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फॉल्स रिपोर्टिंग मेें फंस गये स्वास्थ्य अफसर
अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 03 Oct 2016 11:55 PM IST
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डाक्टर
- फोटो : अमर उजाला
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स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में की फॉल्स रिपोर्टिँग अब अफसरों के गले की फांस बन गई है। जिला अधिकारी ने आंकड़ों की इस झूठी रिपोर्ट को देख जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक स्थगित कर दी है। सीएमओ को तीन लापरवाह चिकि त्सा प्रभारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने को कहा है।
सोमवार को सायं कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक बुलाई गई थी। यहां पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने डीएम को गलत रिपोर्टिंग की।
चिकित्सा अफसरों ने संस्थागत प्रसव संबंधी खराब प्रगति-डिलीवरी के उपरांत महिलाओं के 24 घंटे रुकने के झूठे आंकड़े सामने रख दिये। इतना ही नहीं 90 रुपया प्रतिदिन की खुराक के सापेक्ष कोई मैन्यू निर्धारित न होने, 102 व 108 एम्बुलेंस से व्यवस्थित ड्राप बैक की सुविधा उपलब्ध न कराने, बाल स्वास्थ्य गारंटी कार्यक्रम में भी खराब प्रगति देख डीएम ने बैठक को स्थगित कर दिया।
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सीएमओ से स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं के सबसे खराब क्रियान्वयन करने वाले तीन चिकित्सा प्रभारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दिये जाने को कहा। जिले में फैल रहे बुखार के बाद भी ग्राम पंचायतों में स्वच्छता समितियों के खाते तक न खुलने पर कड़ी नाराजगी जताई।
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सोमवार को सायं कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक बुलाई गई थी। यहां पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने डीएम को गलत रिपोर्टिंग की।
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चिकित्सा अफसरों ने संस्थागत प्रसव संबंधी खराब प्रगति-डिलीवरी के उपरांत महिलाओं के 24 घंटे रुकने के झूठे आंकड़े सामने रख दिये। इतना ही नहीं 90 रुपया प्रतिदिन की खुराक के सापेक्ष कोई मैन्यू निर्धारित न होने, 102 व 108 एम्बुलेंस से व्यवस्थित ड्राप बैक की सुविधा उपलब्ध न कराने, बाल स्वास्थ्य गारंटी कार्यक्रम में भी खराब प्रगति देख डीएम ने बैठक को स्थगित कर दिया।
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सीएमओ से स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं के सबसे खराब क्रियान्वयन करने वाले तीन चिकित्सा प्रभारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दिये जाने को कहा। जिले में फैल रहे बुखार के बाद भी ग्राम पंचायतों में स्वच्छता समितियों के खाते तक न खुलने पर कड़ी नाराजगी जताई।