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Vrindavan: भक्तों पर टूट पड़ी मुसीबत...इस हाल में करने पड़े ठाकुरजी के दर्शन, एक युवती की बिगड़ गई तबीयत
Sat, 25 Jan 2025 10:30 PM IST
अरुन पाराशर
संंवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संंवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sat, 25 Jan 2025 10:30 PM IST
सार
निर्धारित समय पर पट खुलते ही श्रद्धालुओं के रेला ने मंदिर में प्रवेश किया। महोबा से परिजनों के साथ दर्शन करने आई एक युवती की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें चिकित्सक के पास ले गए।
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बांकेबिहारी मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
वृंदावन में ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में शनिवार सुबह से ही ठाकुरजी के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर की संकरी गलियों में भीड़ के दबाव और धक्का-मुक्की के बीच भक्तजन मंदिर पहुंचे और जयकारों के बीच दर्शन किए।
ठाकुर बांकेबिहारी के पट खुलने से पहले ही मंदिर के प्रवेश द्वार पर दर्शन करने की चाह लिए भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। देखते ही देखते मंदिर के प्रवेश द्वार से लेकर संकरी गलियों में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई। भक्तों ने राधे-राधे और बांकेबिहारी के जयकारों के बीच मंदिर के पट खुलने का इंतजार किया। निर्धारित समय पर पट खुलते ही श्रद्धालुओं के रेला ने मंदिर में प्रवेश किया।
दोपहर पट बंद होने तक मंदिर के चौक से लेकर गलियां श्रद्धालुओं से खचाखच भरी रहीं। इस बीच महिला, बुजुर्ग और छोटे बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा। छोटे बच्चों को परेशानी होने पर उनके परिजनों ने उन्हें भीड़ के दबाव से बचाव के लिए कंधों पर बैठा लिया। यही हाल शाम के समय मंदिर के पट खुलने के दौरान रहा।
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बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत आशीष गोस्वामी ने बताया कि शनिवार और रविवार को कार्यालयों का अवकाश होने पर दिल्ली एनसीआर और अन्य विभिन्न शहरों से श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं। रविवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आने की संभावना है।
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ठाकुर बांकेबिहारी के पट खुलने से पहले ही मंदिर के प्रवेश द्वार पर दर्शन करने की चाह लिए भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। देखते ही देखते मंदिर के प्रवेश द्वार से लेकर संकरी गलियों में श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई। भक्तों ने राधे-राधे और बांकेबिहारी के जयकारों के बीच मंदिर के पट खुलने का इंतजार किया। निर्धारित समय पर पट खुलते ही श्रद्धालुओं के रेला ने मंदिर में प्रवेश किया।
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दोपहर पट बंद होने तक मंदिर के चौक से लेकर गलियां श्रद्धालुओं से खचाखच भरी रहीं। इस बीच महिला, बुजुर्ग और छोटे बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा। छोटे बच्चों को परेशानी होने पर उनके परिजनों ने उन्हें भीड़ के दबाव से बचाव के लिए कंधों पर बैठा लिया। यही हाल शाम के समय मंदिर के पट खुलने के दौरान रहा।
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बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत आशीष गोस्वामी ने बताया कि शनिवार और रविवार को कार्यालयों का अवकाश होने पर दिल्ली एनसीआर और अन्य विभिन्न शहरों से श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं। रविवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आने की संभावना है।
भीड़ के दबाव से बिगड़ गई युवती की तबीयत।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दर्शन करने आई युवती की तबीयत बिगड़ी
बांकेबिहारी मंदिर को जाने वाली गली में भीड़ के बीच महोबा से परिजनों के साथ दर्शन करने आईं नेहा (27) पुत्री अनिल की अचानक तबीयत खराब हो गई। उन्हें घबराहट के साथ चक्कर आ गए। वह परिजनों के साथ गली में फलहारी बाबा के आश्रम के समीप रस्सा लगाकर पुलिस द्वारा लगाए गए बैरियर के समीप मंदिर की ओर जा रही थीं। युवती की तबीयत खराब होने पर परिजन चिकित्सकों के पास ले गए। जहां युवती की प्राथमिक उपचार के बाद हालत सामान्य हो सकी।
बांकेबिहारी मंदिर को जाने वाली गली में भीड़ के बीच महोबा से परिजनों के साथ दर्शन करने आईं नेहा (27) पुत्री अनिल की अचानक तबीयत खराब हो गई। उन्हें घबराहट के साथ चक्कर आ गए। वह परिजनों के साथ गली में फलहारी बाबा के आश्रम के समीप रस्सा लगाकर पुलिस द्वारा लगाए गए बैरियर के समीप मंदिर की ओर जा रही थीं। युवती की तबीयत खराब होने पर परिजन चिकित्सकों के पास ले गए। जहां युवती की प्राथमिक उपचार के बाद हालत सामान्य हो सकी।