{"_id":"68fd35d42314dd05310e1c05","slug":"donors-are-expected-to-alleviate-the-plight-of-schools-mathura-news-c-369-1-mt11016-137834-2025-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: विद्यालयों की दुर्दशा दूर करने को दानदाताओं से उम्मीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: विद्यालयों की दुर्दशा दूर करने को दानदाताओं से उम्मीद
विज्ञापन
मथुरा। सरकारी विद्यालयों की सूरत बदलने और शिक्षा के माहौल को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा विद्यांजलि अभियान 5.0 के तहत स्कूलों में सुधार का नया विकल्प चुना गया है। इस अभियान के तहत स्कूलों के प्रधानाचार्य दानदाताओं से अपने स्कूलों में भौतिक संसाधनों को पूर्ण करने के लिए सहयोग मांगेंगे। ताकि विद्यालयों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी विद्याजंलि अभियान का उद्देश्य दानदाताओं के सहयोग से विद्यालयों में फर्नीचर, स्टेशनरी, खेलकूद सामग्री, रंगाई-पुताई और साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जाना है। जिन विद्यालयों में संसाधनों की कमी है, उन्हें सामुदायिक सहभागिता से व्यवस्थित किया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक रविंद्र सिंह ने बताया कि यह पहल शासन की मंशा के अनुरूप है, जिसमें समाज की भागीदारी से शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने का प्रयास किया जा रहा है।
विद्यांजलि अभियान में इच्छुक दानदाता सरकारी पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करके, सुविधा के अनुसार सामग्री, सेवाएं या आर्थिक सहयोग दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए जिले के शासकीय और अशासकीय दोनों स्तर के प्रधानाचार्यों को अपने-अपने विद्यालयों की आवश्यकताओं की सूची तैयार कर स्थानीय दानदाताओं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और सामाजिक संस्थाओं से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए 31 अक्तूबर तक भारत सरकार के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी विद्याजंलि अभियान का उद्देश्य दानदाताओं के सहयोग से विद्यालयों में फर्नीचर, स्टेशनरी, खेलकूद सामग्री, रंगाई-पुताई और साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जाना है। जिन विद्यालयों में संसाधनों की कमी है, उन्हें सामुदायिक सहभागिता से व्यवस्थित किया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक रविंद्र सिंह ने बताया कि यह पहल शासन की मंशा के अनुरूप है, जिसमें समाज की भागीदारी से शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
विद्यांजलि अभियान में इच्छुक दानदाता सरकारी पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करके, सुविधा के अनुसार सामग्री, सेवाएं या आर्थिक सहयोग दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए जिले के शासकीय और अशासकीय दोनों स्तर के प्रधानाचार्यों को अपने-अपने विद्यालयों की आवश्यकताओं की सूची तैयार कर स्थानीय दानदाताओं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और सामाजिक संस्थाओं से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए 31 अक्तूबर तक भारत सरकार के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
विज्ञापन