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Mathura News: डायरिया के बढ़े मरीज
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मथुरा। जिला अस्पताल में इमरजेंसी के प्रथम तल पर फुल मेल वार्ड। संवाद
- फोटो : mathura
मथुरा। लगातार बढ़ रही गर्मी से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में सबसे ज्यादा बुखार, डायरिया और हीट एग्जॉशन यानी गर्मी से थकान के मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल के पुरुष, महिला, बच्चा वार्ड और इमरजेंसी वार्डों के करीब 50 बेड फुल हो गए हैं। मरीजों के लिए अतिरिक्त वार्ड की व्यवस्थाएं नहीं की गई हैं। एक-दो दिन उपचार के बाद ही मरीजों की छुट्टी कर दी जा रही है।
जिला अस्पताल का बच्चा वार्ड भी करीब एक महीने से फुल चल रहा है। इमरजेंसी में कुछ मरीजों को बेंच पर लिटाकर भी इलाज किया गया। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी 1300 से अधिक रही। इसमें अधिकांश मरीज डायरिया, पेट दर्द और थकान से पीड़ित थे। ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व निजी अस्पतालों में भी भीड़ बढ़ गई है।
सीएमएस डॉ. मुकुंद बंसल ने बताया कि किसी मरीज को परेशानी न हो इसके लिए सख्त निर्देश हैं। अति गंभीर मरीजों को इमरजेंसी के पास 10 बेड के डेंगू वार्ड में भर्ती कराया जा रहा है। डायरिया से बचाव के लिए जरूरी है कि साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा। गर्मी से बचाव करें। सुपाच्य भोजन करें व साफ पानी का प्रयोग करें। तरल पदार्थ का ज्यादा सेवन करें। उल्टी दस्त या पेट दर्द होने पर लापरवाही घातक हो सकती है। तत्काल नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करें।
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जिला अस्पताल का बच्चा वार्ड भी करीब एक महीने से फुल चल रहा है। इमरजेंसी में कुछ मरीजों को बेंच पर लिटाकर भी इलाज किया गया। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी 1300 से अधिक रही। इसमें अधिकांश मरीज डायरिया, पेट दर्द और थकान से पीड़ित थे। ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व निजी अस्पतालों में भी भीड़ बढ़ गई है।
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सीएमएस डॉ. मुकुंद बंसल ने बताया कि किसी मरीज को परेशानी न हो इसके लिए सख्त निर्देश हैं। अति गंभीर मरीजों को इमरजेंसी के पास 10 बेड के डेंगू वार्ड में भर्ती कराया जा रहा है। डायरिया से बचाव के लिए जरूरी है कि साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा। गर्मी से बचाव करें। सुपाच्य भोजन करें व साफ पानी का प्रयोग करें। तरल पदार्थ का ज्यादा सेवन करें। उल्टी दस्त या पेट दर्द होने पर लापरवाही घातक हो सकती है। तत्काल नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करें।
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