकंप के बाद उन्होंने मंदिर को नुकसान की आशंका से सोमवार की सुबह सेवा के दौरान पड़ताल शुरू की।
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इस दौरान उन्होंने पाया कि मंदिर के गर्भगृह में एक दरार पड़ गई। इसे उन्होंने अपनी 35 वर्ष की सेवा के दौरान कभी नहीं देखा। उन्होंने इस पूरे मामले की जानकारी एएसआई के अधिकारियों को दी। इस पर एएसआई के उपाधीक्षक एमसी शर्मा, संरक्षण सहायक एसके कुलश्रेष्ठ ने मंदिर का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने कई फोटो और वीडियो भी बनाई। इसके बाद अधिकारियों ने मंदिर को नुकसान की बात से इनकार कर दिया।
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अन्य मंदिरों का किया निरीक्षण
वृंदावन। एएसआई की टीम ने सोमवार की सुबह प्र्राचीन गोविंददेव मंदिर के साथ ही जुगल किशोर मंदिर, मदन मोहन मंदिर और राधावल्लभ मंदिर का बारीकी से निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की है। अधिकारियाें ने इन मंदिरों को कोई नुकसान न होने की बात कही है।
गोविंददेव मंदिर के गर्भगृह से लेकर बाहर तक बारीकी से निरीक्षण किया गया है। कहीं कोई दरार नहीं है। गर्भगृह की जांच में पाया कि वहां पत्थरों के ज्वाइंट में से प्लास्टर झड़कर गिर गया है।
-एमसी शर्मा, उपाधीक्षक, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण