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परम धन राधा नाम अधार, जाहिं श्याम मुरली में टेरत सुमिरत बारम्बार...
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प्राकट्योत्सव पर समाज गायन करते सुप्रसिद्ध मुखिया एवं समाजी
- फोटो : VRINDAVAN
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वृंदावन (मथुरा)। विशाखा सखी के अवतार और हरित्रयी के आचार्य संत रसिक शेखर अनन्य शिरोमणि हरिराम व्यास का 510वां प्राकट्योत्सव बुधवार से शुरू हो गया। पहले दिन मुखिया व समाजियों ने श्रीहरिराम व्यास जी द्वारा कृत श्रीव्यासवाणी के रसमय पद ‘परम धन राधा नाम अधार, जाहिं श्याम मुरली में टेरत सुमिरत बारम्बार...’ आदि का गायन किया गया।
किशोरवन में प्राकट्योत्सव के प्रथम दिन मुखिया व समाजियों ने श्रीव्यासवाणी का सुस्वर रूप से समाज गायन किया गया। इसमें श्रीगुरु सुकुल सहचरी ध्याउं, दम्पति सुखरस सारं... श्रीवृंदावनधन वीथिन वीथिन, कुन्जनि कुन्जबिहारं.., जय जय जय श्रीव्यास शुक्ल कुल तन लियौ, अनुपम मार्ग बताय सबन निर्भय किंयौ.., परम धन राधा नाम अधार, जाहिं श्याम मुरली में टेरत सुमिरत बारम्बार... आदि पदों का गायन किया गया। समाज गायन सुन श्रद्धालु भावविभोर हो गए। इस अवसर पर सेवायत घनश्यामकिशोर गोस्वामी ने आगंतुकों का स्वागत अंगवस्त्र, माला एवं चंदन लगाकर किया।
धन्यवाद ज्ञापन जयकिशोर गोस्वामी ने किया। इस अवसर पर महंत रूपकिशोर दास मुखिया, मुखिया प्रेमदास, अभलबेली शरण, रसिक दास, गोपाल जी, उपेंद्र किशोर गोस्वामी, हेमकिशोर गोस्वामी, चंद्रकिशोर गोस्वामी, सुरेशचंद्र शर्मा, महंत मधुमंगल शरण दास शुक्ल, प्रदीप अग्रवाल, हरिदास अग्रवाल, हितकिशोर गोस्वामी, ललितकिशोर गोस्वामी, उत्कर्ष किशोर गोस्वामी आदि उपस्थित रहे।
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किशोरवन में प्राकट्योत्सव के प्रथम दिन मुखिया व समाजियों ने श्रीव्यासवाणी का सुस्वर रूप से समाज गायन किया गया। इसमें श्रीगुरु सुकुल सहचरी ध्याउं, दम्पति सुखरस सारं... श्रीवृंदावनधन वीथिन वीथिन, कुन्जनि कुन्जबिहारं.., जय जय जय श्रीव्यास शुक्ल कुल तन लियौ, अनुपम मार्ग बताय सबन निर्भय किंयौ.., परम धन राधा नाम अधार, जाहिं श्याम मुरली में टेरत सुमिरत बारम्बार... आदि पदों का गायन किया गया। समाज गायन सुन श्रद्धालु भावविभोर हो गए। इस अवसर पर सेवायत घनश्यामकिशोर गोस्वामी ने आगंतुकों का स्वागत अंगवस्त्र, माला एवं चंदन लगाकर किया।
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धन्यवाद ज्ञापन जयकिशोर गोस्वामी ने किया। इस अवसर पर महंत रूपकिशोर दास मुखिया, मुखिया प्रेमदास, अभलबेली शरण, रसिक दास, गोपाल जी, उपेंद्र किशोर गोस्वामी, हेमकिशोर गोस्वामी, चंद्रकिशोर गोस्वामी, सुरेशचंद्र शर्मा, महंत मधुमंगल शरण दास शुक्ल, प्रदीप अग्रवाल, हरिदास अग्रवाल, हितकिशोर गोस्वामी, ललितकिशोर गोस्वामी, उत्कर्ष किशोर गोस्वामी आदि उपस्थित रहे।
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